# नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने एस. जयशंकर और अमित शाह से की नई दिल्ली में मुलाकात

> बिम्सटेक बैठक के सिलसिले में भारत यात्रा पर पहुंचे नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और गृह मंत्री अमित शाह से द्विपक्षीय मसलों पर चर्चा की।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/nepala-ke-griha-mntri-sudhana-gurunga-ne-esa-jayashnkara-aura-amita-shaha-se-ki-new-delhi-men-mulakata-47368 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के तहत भारत पहुंचे हैं, जहां उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत की। सुधन गुरुंग बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आए हैं। इस दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच क्षेत्रीय सहयोग, सीमा सुरक्षा और दोनों पड़ोसी मुल्कों के कूटनीतिक रिश्तों को मजबूती देने पर विचार विमर्श हुआ।

## विदेश मंत्री एस. जयशंकर से कूटनीतिक बातचीत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया कि नेपाल के गृह मंत्री से मिलना सुखद रहा। इस उच्चस्तरीय संवाद में दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी साझेदारी और क्षेत्रीय मामलों पर संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। नेपाल और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों को मौजूदा दौर की प्राथमिकताओं के साथ आगे ले जाने के लिए यह वार्ता अहम मानी जा रही है।

## अमित शाह के साथ सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर मंथन
गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई अलग बैठक में सीमा प्रबंधन और सुरक्षा प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सीमा पार अपराध पर प्रभावी रोक लगाने, सुरक्षा तालमेल को सुदृढ़ करने और आपसी सहयोग को और बेहतर बनाने पर सहमति जताई। इसके अलावा, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के आगामी संभावित भारत दौरे की तैयारियों और उससे जुड़े पहलुओं को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच संवाद हुआ।

## जनता की प्रतिक्रिया
इस मुलाकात के सार्वजनिक होने के बाद आम लोगों की ओर से मिलीजुली राय सामने आई। कुछ लोगों ने इसे भारत और नेपाल के रिश्तों में प्रगाढ़ता लाने वाला कदम बताया, तो कई नागरिकों ने बेहतर हवाई कनेक्टिविटी और सीधी रेल सेवा जैसी बुनियादी परियोजनाओं पर ठोस काम करने की आवश्यकता रेखांकित की।

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## इसका आप पर असर
इस द्विपक्षीय बातचीत से दोनों देशों के नागरिकों के लिए सीमावर्ती सुरक्षा और कूटनीतिक आवागमन में बेहतर तालमेल की उम्मीद बंधी है।

- **भारत में:** सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत होने से सीमा पार गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगेगी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और औपचारिक संपर्क अधिक सुरक्षित होंगे।
- **नेपाल में:** उच्चस्तरीय बैठकों से आगामी द्विपक्षीय समझौतों और प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा की राह सुगम होगी। साथ ही बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के मसलों पर संवाद तेज होने के आसार हैं।
- **सीमावर्ती इलाकों में:** खुली सीमा पर अपराध नियंत्रण के कड़े कदमों से स्थानीय निवासियों की दैनिक सुरक्षा बेहतर होगी। इससे शांति और वाणिज्यिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
- **यात्रियों और व्यापारियों के लिए:** दोनों देशों के बीच औपचारिक संवाद जारी रहने से आवागमन की सुगमता बनी रहेगी। भविष्य में परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता मिल सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग भारत क्यों आए हैं?
सुधन गुरुंग बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत पहुंचे हैं।

### 2. सुधन गुरुंग ने नई दिल्ली में किन भारतीय नेताओं से मुलाकात की?
उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अलग-अलग मुलाकात की।

### 3. गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
अमित शाह के साथ सीमा सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के संभावित भारत दौरे पर चर्चा हुई।

### 4. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मुलाकात को लेकर क्या कहा?
एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिलना उनके लिए सुखद रहा।

## नेता परिचय: एस. जयशंकर
- **पद:** विदेश मंत्री
- **जन्म:** 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी

2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चीन में राजदूत (2009–2013)
- अमेरिका में राजदूत (2013–2015)
- भारत के विदेश सचिव (2015–2018)
- विदेश मंत्री (2019 से)
- भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका

### रोचक तथ्य
- विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
- चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।


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