# राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सिमरिया में दो दिवसीय महाकुंभ शुरू

> राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर दिनकर के पैतृक गांव सिमरिया समेत विभिन्न स्थानों पर साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/rashtrakavi-ramadhari-sinha-dinakara-ki-jaynti-para-pradhanamntri-narendra-modi-ne-di-shraddhanjali-simariya-men-do-divasiya-mahak-37129 · **Language:** Hindi
**Tags:** narendramodi

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से उन्हें याद किया जा रहा है। उनके पैतृक गांव सिमरिया में दो दिवसीय विशेष साहित्यिक महाकुंभ की शुरुआत हुई है, जिसमें साहित्य जगत के दिग्गजों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी और राजनेता शामिल हो रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिनकर के ऐतिहासिक साहित्यिक योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें नमन किया।

## प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया राष्ट्रकवि को नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए अपने संदेश में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दिनकर की रचनाएं जनचेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान के भावों से ओतप्रोत हैं, जो आज भी प्रत्येक नागरिक के हृदय में शौर्य, तेज और आत्मगौरव का संचार करती हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि दिनकर का साहित्य केवल भाषा को समृद्ध करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने नागरिकों के भीतर मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और सेवा भाव को जगाने में स्थायी भूमिका निभाई है।

## सिमरिया में दो दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ का आयोजन
दिनकर के जन्मस्थान सिमरिया में जयंती समारोह बेहद भव्य पैमाने पर मनाया जा रहा है। 23 सितंबर को शुरू हुए इस दो दिवसीय समागम में साहित्य, कला और विचार जगत के कई प्रमुख नाम उपस्थित हुए हैं। कार्यक्रम के पहले दिन जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें डीएम और एसपी शामिल हैं, जनप्रतिनिधियों के साथ उपस्थित रहे। 24 सितंबर को भी विभिन्न परिचर्चाओं और काव्य गोष्ठियों का क्रम जारी रहेगा, जहां वक्ताओं ने 'आग और राग' के इस अद्वितीय रचनाकार के जीवन दर्शन और उनकी कृतियों की प्रासंगिकता पर गहन विचार व्यक्त किए हैं।

## शैक्षणिक संस्थानों में काव्य पाठ और स्मृति सभाएं
सिमरिया के भव्य आयोजन के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी दिनकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम संपन्न हुए। झारखंड के अंगारपथरा और जमशेदपुर स्थित डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने संगोष्ठी आयोजित कर दिनकर की प्रसिद्ध कविताओं का पाठ किया। वहीं समस्तीपुर के सरायरंजन स्थित मध्य विद्यालय गंगापुर में भी स्कूली बच्चों ने दिनकर के जीवन संघर्ष और उनकी राष्ट्रीय कविताओं पर प्रकाश डाला। इन आयोजनों में दिनकर की रचनाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया।

## जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद नागरिकों की विविध प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई पाठकों ने दिनकर की लोकप्रिय पंक्तियों को साझा करते हुए उन्हें नमन किया, जबकि कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने यह राय रखी कि राष्ट्रकवि की रचनाओं में निहित सामाजिक न्याय और समानता के संदेशों को शासन की नीतियों में व्यावहारिक रूप से लागू किया जाना चाहिए।

>

## इसका आप पर असर
राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम युवाओं और पाठकों को राष्ट्रीय साहित्य से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

- **पाठकों और विद्यार्थियों के लिए:** विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में हो रहे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को दिनकर के क्रांतिकारी साहित्य को समझने का सीधा मौका मिलता है। उनकी ऐतिहासिक रचनाओं का अध्ययन युवाओं में नागरिक चेतना और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देता है।
- **साहित्य प्रेमियों के लिए:** सिमरिया में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में आम नागरिकों को नामचीन विचारकों और साहित्यकारों के विचारों को सुनने का मंच मिला है। 23 और 24 सितंबर को चलने वाले इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण वैचारिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
- **स्थानीय स्तर पर:** दिनकर के पैतृक क्षेत्र में ऐसे बड़े आयोजनों से स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन को नई पहचान मिलती है। प्रशासनिक भागीदारी से क्षेत्र में दिनकर से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण को भी बल मिलता है।
- **वैचारिक स्तर पर:** दिनकर की कविताओं में समानता और न्याय के जो विचार हैं, वे आज के सामाजिक विमर्श में भी प्रासंगिक मार्गदर्शन देते हैं। नागरिक अपने रोजमर्रा के जीवन में इन मानवीय मूल्यों को आत्मसात कर सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को किस अवसर पर श्रद्धांजलि दी?
प्रधानमंत्री ने 23 सितंबर को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

### 2. प्रधानमंत्री ने दिनकर की कविताओं की क्या विशेषता बताई?
उन्होंने कहा कि दिनकर की ओजस्वी कविताएं जनचेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान से भरी हैं, जो नागरिकों में शौर्य, तेज और आत्मगौरव का संचार करती हैं।

### 3. दिनकर के पैतृक गांव सिमरिया में क्या विशेष आयोजन हो रहा है?
सिमरिया में 23 और 24 सितंबर को राष्ट्रकवि की 118वीं जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है।

### 4. सिमरिया के कार्यक्रम में कौन-कौन उपस्थित रहे?
इस आयोजन में साहित्यकारों के साथ-साथ जिले के डीएम और एसपी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

### 5. देश के अन्य किन संस्थानों में दिनकर जयंती के कार्यक्रम आयोजित किए गए?
अंगारपथरा, जमशेदपुर के डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन और समस्तीपुर के मध्य विद्यालय गंगापुर सहित कई शैक्षणिक संस्थानों में स्मृति सभाएं और काव्य पाठ हुए।

## नेता परिचय: नरेंद्र मोदी
- **पद:** भारत के प्रधानमंत्री
- **जन्म:** 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** राजनीति विज्ञान में एमए

2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक
- गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014)
- भारत के प्रधानमंत्री (2014 से)
- 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया
- स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया

### रोचक तथ्य
- चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने।
- 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया।


---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._