# नरेंद्र मोदी ने मोहन भागवत के शताब्दी विजयदशमी भाषण की सराहना की

> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर में शताब्दी वर्ष श्री विजयदशमी उत्सव के दौरान आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के संबोधन को बेहद प्रेरणादायक बताया है।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/narendra-modi-ne-mohana-bhagavata-ke-shatabdi-vijayadashami-bhashana-ki-sarahana-ki-49664 · **Language:** Hindi
**Tags:** narendramodi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर नागपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष श्री विजयदशमी उत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के संबोधन को अत्यंत प्रेरणादायक करार दिया है। प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक हैंडल से एक पोस्ट साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर दिया गया यह भाषण देश की वर्तमान दिशा और भविष्य के संकल्पों को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।

## राष्ट्रीय प्रगति और सामाजिक एकजुटता पर जोर

डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन के दौरान देश के समग्र विकास, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय प्रगति से जुड़े तमाम अहम पहलुओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए समाज के भीतर आपसी एकता और सामंजस्य का होना कितना जरूरी है। उनके इस विमर्श में राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों की अनिवार्यता को स्पष्ट रूप से प्रमुखता दी गई।

## आत्मनिर्भरता और शताब्दी वर्ष का महत्व

अपने विस्तृत भाषण में आरएसएस प्रमुख ने आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला, ताकि देश आंतरिक रूप से और अधिक मजबूत हो सके। यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने सौ साल के सफर का जश्न मना रहा है, जिसे शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पड़ाव पर आयोजित विजयदशमी उत्सव ने देश भर के स्वयंसेवकों और नागरिकों को राष्ट्र हित में एकजुट होकर कार्य करने का नया संदेश दिया है।

## जनता की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री के इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कई लोगों ने इस संबोधन को देशहित और वैचारिक मजबूती के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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## इसका आप पर असर
इस घटनाक्रम का सीधा असर राजनीतिक विमर्श और सामाजिक चर्चाओं पर पड़ता है, जहां देश की दिशा और नीतियों को लेकर बड़े विचार सामने आते हैं।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** यह संबोधन देश भर में सामाजिक एकता, राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भरता के मुद्दों पर नई बहस और चिंतन को बढ़ावा देता है।

- **सार्वजनिक जीवन में:** इससे राजनीतिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संगठन के शताब्दी वर्ष के दौरान वैचारिक प्राथमिकताओं को समझने में मदद मिलती है।

## सवाल-जवाब

### 1. नरेंद्र मोदी ने किस कार्यक्रम की सराहना की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष श्री विजयदशमी उत्सव की सराहना की।

### 2. यह संबोधन किसने दिया था?
यह संबोधन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने दिया था।

### 3. भाषण में किन मुख्य विषयों पर चर्चा हुई?
भाषण में राष्ट्रीय प्रगति, सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

### 4. यह कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम नागपुर में आयोजित किया गया था।

## नेता परिचय: नरेंद्र मोदी
- **पद:** भारत के प्रधानमंत्री
- **जन्म:** 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** राजनीति विज्ञान में एमए

2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक
- गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014)
- भारत के प्रधानमंत्री (2014 से)
- 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया
- स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया

### रोचक तथ्य
- चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने।
- 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया।


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