# मनीला में वांग यी से मिले एस जयशंकर, कहा, भारत और चीन के बीच रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं

> भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मनीला में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में धीरे-धीरे हो रहे सुधार का जिक्र करते हुए व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अहम मुद्दे उठाए।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-07-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/manila-men-vanga-yi-se-mile-esa-jayashnkara-kaha-bharata-aura-china-ke-bicha-rishte-dhire-dhire-samanya-ho-rahe-hain-9760 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

एक अहम भू-राजनीतिक घटनाक्रम में, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मनीला में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ खास बातचीत की। यह मुलाकात दोनों एशियाई पड़ोसियों के बीच संबंधों को स्थिर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली और बीजिंग के बीच रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

## व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर अहम संदेश

इस उच्च स्तरीय बातचीत के दौरान, भारतीय राजनयिक ने कई गंभीर आर्थिक मुद्दे भी उठाए। खबरों के मुताबिक, जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष को तीन प्रमुख चिंताएं साफ तौर पर बताईं। इनमें बढ़ता व्यापार घाटे, भारतीय कारोबारियों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच की जरूरत और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला का महत्व शामिल है। ये आर्थिक पहलू कूटनीतिक संवाद का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं, क्योंकि दोनों देश अपनी जटिल द्विपक्षीय गतिशीलता को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।

## सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी

इस कूटनीतिक मुलाकात के बाद, जयशंकर ने अपना नजरिया साझा करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया। उन्होंने मनीला में चीनी पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री के साथ हुई बैठक से अपने शुरुआती संबोधन का एक वीडियो पोस्ट किया। इस सार्वजनिक पोस्ट ने मनीला शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के कूटनीतिक रुख की एक पारदर्शी झलक पेश की।

## जनता की प्रतिक्रिया

मंत्री के इन कूटनीतिक प्रयासों को लेकर इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रिया काफी हद तक सकारात्मक रही। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनके स्पष्ट और शांत रवैये की तारीफ की और वैश्विक मंच पर उनकी मजबूत उपस्थिति को सराहा। कई लोगों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि जटिल द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत और आपसी समझ ही आगे बढ़ने का सबसे सही रास्ता है।

>

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** चीन के साथ तनाव कम होने से व्यापार आसान हो सकता है, जिससे आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग के सामान की कीमतें स्थिर रह सकती हैं।

- **कारोबारियों के लिए:** बाजार तक पहुंच के मुद्दे पर बातचीत से आगे चलकर भारतीय निर्यातकों के लिए चीनी बाजार में नए मौके खुल सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. एस जयशंकर और वांग यी की मुलाकात कहां हुई?
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने के लिए मनीला में मुलाकात की।

### 2. भारत और चीन के संबंधों पर जयशंकर ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि तनाव के दौर के बाद भारत और चीन के बीच रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

### 3. बैठक के दौरान किन आर्थिक मुद्दों पर चर्चा हुई?
जयशंकर ने बढ़ते व्यापार घाटे, भारतीय कारोबारियों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला की जरूरत को लेकर चिंताएं उठाईं।

### 4. इस कूटनीतिक मुलाकात पर जनता की क्या प्रतिक्रिया रही?
सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही, जहां कई लोगों ने जयशंकर के कूटनीतिक रवैये की तारीफ की और लगातार बातचीत का समर्थन किया।

## नेता परिचय: एस. जयशंकर
- **पद:** विदेश मंत्री
- **जन्म:** 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी

2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चीन में राजदूत (2009–2013)
- अमेरिका में राजदूत (2013–2015)
- भारत के विदेश सचिव (2015–2018)
- विदेश मंत्री (2019 से)
- भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका

### रोचक तथ्य
- विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
- चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।


---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._