# नीट विवाद: छात्रों के संसद मार्च पर आंसू गैस से भड़के अखिलेश यादव, कहा- भाजपा का अंत निश्चित

> संसद भवन के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश की आज़ादी पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि युवाओं की आवाज़ दबाने वाली भाजपा का अंत अब तय है।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/nita-vivada-chhatron-ke-snsada-marcha-para-ansu-gaisa-se-bharake-akhilesha-yadava-kaha-bhajapa-ka-anta-nishchita-9145 · **Language:** Hindi
**Tags:** yadavakhilesh

समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने देश में चल रहे छात्र आंदोलनों और उन पर हुई पुलिस की सख्त कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार निशाना साधा है। राजधानी में संसद भवन के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और लाठीचार्ज की घटनाओं के बाद, अखिलेश यादव ने देश की आज़ादी और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को घेरा है और दावा किया है कि इस तरह के दमनकारी कदमों से भाजपा का अंत अब पूरी तरह से निश्चित हो गया है। समाजवादी पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे इस संघर्ष में पूरी तरह छात्रों के साथ हैं।

## संसद मार्च और छात्रों का उग्र प्रदर्शन
हाल के हफ्तों में देश भर में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर छात्रों के बीच भारी असंतोष देखा जा रहा है। नीट (NEET) परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने की मांग और विभिन्न भर्तियों की लंबित वेटिंग लिस्ट जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में छात्रों ने एकजुट होकर राजधानी में संसद भवन की ओर एक बड़ा मार्च निकाला। इस विशाल और अभूतपूर्व आंदोलन ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कड़े बल प्रयोग का सहारा लिया। हालात को काबू में करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को मजबूरन छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागने पड़े और उन पर जमकर लाठियां बरसानी पड़ीं। अपने भविष्य और रोजगार को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जायज़ मांगें रखने आए युवाओं पर हुई इस पुलिसिया कार्रवाई ने देश भर में एक नई राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि वे केवल एक निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का प्रयास कर रहा है।

## 'भाजपा ख़त्म': अखिलेश यादव का तीखा प्रहार
छात्रों पर हुई इस पुलिसिया कार्रवाई के तुरंत बाद, अखिलेश यादव ने एक्स (X) पर अपनी गहरी नाराजगी और आक्रोश ज़ाहिर किया। उन्होंने सरकार की कार्यशैली और पुलिस की बर्बरता की तीखी आलोचना करते हुए लिखा, "जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़, तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद? भाजपा ख़त्म!" इस छोटे लेकिन बेहद तीखे और प्रभावशाली संदेश के जरिए उन्होंने यह जताने की कोशिश की है कि जिस लोकतांत्रिक देश में युवा और बच्चे अपने हक की बात खुलकर नहीं कह सकते, वहां असली मायनों में स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने भी यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे सड़क से लेकर संसद भवन तक छात्रों और युवाओं के हर संघर्ष में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। अखिलेश यादव का यह ताज़ा बयान स्पष्ट रूप से युवाओं के भारी गुस्से को एक राजनीतिक आवाज़ देने और सत्तारूढ़ दल को जनता की अदालत में कटघरे में खड़ा करने की एक बड़ी और सोची-समझी कोशिश मानी जा रही है।

## बच्चों के अधिकारों की वैश्विक गूंज
युवाओं और बच्चों द्वारा अपने सुरक्षित भविष्य के लिए आवाज़ उठाने का यह महत्वपूर्ण मुद्दा अब सिर्फ भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी यह एक बेहद संवेदनशील और गंभीर विषय बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की हालिया खबरों के मुताबिक, 25 फरवरी 2026 को सामने आई एक रिपोर्ट में यह गहराई से बताया गया था कि युद्ध से बुरी तरह प्रभावित ग़ाज़ा में भी छोटे बच्चे अपने बेहतर भविष्य और शांतिपूर्ण जीवन के लिए लगातार अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। दुनिया के सबसे कठिन, संघर्षपूर्ण और जानलेवा हालात में भी जब बच्चे अपने बुनियादी अधिकारों के लिए निडर होकर खड़े हो रहे हैं, तो एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में अपने भविष्य के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज़ को इस तरह पुलिस बल से दबाना कई बड़े लोकतांत्रिक सवाल खड़े करता है। यह तुलना साफ दर्शाती है कि चाहे वह दुनिया के किसी भी देश या समाज का हिस्सा हो, आज की नई पीढ़ी अपने सुरक्षित, निष्पक्ष और उज्ज्वल भविष्य के लिए किसी भी हद तक जाकर अपनी बात मजबूती से रखने को पूरी तरह से तैयार है।

## जनता की प्रतिक्रिया और राजनीतिक घमासान
अखिलेश यादव के इस आक्रामक पोस्ट के तुरंत बाद सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर आम जनता की बेहद मिली-जुली और काफी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के इस मुखर रुख का खुलकर समर्थन किया है और कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ हो रहा यह खिलवाड़ अब हर हाल में बंद होना चाहिए। वहीं, दूसरी ओर आलोचकों ने अखिलेश यादव को उनके अपने पुराने शासनकाल की कड़वी याद दिलाते हुए उन पर जमकर और तीखा पलटवार किया है। विरोधियों का स्पष्ट कहना है कि जब उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार थी, तब राजधानी लखनऊ और गोरखपुर जैसे शहरों में परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल, पेपर लीक और विभिन्न भर्ती घोटाले रोजमर्रा की बात हुआ करते थे। कुछ नागरिकों ने केंद्र सरकार का मजबूती से बचाव करते हुए यह तर्क भी दिया है कि वर्तमान प्रशासन नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कदम उठा रहा है, जबकि विपक्षी दल केवल कुछ नाकाम और निराश छात्रों को भड़काकर महज़ अपनी वोट बैंक की राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं। इन सबके बीच, कुछ छात्रों ने सीधे तौर पर सभी राजनीतिक दलों की कार्यप्रणाली से गहरी निराशा जताते हुए कहा है कि असल में कोई भी पार्टी उनकी वास्तविक समस्याओं और लंबित वेटिंग लिस्ट के अहम मुद्दों पर पूरी गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।

>

## इसका आप पर असर
- **छात्रों के लिए:** नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह विवाद परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भविष्य में होने वाले संभावित बदलावों का अहम संकेत देता है।
- **आम नागरिकों के लिए:** राजधानी में संसद भवन के आसपास ऐसे बड़े प्रदर्शन और भारी पुलिस कार्रवाई से स्थानीय यातायात तथा दैनिक कानून व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।

## सवाल-जवाब

### 1. अखिलेश यादव ने छात्रों के प्रदर्शन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब बच्चे अपनी आवाज़ नहीं उठा सकते, तो देश आज़ाद कैसे है, और उन्होंने भाजपा के ख़त्म होने का दावा किया।

### 2. छात्र संसद भवन के पास प्रदर्शन क्यों कर रहे थे?
छात्र मुख्य रूप से नीट परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने की मांग और लंबित वेटिंग लिस्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद भवन के पास बड़ा प्रदर्शन कर रहे थे।

### 3. पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए क्या किया?
हालात को काबू में करने और भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज किया।

### 4. अखिलेश यादव के इस बयान पर जनता का क्या रुख रहा?
जनता की प्रतिक्रिया काफी मिली-जुली रही; समर्थकों ने उनके स्टैंड की सराहना की, जबकि आलोचकों ने उनके अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में हुए पेपर लीक और घोटालों की याद दिलाई।

## नेता परिचय: अखिलेश यादव
- **पद:** समाजवादी पार्टी अध्यक्ष
- **जन्म:** 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश
- **पार्टी:** समाजवादी पार्टी
- **शिक्षा:** मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित)
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017)
- समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से)
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई
- कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा)

### रोचक तथ्य
- 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
- पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि।


---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._