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  "type": "article",
  "title": "राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से की जनगणना में शामिल होने की अपील",
  "summary": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनगणना को प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए देशवासियों से इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने और समय निकालने का आग्रह किया है।",
  "content": "देश में जनगणना की रूपरेखा और तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय कवायद में पूरे समर्पण से हिस्सा लेने का आह्वान किया है। उन्होंने नागरिकों को प्रेरित करते हुए कहा कि जनगणना में भागीदारी निभाना हर किसी का महत्वपूर्ण दायित्व है, क्योंकि यह देश के भविष्य के विकास की सही और सटीक तस्वीर खींचने का आधार बनती है। शासन स्तर पर नीति निर्धारण और कल्याणकारी पहलों की जमीन मजबूत करने में यह कवायद अहम भूमिका निभाती है।\n\nप्रधानमंत्री का संदेश और राष्ट्र से भागीदारी की अपील\nअपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि जनगणना में शामिल होना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया से देश के आने वाले कल की वास्तविक तस्वीर सामने आती है। इसी संदर्भ में उन्होंने देशवासियों से एक बार फिर खास अनुरोध किया कि वे इस कार्य के लिए अपना समय अवश्य निकालें, ताकि समूचे देश का लेखा-जोखा बिना किसी कमी के पूरा किया जा सके।\n\nदो चरणों में संपन्न होगी राष्ट्रव्यापी कवायद\nदेश भर में आबादी और घरों का विस्तृत ब्योरा जुटाने के लिए इस पूरी प्रक्रिया को दो अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा इस पूरी मुहिम के लिए जरूरी बजट को हरी झंडी दे दी गई है। इसके अंतर्गत घरों की गिनती के साथ-साथ मकानों से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी, जिसके लिए 33 सवाल तय किए गए हैं। प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि हर क्षेत्र से प्रामाणिक आंकड़े संकलित हो सकें।\n\nडिजिटल माध्यम से खुद फॉर्म भरने की मिलेगी सुविधा\nप्रक्रिया को आधुनिक और नागरिकों के लिए सुलभ बनाने के मकसद से इस बार ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प भी दिया जा रहा है। आम नागरिक स्वयं पोर्टल पर जाकर निर्धारित 33 सवालों के जवाब दर्ज कर सकेंगे। यह तकनीकी पहल लोगों को अपनी सुविधानुसार सटीक जानकारी दर्ज करने की आजादी देती है, जिससे प्रगणकों पर निर्भरता कम होगी और डेटा संकलन में गति आएगी। राज्य स्तर पर भी व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जहां संबंधित नेतृत्व द्वारा इसे एक संवैधानिक दायित्व बताते हुए लक्ष्य आधारित विकास के लिए जरूरी माना गया है।\n\nजनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया\nप्रधानमंत्री के इस आह्वान के बाद लोगों की तरफ से विविध राय देखने को मिली। कई नागरिकों ने सटीक आंकड़ों को विकास और पारदर्शी नीतियों के लिए जरूरी कदम मानते हुए इस पहल का स्वागत किया, जबकि कुछ वर्गों ने जातिगत और सामाजिक प्राथमिकताओं को लेकर सवाल भी उठाए।\n\nइसका आप पर असर\nइस देशव्यापी जनगणना प्रक्रिया से आम नागरिकों के प्रशासनिक और नागरिक अधिकारों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।\n\n• नागरिकों की भागीदारी: प्रत्येक परिवार को दो चरणों में आयोजित होने वाली इस गिनती में अपनी जानकारी दर्ज करानी होगी। लोग निर्धारित 33 सवालों के उत्तर स्वयं ऑनलाइन माध्यम से भरकर समय की बचत कर सकते हैं।\n• कल्याणकारी योजनाएं: सही जनसांख्यिकीय डेटा के आधार पर ही केंद्र और राज्य सरकारें भविष्य की नीतियां तय करेंगी। सटीक आंकड़े मिलने से राशन, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का आवंटन वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा।\n• क्षेत्रीय विकास: स्थानीय आबादी का सटीक लेखा-जोखा बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा तय करेगा। आपके इलाके में स्कूल, अस्पताल और सड़कों के लिए बजट निर्धारण इसी डेटा के आधार पर किया जाएगा।\n• समय सीमा और तैयारी: आम जनता को आधिकारिक प्रगणकों के आगमन अथवा ऑनलाइन पोर्टल खुलने पर जरूरी दस्तावेज और पारिवारिक विवरण तैयार रखने होंगे। तय समय पर सही जानकारी देने से सत्यापन प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनगणना को लेकर क्या अपील की है?\nप्रधानमंत्री ने इसे प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए देश के सटीक भविष्य निर्माण के लिए समय निकालकर इसमें भाग लेने का आग्रह किया है।\n\n2. यह जनगणना कितने चरणों में आयोजित की जाएगी?\nयह पूरी राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी, जिसके लिए कैबिनेट ने बजट स्वीकृत किया है।\n\n3. क्या नागरिक खुद ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे?\nहां, नागरिकों को पोर्टल के माध्यम से मकानों और परिवार से जुड़े 33 सवालों के जवाब खुद ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा मिलेगी।\n\n4. मकानों की गिनती के दौरान कितने सवाल पूछे जाएंगे?\nइस चरण के दौरान मकानों की स्थिति और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कुल 33 प्रश्न तय किए गए हैं।\n\nनेता परिचय: नरेंद्र मोदी\n• पद: भारत के प्रधानमंत्री\n• जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: राजनीति विज्ञान में एमए\n\n2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक\n• गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014)\n• भारत के प्रधानमंत्री (2014 से)\n• 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया\n• स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया\n\nरोचक तथ्य\n• चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने।\n• 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-09-28",
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