राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में साधु-संतों को एसआईटी की शुरुआती जांच में मिली राहत, योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्राथमिक रिपोर्ट में किसी भी साधु-संत की भूमिका सामने नहीं आई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की है। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंप दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी की प्राथमिक पड़ताल में किसी भी साधु-संत या धार्मिक प्रतिनिधि की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। जांच का दायरा और एसआईटी की कार्यवाही राम मंदिर में चढ़ावे के गबन और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन किया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम ने ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के यात्रा करने पर अस्थायी रोक लगा दी थी। प्राथमिक सबूतों और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद अब एजेंसी नियमानुसार कानूनी कार्यवाही और मुकदमा दर्ज करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। चंपत राय के समर्थन में उतरा साधु-संत समाज मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर लगे आरोपों के बाद अयोध्या के संत समाज में भारी आक्रोश देखा गया था। विभिन्न अखाड़ों और संप्रदायों के प्रमुख साधु-संतों ने बैठक कर चंपत राय का खुलकर समर्थन किया था। संतों का कहना था कि यह पूरी घटना ट्रस्ट और सनातन धर्म की साख को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से रची गई एक सोची-समझी साजिश है। अयोध्या के संतों ने उनसे ट्रस्ट के पद से इस्तीफा न देने की अपील भी की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आधिकारिक वक्तव्य विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने X पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, "SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता नहीं पाई गई..." मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अयोध्या में जारी बयानबाजी और अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इसका आप पर असर उत्तर प्रदेश में: अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन और वित्तीय प्रक्रिया पर सरकार की निगरानी सख्त होगी। देशभर में: राम मंदिर श्रद्धालुओं को चढ़ावे और दान के पारदर्शी इस्तेमाल पर आधिकारिक स्पष्टता मिलेगी। सवाल-जवाब 1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की शुरुआती जांच में क्या सामने आया? एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता नहीं पाई गई है। 2. योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर क्या बयान दिया? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट में किसी भी साधु-संत की भूमिका नहीं मिली है। 3. चंपत राय के समर्थन में अयोध्या के संतों ने क्या कदम उठाया? अयोध्या के साधु-संतों ने आरोपों को एक साजिश बताते हुए चंपत राय का समर्थन किया और उनसे ट्रस्ट से न इस्तीफा देने का अनुरोध किया। 4. एसआईटी अब इस मामले में क्या कदम उठा रही है? प्राथमिक जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद एसआईटी अब सबूतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में है। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/rama-mndira-charhava-chori-mamale-men-sadhu-snton-ko-esaaiti-ki-shuruati-jancha-men-mili-rahata-yogi-adityanatha-ka-bara-bayana-13516 TrendKia — Har trend, sabse pehle.