# न्यूयॉर्क में भारत और खाड़ी सहयोग परिषद की बैठक, एफटीए वार्ता का हुआ स्वागत

> विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत-जीसीसी ट्रॉयका मंत्री स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की, जिसमें संयुक्त कार्य योजना की समीक्षा की गई।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/nyuyorka-men-bharata-aura-khari-sahayoga-parishada-ki-baithaka-ephatie-varta-ka-hua-svagata-38776 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूती देने के लिए न्यूयॉर्क में उच्च स्तरीय चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र (UNGA81) के इतर आयोजित भारत-जीसीसी ट्रॉयका मंत्री स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की।

## संयुक्त कार्य योजना और व्यापारिक समीक्षा
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-जीसीसी संयुक्त कार्य योजना 2024–28 की प्रगति का व्यापक अवलोकन किया। इस दौरान व्यापार, ऊर्जा, निवेश, तकनीक और जन-दर-जन संबंधों को बढ़ावा देने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने माना कि इस साझेदारी को और आगे ले जाने से क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता और विकास को नई गति मिलेगी।

## मुक्त व्यापार समझौते पर जोर
इस मंत्री स्तरीय वार्ता की मुख्य उपलब्धि भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में कदम उठाने का स्वागत करना रही। इस प्रस्तावित व्यापार समझौते का उद्देश्य शुल्क में कटौती करना, बाजार पहुंच को बेहतर बनाना और खाड़ी देशों व भारत के बीच आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है। इसके साथ ही फारस की खाड़ी क्षेत्र में शांति और सहयोग बनाए रखने के लिए बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से भी कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

## जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस कूटनीतिक पहल का स्वागत करते हुए इसे व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और प्रवासी भारतीय समुदाय के हितों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया, हालांकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने समझौते को लागू करने की समयसीमा पर सवाल भी उठाए।

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## इसका आप पर असर
भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच मुक्त व्यापार समझौता और मजबूत साझेदारी भारतीय अर्थव्यवस्था और कार्यबल के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगी।

- **व्यापार और कीमतें:** खाड़ी देशों से आने वाले प्रमुख आयात पर शुल्क कम हो सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए कई आवश्यक वस्तुओं की लागत कम होने में मदद मिलेगी।
- **रोजगार और अवसर:** मजबूत आर्थिक संबंधों से निर्माण, तकनीक और सेवा क्षेत्रों में भारतीयों के लिए नौकरी के नए अवसर पैदा होंगे। इससे खाड़ी क्षेत्र में प्रवासी कार्यबल को सीधा लाभ पहुंचेगा।
- **ऊर्जा सुरक्षा:** खाड़ी देशों के साथ सहयोग बढ़ने से भारत की ऊर्जा आवश्यकताएं अधिक सुरक्षित होंगी। इससे तेल और प्राकृतिक गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
- **निवेश में बढ़ोतरी:** संयुक्त कार्य योजना के तहत जीसीसी देशों से भारत के बुनियादी ढांचे में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश बढ़ने की संभावना है। इससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. न्यूयॉर्क में कौन सी प्रमुख बैठक आयोजित की गई?
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर भारत-जीसीसी ट्रॉयका मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

### 2. इस बैठक की सह-अध्यक्षता किसने की?
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और खाड़ी सहयोग परिषद के प्रतिनिधियों ने मिलकर इस बैठक की सह-अध्यक्षता की।

### 3. बैठक में किस प्रमुख आर्थिक समझौते पर चर्चा हुई?
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता का स्वागत किया।

### 4. भारत-जीसीसी संयुक्त कार्य योजना की समयावधि क्या है?
यह संयुक्त कार्य योजना 2024 से 2028 की अवधि के लिए लागू की गई है।

## नेता परिचय: एस. जयशंकर
- **पद:** विदेश मंत्री
- **जन्म:** 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी

2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चीन में राजदूत (2009–2013)
- अमेरिका में राजदूत (2013–2015)
- भारत के विदेश सचिव (2015–2018)
- विदेश मंत्री (2019 से)
- भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका

### रोचक तथ्य
- विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
- चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।


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