{
  "type": "article",
  "title": "पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर अमित शाह ने जताया शोक, बताया कला जगत की अपूरणीय क्षति",
  "summary": "पद्म विभूषण सम्मानित प्रख्यात पंडवानी लोकगायिका तीजन बाई का 70 साल की उम्र में रायपुर एम्स में निधन हो गया, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया।",
  "content": "छत्तीसगढ़ की प्रख्यात पंडवानी लोकगायिका और पद्म विभूषण सम्मानित तीजन बाई का 70 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली, जहां वे लंबे समय से इलाजरत थीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश लिखा, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख व्यक्त किया।\n\nकौन थीं तीजन बाई\nतीजन बाई ने महज 13 साल की उम्र में अपनी आवाज से पंडवानी गायन में अपना दबदबा कायम कर लिया था। दशकों तक उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस पारंपरिक लोककला को देशभर में पहचान दिलाई और अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली से लाखों श्रोताओं का दिल जीता। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया था।\n\nबीमारी और अस्पताल में भर्ती होने का घटनाक्रम\nतीजन बाई की सेहत पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में रही। मार्च में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें रायपुर एम्स के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। नवंबर 2025 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर उनकी सेहत का हाल जाना, तो प्रशासन हरकत में आ गया और जिला कलेक्टर के साथ डॉक्टरों की एक टीम खुद उनके घर पहुंची थी। इसके बाद मई 2026 के अंत में उनकी तबीयत एक बार फिर बिगड़ी और उन्हें दोबारा आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उस दौरान उनकी बहू वेणु देशमुख ने मीडिया को उनकी सेहत की जानकारी दी थी। आखिरकार लंबे इलाज के बाद रायपुर एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली।\n\nअमित शाह ने क्या लिखा\nअमित शाह ने अपने पोस्ट में लिखा कि पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि अपनी अद्वितीय प्रतिभा और समर्पण से तीजन बाई ने पंडवानी लोककला को विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने आगे लिखा कि छत्तीसगढ़ की इस लोककला के संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।\n\nछत्तीसगढ़ के बारे में\nतीजन बाई जिस छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ी थीं, वह भारत का एक अपेक्षाकृत नया लेकिन संसाधनों से समृद्ध राज्य है। इसका गठन 1 नवंबर 2000 को हुआ था और यह भारत का 26वां राज्य बना, इससे पहले यह मध्य प्रदेश का हिस्सा था। यह राज्य देश के लिए बिजली और इस्पात का बड़ा स्रोत है, यहां कुल स्टील उत्पादन का करीब 15% हिस्सा बनता है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ भारत के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में गिना जाता है।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nअमित शाह की पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी और पंडवानी लोककला को नई पहचान दिलाने में उनके योगदान को याद किया। कुछ यूजर्स ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को अमर बताया, वहीं कुछ ने भावुक होकर उनके लिए प्रार्थना की।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. तीजन बाई कौन थीं?\nतीजन बाई छत्तीसगढ़ की प्रख्यात पंडवानी लोकगायिका थीं, जिन्हें पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया था।\n\n2. तीजन बाई का निधन कब और कहां हुआ?\nउनका निधन 70 साल की उम्र में रायपुर एम्स में हुआ, जहां वे इलाजरत थीं।\n\n3. अमित शाह ने अपने पोस्ट में क्या कहा?\nअमित शाह ने लिखा कि तीजन बाई का निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है और छत्तीसगढ़ की पंडवानी लोककला के संवर्धन में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा।\n\n4. प्रधानमंत्री मोदी ने पहले कब तीजन बाई का हाल जाना था?\nनवंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर उनकी सेहत का हाल जाना था, जिसके बाद जिला प्रशासन और डॉक्टरों की टीम उनके घर पहुंची थी।\n\n5. तीजन बाई की तबीयत पहले कब बिगड़ी थी?\nउनकी तबीयत मार्च में बिगड़ी थी और फिर मई 2026 के अंत में दोबारा बिगड़ने पर उन्हें रायपुर एम्स के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।\n\n6. तीजन बाई ने कितनी उम्र में गायन शुरू किया था?\nउन्होंने महज 13 साल की उम्र में अपनी आवाज से पंडवानी गायन में अपना दबदबा कायम कर लिया था।\n\nनेता परिचय: अमित शाह\n• पद: केंद्रीय गृह मंत्री\n• जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी\n\n2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020)\n• केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से)\n• केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से)\n• सांसद, गांधीनगर\n• 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व\n\nरोचक तथ्य\n• भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं।\n• 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई।",
  "url": "https://trendkia.com/neta-ji/pndavani-gayika-tijana-bai-ke-nidhana-para-amita-shaha-ne-jataya-shoka-bataya-kala-jagata-ki-apuraniya-kshati-4862",
  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-07-05",
  "tags": [
    "AmitShah"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}