मनीला में पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री से मिले एस जयशंकर, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा एस जयशंकर ने फिलीपींस में पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री जस्टिन डब्ल्यू टकाचेंको के साथ अहम बैठक की। इस बातचीत में द्विपक्षीय साझेदारी और FIPIC के जरिए सहयोग बढ़ाने पर मुख्य रूप से जोर दिया गया। एस जयशंकर ने पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री जस्टिन डब्ल्यू टकाचेंको के साथ एक अहम बैठक की है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात फिलीपींस की राजधानी मनीला में हुई, जहां ASEAN से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशांत क्षेत्र में मजबूत होगी साझेदारी इस विशेष मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के मुख्य बिंदुओं में फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) का मुद्दा खास तौर पर शामिल रहा। इस मंच के जरिए प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों के बीच आपसी सहयोग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। बैठक के संपन्न होने के बाद एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ संबंधों पर जोर देते हुए उन्होंने लिखा, "भारत प्रशांत द्वीप देशों के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार खड़ा है।" सवाल-जवाब 1. एस जयशंकर ने मनीला में किससे मुलाकात की? उन्होंने पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री जस्टिन डब्ल्यू टकाचेंको से मुलाकात की। 2. एस जयशंकर और पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री के बीच बैठक कहां हुई? दोनों नेताओं के बीच यह अहम बैठक फिलीपींस की राजधानी मनीला में हुई। 3. इस मुलाकात के दौरान चर्चा का मुख्य विषय क्या था? दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की, जिसमें फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) के जरिए साझेदारी मजबूत करना शामिल है। 4. प्रशांत द्वीप देशों के बारे में एस जयशंकर ने क्या बयान दिया? उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत प्रशांत द्वीप देशों के साथ साझेदारी करने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है। नेता परिचय: एस. जयशंकर • पद: विदेश मंत्री • जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी 2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चीन में राजदूत (2009–2013) • अमेरिका में राजदूत (2013–2015) • भारत के विदेश सचिव (2015–2018) • विदेश मंत्री (2019 से) • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका रोचक तथ्य • विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। • चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे। https://trendkia.com/neta-ji/manila-men-papua-nyu-gini-ke-videsha-mntri-se-mile-esa-jayashnkara-dvipakshiya-snbndhon-para-hui-charcha-10024 TrendKia — Har trend, sabse pehle.