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  "title": "नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव पर अखिलेश यादव का हमला, पूछा क्या अब हवाई अड्डे पर नाव चलेगी",
  "summary": "नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। 28 मार्च 2026 को उद्घाटित इस ₹29,560 करोड़ के प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी नेता अखिलेश यादव ने बारिश के बाद नए नवेले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हुए जलभराव को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जोरदार निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और तंज कसा कि क्या अब हवाई अड्डे पर विमानों की जगह नाव चलानी पड़ेगी।\n\nसोशल मीडिया पर अखिलेश यादव का तंज और भ्रष्टाचार के आरोप\nसमाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक अकाउंट से X पर लिखा कि जहां भी भाजपा सरकार है, वहां भारी भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। उन्होंने बारिश के पानी से लबालब भरे एयरपोर्ट परिसर की तस्वीरें और वीडियो संदर्भ के रूप में साझा करते हुए कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट की यह हालत शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।\n\n₹29,560 करोड़ के महाप्रोजेक्ट की लागत और उद्घाटन का संदर्भ\nनोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राज्य के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण को तैयार करने में लगभग ₹11,282 करोड़ की लागत आई है। वहीं, सभी चरणों को मिलाकर इस पूरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹29,560 करोड़ तय की गई है। इस अत्याधुनिक हवाई अड्डे का औपचारिक उद्घाटन हाल ही में 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। हालांकि, उद्घाटन के कुछ समय बाद ही पहली बड़ी बारिश में जल निकासी व्यवस्था ठप हो जाने से एयरपोर्ट के संचालन और निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है।\n\nचीन-अमेरिका से तुलना बनाम पुरानी सरकारों का रिकॉर्ड\nइस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है। आलोचकों ने भारत के बुनियादी ढांचे की तुलना चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे विकसित देशों से करते हुए कहा कि इतनी भारी भरकम लागत के बावजूद पहली ही बारिश में पुलों और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का यह हाल होना चिंताजनक है। दूसरी ओर, सरकार के समर्थकों और इंजीनियरों के पक्षकारों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान पानी की निकासी में कुछ तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं, जिन्हें तुरंत सुधारा जा सकता है। उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए देश के तकनीशियनों और अभियंताओं की मेहनत को नजरअंदाज कर हर प्रशासनिक खामी को राजनीति से जोड़ना सही नहीं है।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nसोशल मीडिया पर आम यूजर्स की प्रतिक्रियाएं दो धड़ों में बंटी नजर आईं। कई लोगों ने अरबों रुपये के प्रोजेक्ट में हुए जलभराव की उच्च स्तरीय जांच की मांग की, जबकि अन्य लोगों ने इसे मौसमी समस्या बताते हुए राजनीतिक बयानबाजी से दूर रहने की सलाह दी।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: बड़े सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर सार्वजनिक बहस तेज होगी।\n• नोएडा और यूपी में: नए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को बारिश के मौसम में संभावित जलभराव और उड़ानों में देरी का सामना करना पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अखिलेश यादव ने नोएडा एयरपोर्ट को लेकर क्या कहा?\nअखिलेश यादव ने जलभराव का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि क्या अब हवाई अड्डे पर नाव चलेगी और सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।\n\n2. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कब हुआ था?\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को इस एयरपोर्ट का आधिकारिक उद्घाटन किया था।\n\n3. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण में कुल कितनी लागत आई है?\nएयरपोर्ट के पहले चरण की लागत ₹11,282 करोड़ है, जबकि सभी चरणों की कुल अनुमानित लागत ₹29,560 करोड़ है।\n\n4. एयरपोर्ट पर जलभराव के बाद क्या प्रतिक्रिया सामने आई?\nआलोचकों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए, जबकि समर्थकों ने इसे बारिश से जुड़ी अस्थायी तकनीकी समस्या बताया।\n\nनेता परिचय: अखिलेश यादव\n• पद: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष\n• जन्म: 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश\n• पार्टी: समाजवादी पार्टी\n• शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग\n\nसमाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित)\n• उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017)\n• समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से)\n• आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई\n• कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा)\n\nरोचक तथ्य\n• 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।\n• पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि।",
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  "publishedAt": "2026-08-12",
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