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  "type": "article",
  "title": "रसड़ा से बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली में निधन, अखिलेश यादव ने व्यक्त की संवेदना",
  "summary": "उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का 05 अगस्त 2026 को दिल्ली के अस्पताल में कैंसर के इलाज के दौरान निधन हो गया, जिस पर अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।",
  "content": "उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह का 05 अगस्त 2026 को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से गंभीर बीमारी कैंसर से जूझ रहे थे और वहीं इलाज करा रहे थे। उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूर्वांचल समेत पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।\n\nराजनीतिक दिग्गजों ने जताया गहरा दुख\nसमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि रसड़ा विधानसभा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने भी 06 मार्च 2025 को अस्पताल जाकर उमाशंकर सिंह के स्वास्थ्य का हालचाल जाना था।\n\nरसड़ा से लगातार तीन बार विधायक और राजनीतिक सफर\nउमाशंकर सिंह की गिनती पूर्वांचल के बेहद प्रभावशाली और जनप्रिय नेताओं में होती थी। वह रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा पूरे राज्य में सिर्फ एक सीट जीत सकी थी, तब उमाशंकर सिंह ने अपने व्यक्तिगत जनाधार और लोकप्रियता के बल पर जीत दर्ज की थी। राजनीतिक रिश्तों की बात करें तो वह प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश सिंह के समधी थे। वहीं 07 अगस्त 2025 को बलिया में विकास कार्यों के मुद्दों को लेकर उनके और मंत्री दयाशंकर सिंह के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली थी। गरीबी से संघर्ष करते हुए उन्होंने अपना जीवन शुरू किया था और बाद में राज्य की प्रमुख निर्माण कंपनियों में से एक छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी की नींव रखी थी।\n\nफरवरी 2026 में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई\nउमाशंकर सिंह बीते दिनों आयकर विभाग की जांच को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। 25 और 26 फरवरी 2026 को आयकर विभाग की टीमों ने उनके आवास और करीबियों के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की थी। लगभग 1000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के आरोपों के तहत हुई इस कार्रवाई में उनके घर से 11 करोड़ रुपये नकद, कीमती घड़ियां और जेवर बरामद किए गए थे। इसके अलावा उनके करीबियों के यहां से भी लगभग 10 करोड़ रुपये की बरामदगी की गई थी। इस छापेमारी के दौरान उनके बेटे ने सोशल मीडिया के माध्यम से घर के भीतर की स्थिति की जानकारी साझा की थी।\n\nजनता की प्रतिक्रिया: उमाशंकर सिंह के निधन के बाद बलिया और रसड़ा क्षेत्र के लोगों में भारी गम का माहौल है। समर्थकों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र ने एक ऐसा मददगार जनप्रतिनिधि खो दिया है जो हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़ा रहता था।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: उत्तर प्रदेश विधानसभा के राजनीतिक समीकरणों और क्षेत्रीय नेतृत्व संतुलन पर इसका प्रभाव पड़ेगा।\n• उत्तर प्रदेश और बलिया में: रसड़ा विधानसभा सीट रिक्त होने से उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी और स्थानीय विकास कार्यों की कमान नए नेतृत्व के पास जाएगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उमाशंकर सिंह कौन थे?\nउमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के तीन बार के विधायक थे।\n\n2. उमाशंकर सिंह का निधन कब और कहां हुआ?\nउनका निधन 05 अगस्त 2026 को दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ, जहां वह कैंसर का इलाज करा रहे थे।\n\n3. अखिलेश यादव ने उनके निधन पर क्या प्रतिक्रिया दी?\nअखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उनके निधन को अत्यंत दुखद बताया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।\n\n4. 2022 के विधानसभा चुनाव में उमाशंकर सिंह की क्या उपलब्धि थी?\n2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह बसपा के टिकट पर जीतने वाले राज्य के इकलौते विधायक थे।\n\n5. फरवरी 2026 में आयकर विभाग ने उनके यहां क्या कार्रवाई की थी?\n25 और 26 फरवरी 2026 को आयकर विभाग ने छापेमारी के दौरान उनके आवास से 11 करोड़ रुपये नकद, महंगी घड़ियां व जेवर बरामद किए थे।\n\nनेता परिचय: अखिलेश यादव\n• पद: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष\n• जन्म: 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश\n• पार्टी: समाजवादी पार्टी\n• शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग\n\nसमाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित)\n• उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017)\n• समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से)\n• आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई\n• कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा)\n\nरोचक तथ्य\n• 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।\n• पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-08-05",
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