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  "type": "article",
  "title": "पासपोर्ट सेवा दिवस पर एस. जयशंकर का संदेश, ई-पासपोर्ट और PSP 2.0 पर जोर",
  "summary": "एस. जयशंकर ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस पर देश और विदेश में पासपोर्ट जारी करने वाले सभी प्राधिकरणों को शुभकामनाएं दीं और चिप वाले ई-पासपोर्ट तथा पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 की प्रगति को रेखांकित किया।",
  "content": "विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर सोशल मीडिया मंच X पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने देश और विदेश में पासपोर्ट जारी करने वाले सभी प्राधिकरणों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह दिन भारत की पासपोर्ट व्यवस्था से जुड़े उन तमाम केंद्रों और कर्मचारियों को समर्पित है, जो हर साल लाखों नागरिकों के दस्तावेज तैयार करने में जुटे रहते हैं।\n\nसंदेश में क्या कहा गया\nअपने पोस्ट में जयशंकर ने पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 और चिप-युक्त ई-पासपोर्ट के क्रियान्वयन का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSKs) और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (POPSKs) के विस्तार और कामकाज की भी सराहना की, जो आम लोगों तक पासपोर्ट सेवाओं को पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।\n\nआधुनिक होती पासपोर्ट व्यवस्था\nचिप वाला ई-पासपोर्ट भारत की पासपोर्ट प्रणाली को और सुरक्षित तथा आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 का मकसद आवेदन से लेकर दस्तावेज मिलने तक की पूरी प्रक्रिया को तेज, आसान और तकनीक आधारित बनाना है। PSKs और POPSKs के बढ़ते नेटवर्क से छोटे शहरों और कस्बों तक के नागरिकों को भी अब पासपोर्ट सेवाएं नजदीक ही मिल पा रही हैं।\n\nपृष्ठभूमि\nखबरों के मुताबिक दुनिया भर में पासपोर्ट की ताकत यानी कितने देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा की जा सकती है, इसे लेकर समय-समय पर रैंकिंग जारी होती रहती है, जिसमें भारत की स्थिति भी आंकी जाती है। ऐसे में पासपोर्ट सेवाओं को बेहतर और भरोसेमंद बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है, और पासपोर्ट सेवा दिवस इसी प्रयास का प्रतीक है।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nइस पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने सेवाओं की तारीफ की, तो कई नागरिकों ने अपनी निजी दिक्कतें भी सामने रखीं, जैसे दस्तावेजों में नाम के छोटे अंतर को लेकर उलझन और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े सवाल। कुछ लोगों ने विदेश नीति और दूसरे मुद्दों पर भी अपनी राय जाहिर की।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: चिप वाले ई-पासपोर्ट और पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 से आने वाले समय में आवेदन की प्रक्रिया तेज और ज्यादा सुरक्षित होने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा हर पासपोर्ट आवेदक को मिलेगा।\n• छोटे शहरों में: PSKs और POPSKs के बढ़ते नेटवर्क से दूर-दराज के नागरिकों को भी पासपोर्ट के लिए बड़े शहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एस. जयशंकर ने किस मौके पर यह संदेश दिया?\nउन्होंने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया मंच X पर यह संदेश साझा किया।\n\n2. संदेश में किन प्रमुख चीजों का जिक्र हुआ?\nउन्होंने पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 और चिप-युक्त ई-पासपोर्ट के क्रियान्वयन का जिक्र किया।\n\n3. PSKs और POPSKs क्या हैं?\nPSKs यानी पासपोर्ट सेवा केंद्र और POPSKs यानी डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र, जो नागरिकों तक पासपोर्ट सेवाएं पहुंचाते हैं।\n\n4. उन्होंने किन्हें शुभकामनाएं दीं?\nउन्होंने भारत और विदेशों में स्थित पासपोर्ट जारी करने वाले सभी प्राधिकरणों को शुभकामनाएं दीं।\n\n5. ई-पासपोर्ट को अहम क्यों माना जा रहा है?\nचिप वाला ई-पासपोर्ट भारत की पासपोर्ट प्रणाली को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।\n\nनेता परिचय: एस. जयशंकर\n• पद: विदेश मंत्री\n• जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी\n\n2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• चीन में राजदूत (2009–2013)\n• अमेरिका में राजदूत (2013–2015)\n• भारत के विदेश सचिव (2015–2018)\n• विदेश मंत्री (2019 से)\n• भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका\n\nरोचक तथ्य\n• विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।\n• चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।",
  "url": "https://trendkia.com/neta-ji/pasaporta-seva-divasa-para-esa-jayashnkara-ka-sndesha-i-pasaporta-aura-psp-2-0-para-jora-2578",
  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-06-24",
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    "DrSJaishankar"
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  "site": "TrendKia"
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