ओमान में भारतीय प्रवासियों से मिले एस. जयशंकर, संबंधों को मजबूती देने पर जोर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ओमान के दौरे के दौरान वहां रह रहे भारतीय समुदाय से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में ओमान का दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय प्रवासियों के साथ एक सार्थक संवाद किया। सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की गई जानकारी के अनुसार, ओमान में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ उनकी यह बातचीत काफी सकारात्मक रही। भारत-ओमान संबंधों पर चर्चा इस बैठक के दौरान ओमान में रह रहे भारतीयों का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। एस. जयशंकर ने भारत और ओमान के बीच के संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रवासी समुदाय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने ओमान के समाज में उनके योगदान और भारत-ओमान साझेदारी को मजबूत करने में उनकी सक्रिय भागीदारी का उल्लेख किया। साझा आर्थिक और रणनीतिक जुड़ाव भारत और ओमान के बीच के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। हाल के समय में, दोनों देशों ने सुरक्षा, आर्थिक विकास और व्यापारिक सहयोग के क्षेत्र में अपने तालमेल को और बढ़ाया है। व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता जैसे कदम इस द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया अंतरराष्ट्रीय दौरों और वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ निरंतर संवाद की नीति को इस बैठक के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। भारतीय नेतृत्व लगातार विदेश में रहने वाले अपने नागरिकों के साथ जुड़ाव बनाए रखने और उनकी चिंताओं व सुझावों को प्राथमिकता देने पर जोर देता रहा है। इसका आप पर असर भारत में: ओमान के साथ मजबूत व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों का लाभ भारतीय निर्यातकों और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को मिलने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. एस. जयशंकर ने ओमान में किससे मुलाकात की? उन्होंने ओमान में रह रहे भारतीय प्रवासियों (भारतीय समुदाय के सदस्यों) से मुलाकात की। 2. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या था? इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर चर्चा करना था। 3. भारत-ओमान संबंधों के लिए हालिया मुख्य विकास क्या है? दोनों देशों के बीच हाल ही में व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) जैसे कदम उठाए गए हैं, जो नए व्यापारिक अध्याय खोल रहे हैं। 4. विदेश मंत्रालय इस तरह के दौरों को महत्व क्यों देता है? भारतीय नेतृत्व का मानना है कि विदेश में रहने वाले प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में एक सेतु के रूप में कार्य करते हैं। नेता परिचय: एस. जयशंकर • पद: विदेश मंत्री • जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी 2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चीन में राजदूत (2009–2013) • अमेरिका में राजदूत (2013–2015) • भारत के विदेश सचिव (2015–2018) • विदेश मंत्री (2019 से) • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका रोचक तथ्य • विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। • चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे। https://trendkia.com/neta-ji/omana-men-bharatiya-pravasiyon-se-mile-esa-jayashnkara-snbndhon-ko-majabuti-dene-para-jora-6556 TrendKia — Har trend, sabse pehle.