Rahul Gandhi का बड़ा दावा: सिर्फ 5 परीक्षाओं की तैयारी पर हर साल ₹3.5 लाख करोड़ खर्च, शिक्षा बजट से तीन गुना ज्यादा Rahul Gandhi ने X पर लिखा कि भारत में NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार सालाना ₹3.5 लाख करोड़ खर्च करते हैं, जो केंद्र सरकार के पूरे शिक्षा बजट का करीब तीन गुना है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने देश के परीक्षा और कोचिंग तंत्र पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने इस ओर ध्यान खींचा है कि सरकारी नौकरी और मेडिकल-इंजीनियरिंग में दाखिले की दौड़ ने आम परिवारों की जेब पर कितना भारी बोझ डाल दिया है। पाँच परीक्षाएँ और चौंकाने वाला आँकड़ा अपनी पोस्ट में Rahul Gandhi ने देश की सिर्फ पाँच बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं का जिक्र किया, NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB। उनके मुताबिक इन्हीं पाँच परीक्षाओं की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार मिलकर हर साल ₹3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर डालते हैं। यह रकम किसी एक छोटे राज्य के सालाना खर्च जितनी नहीं, बल्कि उससे भी कहीं आगे की तस्वीर पेश करती है। शिक्षा बजट से लगभग तीन गुना Rahul Gandhi ने इस खर्च की तुलना सरकारी आँकड़ों से करते हुए लिखा कि ₹3.5 लाख करोड़ की यह राशि भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना है। यानी जितना पैसा पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर सरकार सालभर में खर्च करती है, उससे करीब तीन गुना ज्यादा अकेले इन पाँच परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों की गाढ़ी कमाई से निकल जाता है। पाँच मंत्रालयों के बराबर तुलना यहीं नहीं रुकती। Rahul Gandhi के अनुसार यह आँकड़ा इतना बड़ा है कि यह पाँच केंद्रीय मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर बैठता है। ये मंत्रालय हैं, शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला एवं बाल विकास। उनका इशारा साफ है कि जिन क्षेत्रों पर देश का भविष्य टिका है, उन पर सरकार जितना खर्च करती है, उतना तो अकेले परीक्षा की तैयारी में लोगों को अपनी जेब से चुकाना पड़ रहा है। किस ओर इशारा कर रहे हैं Rahul Gandhi इस पोस्ट के जरिए Rahul Gandhi कोचिंग संस्कृति और परीक्षा आधारित व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते दिख रहे हैं, जहाँ नौकरी और दाखिले की होड़ ने मध्यम वर्ग के परिवारों को भारी आर्थिक दबाव में धकेल दिया है। उनका तर्क यह है कि जब तैयारी का खर्च सरकारी शिक्षा बजट से कई गुना आगे निकल जाए, तो यह व्यवस्था की एक गहरी खामी की ओर इशारा करता है। जनता की प्रतिक्रिया पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूज़र्स ने छात्रों पर पड़ रहे आर्थिक और मानसिक दबाव को लेकर चिंता जताते हुए इस मुद्दे पर बात उठाने का समर्थन किया, तो कुछ ने सवाल किया कि समाधान के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएँगे। वहीं कुछ लोगों ने राजनीतिक नीयत पर सवाल खड़े करते हुए इसे महज बयानबाज़ी बताया। इसका आप पर असर • छात्रों और परिवारों के लिए: अगर आपके घर में कोई NEET, JEE, UPSC, SSC या RRB की तैयारी कर रहा है, तो यह आँकड़ा बताता है कि कोचिंग और तैयारी का खर्च आम परिवारों के बजट पर कितना बड़ा बोझ बन चुका है। • नीति पर असर: यह बहस सरकारी शिक्षा और कोचिंग व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर सकती है, जिसका असर आने वाले समय में परीक्षा और शिक्षा से जुड़ी नीतियों पर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. Rahul Gandhi ने किन पाँच परीक्षाओं का जिक्र किया? उन्होंने NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB का जिक्र किया। 2. इन परीक्षाओं की तैयारी पर हर साल कितना खर्च होता है? Rahul Gandhi के अनुसार छात्र और उनके परिवार मिलकर हर साल ₹3.5 लाख करोड़ खर्च करते हैं। 3. यह रकम शिक्षा बजट से कितनी ज्यादा है? यह राशि भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना बताई गई है। 4. यह आँकड़ा किन मंत्रालयों के बराबर है? यह शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला एवं बाल विकास, इन पाँच केंद्रीय मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर बताया गया है। https://trendkia.com/neta-ji/rahul-gandhi-ka-bara-dava-sirpha-5-parikshaon-ki-taiyari-para-hara-sala-3-5-lakh-1542 TrendKia — Har trend, sabse pehle.