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  "title": "केरल के 18वें अंतर्राष्ट्रीय वृत्तचित्र एवं लघु फिल्म महोत्सव में 31 फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक से शशि थरूर स्तब्ध",
  "summary": "तिरुवनंतपुरम में आयोजित होने जा रहे 18वें अंतर्राष्ट्रीय वृत्तचित्र एवं लघु फिल्म महोत्सव में 31 फिल्मों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अनुमति नहीं मिली है, जिस पर शशि थरूर ने कड़ा विरोध जताया है।",
  "content": "केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में अगले हफ्ते आयोजित होने जा रहे 18वें अंतर्राष्ट्रीय वृत्तचित्र एवं लघु फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित की जाने वाली 31 फिल्मों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से स्क्रीनिंग की अनुमति नहीं दी गई है। इस प्रशासनिक फैसले को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है और इसे चौंकाने वाला कदम बताया है।\n\nशशि थरूर ने जताई गहरी आपत्ति\nशशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा और इस निर्णय पर अपनी निराशा जाहिर की। उनका कहना था कि इस प्रतिष्ठित फिल्म समारोह के लिए विधिवत चुनी गई रचनाओं को अचानक प्रदर्शन की मंजूरी न मिलना समझ से परे है। थरूर ने कड़े शब्दों में कहा कि वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 31 फिल्मों की अनुमति रद्द किए जाने की जानकारी पाकर बेहद हैरान हैं। उन्होंने इस पूरे कदम को कला और स्वतंत्र अभिव्यक्ति के साथ एक तरह का विश्वासघात करार दिया।\n\nप्रशासनिक मंजूरी न मिलने का मामला\nतिरुवनंतपुरम में होने वाला यह आयोजन स्वतंत्र सिनेमा, सामाजिक मुद्दों पर बने वृत्तचित्रों और लघु फिल्मों के लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में गिना जाता है। ऐसे में अंतिम सूची में जगह बना चुकी इतनी बड़ी संख्या में फिल्मों को सरकारी मंजूरी न मिलना फिल्मकारों और आयोजकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nइस फैसले की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में नागरिकों और सिनेमा प्रेमियों ने थरूर के रुख का पुरजोर समर्थन किया और इसे युवा रचनाकारों की आवाज को दबाने की कोशिश बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।\n\nइसका आप पर असर\nफिल्मकारों, सांस्कृतिक प्रतिनिधियों और दर्शकों के लिए इस प्रशासनिक रोक से कार्यक्रम और स्वतंत्र सिनेमा की स्क्रीनिंग व्यवस्था सीधे प्रभावित होगी।\n\n• भारत में: देश भर के स्वतंत्र वृत्तचित्र निर्माताओं के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया और सख्त होने की चिंता बढ़ गई है। आगामी दिनों में अन्य सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी नियमों की स्पष्टता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।\n• केरल में: तिरुवनंतपुरम के इस प्रतिष्ठित महोत्सव में हिस्सा लेने आ रहे प्रतिनिधियों और दर्शकों को तय कार्यक्रम में बदलाव देखने को मिलेगा। जिन 31 फिल्मों को रोका गया है, उनके आधिकारिक स्लॉट खाली रहने या वैकल्पिक स्क्रीनिंग का इंतजार करने की स्थिति बन सकती है।\n• फिल्मकारों के लिए: प्रभावित निर्देशकों को अपनी कृतियों के प्रदर्शन के लिए नए विकल्प तलाशने होंगे। उन्हें भविष्य में आधिकारिक अनुमति के कानूनी और तकनीकी पहलुओं की दोबारा समीक्षा करनी पड़ सकती है।\n• दर्शकों के लिए: कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले संशोधित सूची की जांच करना जरूरी होगा। टिकट या पास धारकों को संबंधित स्क्रीनिंग की स्थिति आयोजकों की ओर से स्पष्ट की जाएगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कितनी फिल्मों को स्क्रीनिंग की अनुमति देने से इनकार किया है?\nमंत्रालय ने इस फिल्म महोत्सव के लिए चुनी गई 31 फिल्मों को प्रदर्शन की मंजूरी देने से मना कर दिया है।\n\n2. यह फिल्म महोत्सव कहां और किस संस्करण में आयोजित हो रहा है?\nयह 18वां अंतर्राष्ट्रीय वृत्तचित्र एवं लघु फिल्म महोत्सव है, जो केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित होना है।\n\n3. इस फैसले पर शशि थरूर ने क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की?\nशशि थरूर ने इस रोक पर हैरानी जताई और इसे स्वतंत्र अभिव्यक्ति के साथ विश्वासघात बताया।\n\n4. यह महोत्सव कब शुरू होने वाला है?\nयह महोत्सव तिरुवनंतपुरम में अगले हफ्ते शुरू होने के लिए निर्धारित है।\n\nनेता परिचय: शशि थरूर\n• पद: सांसद, तिरुवनंतपुरम\n• जन्म: 9 मार्च 1956, लंदन, यूके\n• पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस\n• शिक्षा: फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी\n\n2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007)\n• सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से)\n• विदेश राज्य मंत्री (2009–2010)\n• विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष\n• 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता\n\nरोचक तथ्य\n• 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे।\n• 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-09-21",
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