# पंजाब दौरे पर पहुंचे अमित शाह ने जालंधर के मां त्रिपुरमालिनी धाम में की पूजा-अर्चना, सभी की सुख-समृद्धि की मांगी दुआ

> अमित शाह ने जालंधर स्थित 51 शक्तिपीठों में शामिल ऐतिहासिक मां त्रिपुरमालिनी धाम में शीश नवाया और राज्य की शांति व समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/punjab-daure-para-pahunche-amita-shaha-ne-jalndhara-ke-man-tripuramalini-dhama-men-ki-puja-archana-sabhi-ki-sukha-samriddhi-ki-man-40267 · **Language:** Hindi
**Tags:** AmitShah

पंजाब के ऐतिहासिक शहर जालंधर पहुंचे अमित शाह ने प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरमालिनी धाम में विधिवत दर्शन और पूजन किया। धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र में पहुंचकर उन्होंने मां भगवती की आराधना की तथा देश एवं समाज के कल्याण, सुख और खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस पावन स्थल को सदियों से सनातन परंपरा की अखंड ज्योति प्रज्वलित रखने वाला और श्रद्धा का अनुपम केंद्र बताया।

## शक्तिपीठ में अमित शाह की प्रार्थना
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि पंजाब के जालंधर में स्थित श्री सिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरमालिनी धाम अत्यंत प्राचीन काल से जन-जन की आस्था और भक्ति का मुख्य आधार रहा है। उन्होंने कहा कि 51 शक्तिपीठों में से एक इस पवित्र तीर्थ में दर्शन और पूजा करने का सौभाग्य मिलना अत्यंत फलदायी अनुभव है। मंदिर के गर्भगृह में शीश झुकाकर उन्होंने सभी नागरिकों की भलाई, शांति और चौतरफा समृद्धि के लिए देवी मां से विशेष प्रार्थना की।

## मां त्रिपुरमालिनी धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
जालंधर का मां त्रिपुरमालिनी देवी मंदिर देश भर में विख्यात 51 पवित्र शक्तिपीठों में विशिष्ट स्थान रखता है। मान्यता के अनुसार यह पंजाब का इकलौता शक्तिपीठ है, जहां वर्ष भर लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। नवरात्रि के पावन पर्व पर इस पूरे धाम को अत्यंत भव्य स्वरूप में फूलों और विशेष रोशनियों से सजाया जाता है, जहां विशाल देवी दरबार सजता है। हालांकि सुरक्षा और क्षेत्रीय संवेदनशीलता के कारण पूर्व में भारत-पाक तनाव के दौरान यहां की साप्ताहिक चौकी को स्थगित करने जैसे कदम भी उठाए गए थे, लेकिन श्रद्धालुओं की अगाध आस्था इस तीर्थ से निरंतर गहराई से जुड़ी रही है।

## नशे के खिलाफ सख्त संकल्प
जालंधर प्रवास के दौरान धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ राज्य के सामाजिक सरोकारों पर भी चर्चा तेज रही। खबरों के अनुसार इसी दौरे की पृष्ठभूमि में जालंधर की धरती से नशीले पदार्थों के उन्मूलन को लेकर कड़ा रुख जाहिर किया गया। 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब में चिट्टा पूरी तरह समाप्त करने और नशे के पूरे तंत्र को उखाड़ फेंकने का स्पष्ट संकल्प सामने रखा गया, जिसे सीमावर्ती राज्य के युवाओं के सुरक्षित भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

## धार्मिक और सांस्कृतिक मेलों की पावन भूमि
जालंधर का धार्मिक ताना-बाना बेहद समृद्ध और विविधतापूर्ण है। हाल ही में अनंत चौदस के अवसर पर शहर के मशहूर सिद्ध बाबा सोढल मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होने पहुंचे थे, जिसमें पंजाब के राज्यपाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इसके अलावा शिव नगर स्थित लगभग 200 साल पुराने शिव मंदिर का इतिहास जहां नाथ संप्रदाय और संस्कृति से जुड़ा है, वहीं बीबी राम प्यारी मंदिर श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ में भी वर्ष भर भजन-कीर्तन और उत्सवों का दौर अनवरत जारी रहता है।

## जालंधर शहर के बारे में
जालंधर पंजाब का एक बेहद प्राचीन, ऐतिहासिक और औद्योगिक दृष्टिकोण से अग्रणी नगर है, जो जालंधर जिले के प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में कार्य करता है। यह शहर विश्व स्तर पर अपने उच्च गुणवत्ता वाले खेल के सामान, चमड़ा उद्योग और हैंड टूल्स के निर्माण के लिए पहचाना जाता है। इसके अतिरिक्त, जालंधर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और उच्च कोटि के अस्पतालों के दम पर मेडिकल टूरिज्म के एक बड़े केंद्र के रूप में भी तेजी से विकसित हुआ है। देश को अनेक शूरवीर योद्धा देने वाली इस ऐतिहासिक भूमि पर अनेक प्राचीन मंदिर, गुरुद्वारे, किले और ऐतिहासिक संग्रहालय स्थित हैं।

## जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर सामने आए इस घटनाक्रम के बाद आम जनता ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई उपयोगकर्ताओं ने मंदिर दर्शन और नशा-मुक्त पंजाब की मुहिम का जोरदार समर्थन किया, जबकि कुछ अन्य लोगों ने महिला सुरक्षा और ग्रामीण स्तर की बुनियादी प्राथमिकताओं पर भी समान ध्यान देने की मांग उठाई।

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## इसका आप पर असर
अमित शाह के इस दौरे और धार्मिक व सामाजिक बयानों का सीधा असर स्थानीय श्रद्धालुओं और पंजाब के सामाजिक वातावरण पर दिखाई देता है।

- **पंजाब में:** नशे के खिलाफ 31 दिसंबर 2029 की निर्धारित समयसीमा से नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए पुलिस और प्रशासनिक जांच सख्त होगी। इससे सीमावर्ती इलाकों के परिवारों और युवाओं को नशामुक्त सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
- **जालंधर में:** शक्तिपीठ मां त्रिपुरमालिनी धाम में वीआईपी दौरे के बाद मंदिर परिसर के बुनियादी ढांचे और दर्शन व्यवस्थाओं में सुधार होने की संभावना है। इससे शहर में आने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय कारोबारियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।
- **व्यापारिक क्षेत्र:** औद्योगिक शहर जालंधर के खेल, लेदर और हैंड टूल्स कारोबार से जुड़े उद्यमियों को प्रशासनिक सुरक्षा और स्थिरता का सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर कानून-व्यवस्था व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार में मददगार बनेगी।
- **सांस्कृतिक पर्यटन:** शहर के ऐतिहासिक मंदिरों और मेलों की ओर देश भर के श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित होगा। इससे जालंधर के स्थानीय आतिथ्य सत्कार और परिवहन से जुड़े रोजगार को मजबूती मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. अमित शाह ने जालंधर में किस प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन किए?
उन्होंने 51 शक्तिपीठों में शामिल जालंधर स्थित श्री सिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरमालिनी धाम में पूजा-अर्चना की।

### 2. अमित शाह ने मंदिर में पूजा के दौरान क्या प्रार्थना की?
उन्होंने देवी मां से सभी नागरिकों के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

### 3. मां त्रिपुरमालिनी मंदिर की क्या विशेषता है?
यह पावन धाम 51 शक्तिपीठों में गिना जाता है और इसे पंजाब का इकलौता शक्तिपीठ माना जाता है।

### 4. दौरे के संदर्भ में नशे के खिलाफ क्या संकल्प व्यक्त किया गया?
खबरों के अनुसार जालंधर से यह संकल्प दोहराया गया कि पंजाब में 31 दिसंबर 2029 के बाद चिट्टा पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।

### 5. जालंधर शहर किन प्रमुख उत्पादों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है?
जालंधर मुख्य रूप से खेल के सामान, चमड़ा उद्योग और हैंड टूल्स के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात है।

## नेता परिचय: अमित शाह
- **पद:** केंद्रीय गृह मंत्री
- **जन्म:** 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** बायोकेमिस्ट्री में बीएससी

2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020)
- केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से)
- केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से)
- सांसद, गांधीनगर
- 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व

### रोचक तथ्य
- भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं।
- 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई।


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