राष्ट्र समृद्धि के लिए सामूहिक संकल्प और एकता जरूरी, पीएम नरेंद्र मोदी ने ऋग्वेद का दिया संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर देशवासियों से सामूहिक संकल्प और सामाजिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया है। उन्होंने ऋग्वेद का प्राचीन श्लोक साझा करते हुए कहा कि एक साथ मिलकर काम करने से ही देश की प्रगति संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की प्रगति और समृद्धि के लिए सामूहिक संकल्प और सामाजिक एकता को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश एक विचार और एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है, तभी राष्ट्र निर्माण का सपना साकार होता है। अपने इस संदेश में उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को रेखांकित करते हुए ऋग्वेद के एक प्रसिद्ध श्लोक को भी शामिल किया। ऋग्वेद के श्लोक का अर्थ और संदेश प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया श्लोक ऋग्वेद से लिया गया है। इस श्लोक "समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः। समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति॥" का मुख्य संदेश आपसी सामंजस्य, समान उद्देश्य और एकजुटता है। इसका अर्थ है कि सभी लोगों का संकल्प एक जैसा हो, सभी के हृदय में एक समान भावनाएं हों और सभी का मन एक ही दिशा में कार्य करे ताकि समाज में उत्तम तालमेल और सह-अस्तित्व बना रहे। यह सुभाषित संदेश देता है कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए मन और विचारों की समानता बेहद आवश्यक है। विकसित भारत 2047 और जनभागीदारी देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन में इस तरह के सांस्कृतिक और सामाजिक संदेशों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न युवा सम्मेलनों और विकसित भारत युवा संसद जैसे कार्यक्रमों में भी इसी एकता और सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया जा रहा है। देश के युवाओं और समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर राष्ट्र निर्माण के पांच संकल्पों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। जब समाज का हर तबका एक साथ मिलकर काम करता है, तो देश की आर्थिक और सामाजिक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के इस संदेश का लोगों ने व्यापक स्वागत किया है। आम नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने प्राचीन वैदिक सूक्तियों के जरिए एकता का संदेश देने की सराहना की है और यह माना है कि सामाजिक सद्भाव ही देश की वास्तविक ताकत है। इसका आप पर असर भारत में: राष्ट्रीय एकता और साझा संकल्प के इस संदेश से समाज में आपसी तालमेल और सह-अस्तित्व को बढ़ावा मिलता है। नागरिकों पर प्रभाव: यह संदेश देश के युवाओं और नागरिकों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए मिलकर योगदान करने के लिए प्रेरित करता है। सवाल-जवाब 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर क्या संदेश दिया? प्रधानमंत्री ने कहा कि सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति ही देश की प्रगति और समृद्धि का मजबूत आधार है। 2. पीएम मोदी ने किस प्राचीन ग्रंथ का श्लोक साझा किया? उन्होंने ऋग्वेद का एक प्रसिद्ध श्लोक साझा किया जो समानता, आपसी तालमेल और एक समान विचार से काम करने की सीख देता है। 3. ऋग्वेद के इस श्लोक का मुख्य अर्थ क्या है? इस श्लोक का अर्थ है कि सभी का संकल्प एक जैसा हो, हृदय में समान भावनाएं हों और विचार एक दिशा में चलें ताकि समाज में बेहतर सामंजस्य रहे। 4. यह संदेश विकसित भारत 2047 की परिकल्पना से कैसे जुड़ता है? यह संदेश दर्शाता है कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल सामूहिक भागीदारी, सामाजिक एकता और साझा प्रयासों से ही हासिल किया जा सकता है। नेता परिचय: नरेंद्र मोदी • पद: भारत के प्रधानमंत्री • जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: राजनीति विज्ञान में एमए 2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक • गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014) • भारत के प्रधानमंत्री (2014 से) • 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया • स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया रोचक तथ्य • चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने। • 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया। https://trendkia.com/neta-ji/rashtra-samriddhi-ke-lie-samuhika-snkalpa-aura-ekata-jaruri-piema-narendra-modi-ne-rigveda-ka-diya-sndesha-17531 TrendKia — Har trend, sabse pehle.