परांग ला की दुर्गम पहाड़ियों पर परचम लहराएंगी एनसीसी की बेटियां, राजनाथ सिंह ने अपराजिता ट्रेक को दिखाई हरी झंडी राजनाथ सिंह ने ऑल इंडिया गर्ल्स हाई अल्टीट्यूड ट्रेक अपराजिता परांग ला 2026 के फ्लैग ऑफ समारोह में एनसीसी महिला कैडेट्स से खास बातचीत की और उनके साहसिक अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। हिमालय की बर्फानी चोटियों और दुर्गम दर्रों को पार करने के इरादे से राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की महिला कैडेट्स का एक विशेष दल रवाना हो गया है। नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य फ्लैग ऑफ समारोह के दौरान राजनाथ सिंह ने ऑल इंडिया गर्ल्स हाई अल्टीट्यूड लॉन्ग ट्रेक 'अपराजिता परांग ला 2026' में भाग ले रही कैडेट्स के साथ व्यक्तिगत संवाद किया। उन्होंने इस साहसिक अभियान की शुरुआत के अवसर पर कैडेट्स के जज्बे, अनुशासन और निडरता की सराहना की तथा उनके सफल एवं सुरक्षित सफर के लिए हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उच्च पर्वतीय क्षेत्र में साहसिक अभियान का आगाज यह विशेष पर्वतारोहण और ट्रेकिंग अभियान एनसीसी की महिला कैडेट्स के अदम्य साहस, शारीरिक सहनशक्ति और नेतृत्व क्षमता की एक अनूठी परीक्षा है। परांग ला हिमालय का एक अत्यधिक ऊंचाई वाला और बेहद चुनौतीपूर्ण पर्वतीय दर्रा माना जाता है, जहां ऑक्सीजन की कमी, हाड़ कंपा देने वाली ठंड और दुर्गम रास्ते हर कदम पर परीक्षा लेते हैं। इस तरह के कठिन अभियानों को आयोजित करने का प्राथमिक उद्देश्य युवा कैडेट्स में विपरीत परिस्थितियों का डटकर सामना करने की क्षमता विकसित करना, टीम भावना को मजबूत करना और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की भावना को गहरा करना है। युवा शक्ति और नारी सशक्तिकरण का नया अध्याय कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने कैडेट्स से बातचीत करते हुए उनके उच्च मनोबल और तैयारी को सराहा। उन्होंने कहा कि यह ट्रेक देश में तेजी से उभरती नारी शक्ति और युवा सामर्थ्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एनसीसी हमेशा से ही देश के युवाओं में एकता, अनुशासन और देशप्रेम के मूल्यों का संचार करती रही है। ऐसे दुर्गम अभियानों में भाग लेने से महिला कैडेट्स में अद्वितीय आत्मविश्वास पैदा होता है, जो भविष्य में उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के योग्य बनाता है। राष्ट्रीय गौरव और अनुशासन का संदेश इस ट्रेकिंग अभियान के दौरान कैडेट्स न केवल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करेंगी, बल्कि आपस में सहयोग और भ्रातृत्व का संदेश भी फैलाएंगी। एनसीसी अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार किए गए इस अभियान में सुरक्षा और प्रशिक्षण के उच्च मानकों का पालन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे हाई अल्टीट्यूड ट्रेक से कैडेट्स में मानसिक रूप से मजबूत बनने और दबाव की स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर नागरिकों और रक्षा विशेषज्ञों ने इस अभियान की खुलकर सराहना की है। लोगों ने एनसीसी की महिला कैडेट्स को देश की प्रेरणा बताते हुए कहा कि यह यात्रा भारत की बेटियों की निडरता, पराक्रम और बढ़ते सामर्थ्य का जीवंत प्रमाण है। इसका आप पर असर भारत में: यह अभियान देश भर के युवाओं और विशेष रूप से छात्राओं को एनसीसी तथा साहसिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करता है। कैडेट्स और छात्रों के लिए: उच्च पर्वतीय ट्रेकिंग अभियानों से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, शारीरिक सहनशक्ति और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने का गुण विकसित होता है। सवाल-जवाब 1. राजनाथ सिंह ने किस कार्यक्रम में भाग लिया? राजनाथ सिंह ने एनसीसी की ऑल इंडिया गर्ल्स हाई अल्टीट्यूड लॉन्ग ट्रेक अपराजिता परांग ला 2026 के फ्लैग ऑफ समारोह में भाग लिया। 2. अपराजिता परांग ला 2026 ट्रेक का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एनसीसी की महिला कैडेट्स में साहस, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक सहनशक्ति और अनुशासन विकसित करना है। 3. यह ट्रेकिंग अभियान किस क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है? यह अभियान हिमालय के अत्यधिक ऊंचाई वाले परांग ला पर्वतीय दर्रे के कठिन क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। 4. इस ट्रेक में कौन भाग ले रहा है? इस अभियान में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की चयन की गई महिला कैडेट्स भाग ले रही हैं। नेता परिचय: राजनाथ सिंह • पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री • जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: भौतिकी में एमएससी 2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002) • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14) • केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019) • केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से) • लखनऊ से सांसद रोचक तथ्य • राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे। • 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे। https://trendkia.com/neta-ji/paranga-la-ki-durgama-pahariyon-para-parachama-laharaengi-enasisi-ki-betiyan-rajanatha-sinha-ne-aparajita-treka-ko-dikhai-hari-jhn-18178 TrendKia — Har trend, sabse pehle.