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  "title": "नई दिल्ली घोषणापत्र के साथ संपन्न हुआ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, नरेंद्र मोदी ने नेताओं का जताया आभार",
  "summary": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल और परिणाम-उन्मुख रहने पर सभी वैश्विक नेताओं का शुक्रिया अदा किया है। इस दो दिवसीय आयोजन में वैश्विक दक्षिण और शांति के एजेंडे को प्रमुखता दी गई।",
  "content": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बेहद उत्पादक और परिणाम-केंद्रित रहने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दूसरे दिन कई अहम सत्रों और वार्ताओं का दौर चला, जिसमें दुनिया भर के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया।\n\n \n\nब्रिक्स शिखर सम्मेलन के प्रमुख आयाम\n\nभारत मंडपम में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त तोकायेव और बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन रशीद अल जायनी समेत कई वैश्विक शख्सियतें भारत पहुंचीं। सम्मेलन के दौरान नेताओं ने लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता जैसे अहम विषयों पर खुलकर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के तहत करीब 15 द्विपक्षीय बैठकें भी पूरी कीं, जिन्होंने कूटनीतिक स्तर पर इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।\n\n \n\nनई दिल्ली घोषणापत्र और वैश्विक दक्षिण की गूंज\n\nइस वर्ष के सम्मेलन में सर्वसम्मति से पारित नई दिल्ली घोषणापत्र ने समूह की बढ़ती परिपक्वता और वैश्विक मंच पर भारत के नेतृत्व को रेखांकित किया है। सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने इस घोषणापत्र की सराहना करते हुए कहा कि यह वैश्विक दक्षिण के हितों और शांति के एजेंडे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। ब्रिक्स समूह के 20 साल पूरे होने के इस अवसर पर इसे एक नए परिपक्वता चरण के रूप में देखा जा रहा है।\n\n \n\nजनता की प्रतिक्रिया\n\nइस सम्मेलन और प्रधानमंत्री के संदेश के बाद सोशल मीडिया पर आम जनता और समर्थकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कई लोगों ने भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत और वैश्विक नेतृत्व की सराहना की।\n\nइसका आप पर असर\nइस शिखर सम्मेलन के फैसलों और नई दिल्ली घोषणापत्र का असर देश की कूटनीतिक स्थिति और वैश्विक व्यापारिक नीतियों पर लंबे समय तक दिखाई देगा।\n\n• भारत में: नई दिल्ली घोषणापत्र और वैश्विक दक्षिण के एजेंडे से देश की अंतरराष्ट्रीय साख मजबूत हुई है, जिसका असर भविष्य के आर्थिक और रणनीतिक समझौतों पर पड़ेगा।\n\n• आम नागरिकों पर: इस बड़े कूटनीतिक आयोजन से वैश्विक स्तर पर भारत की छवि और मजबूत हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देशवासियों का प्रतिनिधित्व और अधिक प्रभावी हुआ है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कहां आयोजित किया गया था?\nयह शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया था।\n\n2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर क्या संदेश दिया?\nउन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को बेहद उत्पादक और परिणाम-उन्मुख बनाने के लिए सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया।\n\n3. शिखर सम्मेलन के दौरान कौन से प्रमुख दस्तावेज को अहम माना गया?\nनई दिल्ली घोषणापत्र को इस सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर माना गया है।\n\n4. सम्मेलन में किन विदेशी मेहमानों ने हिस्सा लिया?\nकजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त तोकायेव और बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन रशीद अल जायनी ने इस सम्मेलन में भाग लिया।\n\nनेता परिचय: नरेंद्र मोदी\n• पद: भारत के प्रधानमंत्री\n• जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: राजनीति विज्ञान में एमए\n\n2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक\n• गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014)\n• भारत के प्रधानमंत्री (2014 से)\n• 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया\n• स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया\n\nरोचक तथ्य\n• चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने।\n• 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-09-13",
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