नेपाल में जलप्रलय से मची तबाही के बीच भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, अमित शाह ने यूपी और बिहार के मुख्यमंत्रियों संग की बैठक नेपाल में भीषण बाढ़ से भारी जनहानि के बाद केंद्र सरकार ने राहत कार्य में सहयोग का आश्वासन दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बात कर NDRF को अलर्ट पर रखा है। नेपाल में भारी बारिश के कारण आई विनाशकारी बाढ़ से भयंकर तबाही हुई है, जिसमें करीब 95 लोगों की जान चली गई है और 105 भारतीय नागरिकों समेत 500 से अधिक लोग लापता हैं। इस भीषण संकट के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में हुए भारी नुकसान पर गहरा दुख जताया है और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस कठिन घड़ी में भारत सरकार अपने पड़ोसी देश नेपाल के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। इसके साथ ही भारत के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे से निपटने के लिए गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की है और सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए हैं। नेपाल में जलप्रलय से मची तबाही और भारत की राहत पहल नेपाल के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश के बाद जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई है। कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं और उनका जलस्तर खतरे के निशान से बहुत ऊपर चला गया है, जिससे रिहाइशी बस्तियां और बाजार पानी में डूब गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ स्थानों पर पानी का स्तर होटलों से लगभग 50 मीटर ऊपर तक पहुंच गया, जिसके कारण पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। इस प्राकृतिक आपदा के चलते तिब्बत सीमा के पास लगभग 700 से अधिक लोग फंसे हुए हैं, जिनमें आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव का एक दल भी शामिल है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की और तुरंत भारतीय वायु सेना के विमानों के जरिए खाद्य सामग्री और जरूरी राहत सामान भेजा है। सीमावर्ती राज्यों में हाई अलर्ट पर NDRF नेपाल की पहाड़ियों से निकलने वाली नदियां सीधे भारत के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं, इसलिए नेपाल में जलस्तर बढ़ने का सीधा असर भारतीय क्षेत्रों पर पड़ता है। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने तुरंत कदम उठाए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संपर्क कर स्थिति का जायजा लिया। नेपाल से आने वाली नदियों के कारण उत्तर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई सीमावर्ती जिलों में जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने, जलभराव को रोकने और त्वरित बचाव कार्य चलाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीमों को हाई अलर्ट पर तैनात कर दिया गया है। वैज्ञानिकों की जांच और दूसरे हिमस्खलन का खतरा पर्यावरण विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हुई भारी बारिश के साथ-साथ बड़े भूस्खलन और हिमस्खलन इस अचानक आई बाढ़ की मुख्य वजह हो सकते हैं। नेपाल के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के कारण एक और बाढ़ आने का जोखिम बना हुआ है, जिसकी वैज्ञानिक टीमें गहन जांच कर रही हैं। इस तबाही के बीच आपदा में फंसे लोगों के साहसी बचाव की खबरें भी सामने आ रही हैं। उदाहरण के लिए, नेपाल में काम कर रहा एक मजदूर बाढ़ के तेज बहाव में बहने के दौरान एक आम के पेड़ को पकड़कर घंटों तक लटका रहा और किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब हुआ। उत्तर प्रदेश के बारे में उत्तर प्रदेश जनसंख्या के दृष्टिकोण से भारत का सबसे बड़ा राज्य है और देश के उत्तर-पूर्वी मैदानी भाग में स्थित है। कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर यह भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य माना जाता है। इस राज्य की प्रशासनिक और विधायी राजधानी लखनऊ है, जबकि प्रयागराज इसकी न्यायिक राजधानी है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर इस प्रदेश के अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक शहर हैं। उत्तर प्रदेश की सीमाएं भारत के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड से मिलती हैं। इसके अलावा राज्य की उत्तरी सीमा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल देश के साथ जुड़ी हुई है, जिसके कारण नेपाल में होने वाली हर प्राकृतिक हलचल का सीधा प्रभाव उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर पड़ता है। जनता की प्रतिक्रिया गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नेपाल को सहायता देने और सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा इंतजाम करने के बयान पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग राय व्यक्त की। अधिकांश लोगों ने पड़ोसी देश नेपाल के साथ भारत के पौराणिक और सांस्कृतिक संबंधों की सराहना करते हुए सरकारी मदद का समर्थन किया। वहीं कुछ नागरिकों ने उत्तर बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ का हवाला देते हुए नदी तटबंधों की मरम्मत, जल निकासी के स्थायी समाधान और स्थानीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसका आप पर असर नेपाल में भारी बारिश के कारण सीमावर्ती भारतीय राज्यों में जलस्तर बढ़ने और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। • भारत में: केंद्र सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी के लिए सहायता शुरू की है। तिब्बत और नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों के परिजन हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। • उत्तर प्रदेश और बिहार में: नेपाल की नदियों से सटे निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। राज्य सरकारों ने नदी तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह के कटाव को तुरंत रोका जा सके। • राहत एवं बचाव बल: NDRF की टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है। आपात स्थिति पैदा होने पर प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में तुरंत भोजन और चिकित्सा सहायता पहुंचाई जाएगी। • यात्रियों के लिए सलाह: नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों और श्रद्धालुओं को फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा स्थगित करने का निर्देश दिया गया है। सीमा पार सड़क मार्गों पर यातायात बाधित होने से यात्रा में गंभीर देरी हो सकती है। सवाल-जवाब 1. नेपाल में आई बाढ़ के संबंध में गृह मंत्री अमित शाह ने क्या कहा? अमित शाह ने नेपाल में हुए जान-माल के नुकसान पर शोक जताया और कहा कि भारत सरकार इस संकट में नेपाल के साथ खड़ी है। उन्होंने राहत कार्यों के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की। 2. नेपाल बाढ़ में कितने लोग प्रभावित हुए हैं? बाढ़ के कारण नेपाल में लगभग 95 लोगों की मौत हो चुकी है और 105 से अधिक भारतीयों समेत 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। 3. भारत सरकार ने नेपाल के लिए क्या कदम उठाए हैं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भारत ने हवाई जहाज से आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेजी है और दूतावास सहायता प्रदान कर रहा है। 4. सीमावर्ती भारतीय राज्यों में सुरक्षा के लिए क्या किया गया है? केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश और बिहार में NDRF की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि जलस्तर बढ़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। 5. बाढ़ आने का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है? वैज्ञानिकों के अनुसार मूसलाधार बारिश, पहाड़ों में भूस्खलन और संभावित हिमस्खलन इस भीषण बाढ़ के मुख्य कारण हैं। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। 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