# लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री के साहस और सादगी को किया नमन

> पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके अद्वितीय कर्तव्यबोध और ईमानदारी को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभर में विभिन्न नेताओं और नागरिकों ने भी शास्त्री जी के योगदान को नमन किया।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/lala-bahadura-shastri-jaynti-para-rajanatha-sinha-ne-purva-pradhanamntri-ke-sahasa-aura-sadagi-ko-kiya-namana-41608 · **Language:** Hindi
**Tags:** rajnathsingh

भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर देश भर में उन्हें कृतज्ञतापूर्वक याद किया गया। दो अक्टूबर को महात्मा गांधी के साथ ही शास्त्री जी की जयंती भी पूरे सम्मान के साथ मनाई जा रही है। नई दिल्ली में समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाने के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और सामाजिक संगठनों ने पूर्व प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया।

## राजनाथ सिंह ने शास्त्री जी के दृढ़ संकल्प को सराहा
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। उन्होंने शास्त्री जी के जीवन मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि वे उच्च आदर्शों, असाधारण कर्तव्यबोध और अटूट ईमानदारी के सच्चे प्रतीक थे। राजनाथ सिंह के अनुसार, शास्त्री जी का समग्र जीवन सादगी और अटूट संकल्प शक्ति का एक अनुपम उदाहरण था, जिसमें स्वभाव की स्वाभाविक विनम्रता के साथ देश हित में कड़े फैसले लेने का अद्भुत साहस भी समाहित था।

## देशभर में जयंती पर कार्यक्रमों का तांता
गांधी और शास्त्री जयंती के मौके पर देशभर के विभिन्न हिस्सों में अनेक गरिमामय आयोजनों का सिलसिला देखा गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों महान विभूतियों के विचारों को आज के दौर में भी बेहद प्रासंगिक बताया। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिकों से शास्त्री जी और गांधी जी के बताए सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया। राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समाधि स्थलों पर जाकर देश के इन अमर नायकों को नमन किया। इसके अलावा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक मंचों पर संगोष्ठियों तथा व्याख्यानों के जरिए उनके द्वारा स्थापित उच्च नैतिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

## कौन थे लाल बहादुर शास्त्री
लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने नौ जून उन्नीस सौ चौंसठ से ग्यारह जनवरी उन्नीस सौ छियासठ तक देश का नेतृत्व किया। अपने लगभग अठारह महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में उन्होंने गंभीर चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया। शास्त्री जी ने अपनी उच्च शिक्षा काशी विद्यापीठ से पूरी की, जहाँ से उन्हें शास्त्री की उपाधि प्राप्त हुई थी। स्वतंत्रता के उपरांत उत्तर प्रदेश सरकार में गोविंद बल्लभ पंत के मंत्रिमंडल में वे पुलिस और परिवहन मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक सेवा में पहली बार महिला बस कंडक्टरों की नियुक्ति की और भीड़ नियंत्रण के लिए लाठीचार्ज के विकल्प के रूप में पानी की बौछार तकनीक की शुरुआत की। उन्नीस सौ इक्यावन में वे कांग्रेस पार्टी के महासचिव बने और उन्नीस सौ बावन, उन्नीस सौ सत्तावन तथा उन्नीस सौ बासठ के आम चुनावों में पार्टी को संगठनात्मक मजबूती प्रदान करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

## जनता की प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह के इस संदेश पर आम लोगों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। नागरिकों ने पूर्व प्रधानमंत्री के अमर उद्घोष जय जवान जय किसान को याद करते हुए उनकी निस्वार्थ देशसेवा और जीवन की सादगी के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।

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## इसका आप पर असर
लाल बहादुर शास्त्री जयंती का यह राष्ट्रीय स्मरण नागरिकों को सादगी और निष्ठापूर्ण शासन के मूल्यों से पुनः जोड़ता है।

- **नागरिक चेतना:** देश भर में आयोजित व्याख्यानों और शैक्षणिक कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को शास्त्री जी के नैतिक जीवन और प्रशासनिक सुधारों से सीखने का अवसर मिलता है। इससे सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
- **कृषि और रक्षा का सम्मान:** शास्त्री जी के प्रसिद्ध नारे जय जवान जय किसान के पुनः स्मरण से देश की रक्षा प्रणाली और अन्नदाताओं के प्रति सामूहिक सम्मान सुदृढ़ होता है। यह नीतिगत प्राथमिकताओं में कृषि सुरक्षा और सीमा सुरक्षा को रेखांकित करता है।
- **प्रशासनिक सीख:** पुलिस व्यवस्था में मानवीय तरीकों के प्रयोग और सार्वजनिक सेवाओं में महिलाओं के समावेशन जैसे उनके ऐतिहासिक फैसले आज भी नीति निर्माताओं को समावेशी प्रशासन की प्रेरणा देते हैं। इनसे शासन में जनहितैषी नवाचारों को बढ़ावा मिलता है।
- **राष्ट्रीय एकता:** राष्ट्र के प्रमुख नेताओं द्वारा शास्त्री जी को दी गई संयुक्त श्रद्धांजलि देश में साझा राष्ट्रीय धरोहर और ऐतिहासिक नेतृत्व के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करती है। यह समाज में आपसी सद्भाव को पोषित करती है।

## सवाल-जवाब

### 1. राजनाथ सिंह ने लाल बहादुर शास्त्री के बारे में क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने शास्त्री जी को नमन करते हुए उनके जीवन को ईमानदारी, उच्च आदर्शों, असाधारण कर्तव्यबोध और अद्भुत साहस का अद्वितीय उदाहरण बताया।

### 2. लाल बहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री कब से कब तक रहे?
शास्त्री जी नौ जून उन्नीस सौ चौंसठ से ग्यारह जनवरी उन्नीस सौ छियासठ को अपने निधन तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमंत्री रहे।

### 3. शास्त्री जी को शास्त्री की उपाधि कहाँ से मिली थी?
उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा काशी विद्यापीठ से पूरी की थी, जहाँ उन्हें शास्त्री की उपाधि प्रदान की गई थी।

### 4. उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री के रूप में शास्त्री जी ने क्या महत्वपूर्ण कदम उठाया था?
परिवहन मंत्री के रूप में उन्होंने पहली बार महिलाओं को बस संवाहक यानी कंडक्टर के रूप में नियुक्त करने की पहल की थी।

### 5. भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस मंत्री रहते हुए उन्होंने क्या बदलाव किया था?
पुलिस मंत्री के कार्यकाल में उन्होंने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज के स्थान पर पानी की बौछार तकनीक का प्रयोग शुरू कराया था।

### 6. शास्त्री जी ने कांग्रेस पार्टी के महासचिव पद की जिम्मेदारी कब संभाली?
उन्हें उन्नीस सौ इक्यावन में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अखिल भारत कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त किया गया था।

## नेता परिचय: राजनाथ सिंह
- **पद:** केंद्रीय रक्षा मंत्री
- **जन्म:** 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** भौतिकी में एमएससी

2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002)
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14)
- केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019)
- केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से)
- लखनऊ से सांसद

### रोचक तथ्य
- राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे।
- 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे।


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