पनामा के विदेश मंत्री से मिले एस. जयशंकर, लैटिन अमेरिका से रिश्ते मजबूत करने पर जोर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज़-आचा से नई दिल्ली में मुलाकात की, इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार और विकास सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज़-आचा से मुलाकात की। यह मुलाकात मार्टिनेज़-आचा की भारत यात्रा के दौरान हुई। पांच दिन के दौरे पर आए पनामा के विदेश मंत्री खबरों के मुताबिक, जेवियर मार्टिनेज़-आचा पांच दिन की आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। इस दौरे के तहत उन्होंने नई दिल्ली में एस. जयशंकर से मुलाकात की, जो हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच उच्च स्तर की सबसे अहम बातचीत में से एक मानी जा रही है। जयशंकर ने क्या कहा एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि नई दिल्ली में जेवियर मार्टिनेज़-आचा से मिलकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में भारत और पनामा के रिश्तों को और गहरा करने की जरूरत पर जोर दिया गया, क्योंकि पनामा लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र के लिए एक अहम प्रवेश द्वार माना जाता है। व्यापार और विकास पर हुई बातचीत जयशंकर की पोस्ट के मुताबिक, इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने व्यापार, कारोबार और विकास से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की, हालांकि पोस्ट में किसी ठोस समझौते या आंकड़े का जिक्र नहीं किया गया। जनता की प्रतिक्रिया इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया ज्यादातर हल्के-फुल्के अंदाज़ में आई। कई यूजर्स ने मजाकिया लहजे में कहा कि पनामा से नजदीकियां बढ़ने से भारत को कैरिबियन क्षेत्र तक पहुंचना आसान हो सकता है, जबकि कुछ लोगों ने इस बढ़ती कूटनीतिक पहल का स्वागत किया। इसका आप पर असर व्यापार और विदेश नीति में दिलचस्पी रखने वालों के लिए: भारत और पनामा के बीच बढ़ती नजदीकियां आगे चलकर लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र के साथ नए व्यापार और कारोबारी मौके खोल सकती हैं, हालांकि इस मुलाकात में फिलहाल कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया। सवाल-जवाब 1. एस. जयशंकर किससे मिले? वे नई दिल्ली में पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज़-आचा से मिले। 2. यह मुलाकात कब और कहां हुई? यह मुलाकात नई दिल्ली में हुई, जब जेवियर मार्टिनेज़-आचा अपनी पांच दिन की भारत यात्रा पर थे। 3. पनामा के विदेश मंत्री भारत क्यों आए थे? वे पांच दिन की आधिकारिक यात्रा पर भारत आए थे। 4. बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई? चर्चा में व्यापार, कारोबार और विकास सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दे शामिल थे। 5. पनामा को लैटिन अमेरिका का प्रवेश द्वार क्यों बताया गया? एस. जयशंकर ने कहा कि पनामा भारत के लिए लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र तक पहुंचने का एक अहम प्रवेश द्वार है। 6. क्या इस मुलाकात में कोई ठोस समझौता हुआ? जयशंकर की पोस्ट में किसी ठोस समझौते या आंकड़े का जिक्र नहीं किया गया। नेता परिचय: एस. जयशंकर • पद: विदेश मंत्री • जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी 2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चीन में राजदूत (2009–2013) • अमेरिका में राजदूत (2013–2015) • भारत के विदेश सचिव (2015–2018) • विदेश मंत्री (2019 से) • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका रोचक तथ्य • विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। • चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे। https://trendkia.com/neta-ji/panama-ke-videsha-mntri-se-mile-esa-jayashnkara-laitina-amerika-se-rishte-majabuta-karane-para-jora-9097 TrendKia — Har trend, sabse pehle.