# राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 पर नरेंद्र मोदी ने बुनकरों को किया सलाम, वोकल फॉर लोकल का दिया नारा

> 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नरेंद्र मोदी ने देश के बुनकरों के कौशल और समर्पण की सराहना की तथा नागरिकों से स्वदेशी हथकरघा उत्पाद खरीदने की अपील की।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-08-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/rashtriya-hathakaragha-divasa-2026-para-narendra-modi-ne-bunakaron-ko-kiya-salama-vokala-phora-lokala-ka-diya-nara-14705 · **Language:** Hindi
**Tags:** narendramodi

7 अगस्त 2026 को पूरे देश में 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और बुनकरों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत की समृद्ध एवं जीवंत हथकरघा विरासत को नमन करते हुए देश के कारीगरों और बुनकरों की कला, रचनात्मकता और अटूट समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के बुनकर पीढ़ियों से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने और समृद्ध करने का कार्य कर रहे हैं।

## बुनकरों के समर्थन और 'वोकल फॉर लोकल' की अपील
सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर साझा किए गए अपने संदेश में नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से हथकरघा उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने लोगों को अपने पसंदीदा हथकरघा पहनावे या उत्पाद के साथ तस्वीरें, वीडियो और सोशल मीडिया रील्स साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हथकरघा क्षेत्र और स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव सहायता जारी रखेगी। इस अभियान का उद्देश्य 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाना है।

## 7 अगस्त की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्व
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का इतिहास 1905 के स्वदेशी आंदोलन से जुड़ा हुआ है। 7 अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन हॉल में एक विशाल जनसभा में स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश शासन द्वारा बंगाल विभाजन का विरोध करना और विदेशी सामानों का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में वर्ष 2015 में पहली बार 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में घोषित किया गया था। तब से हर साल यह दिन भारतीय कपड़ा उद्योग और बुनकर समुदाय के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।

## हथकरघा उद्योग का पुनरुद्धार और आर्थिक विकास
भारत में हथकरघा क्षेत्र केवल सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार का एक प्रमुख आधार भी है। कृषि के बाद हथकरघा क्षेत्र देश में आजीविका प्रदान करने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र माना जाता है, जिसमें लाखों महिलाएं और ग्रामीण कारीगर जुड़े हुए हैं। पिछले 12 वर्षों में सरकार ने बुनकरों के लिए सीधे बाजार पहुंच, वित्तीय सहायता, आधुनिक डिजाइन प्रशिक्षण और डिजिटल पहचान उपलब्ध कराने की योजनाएं लागू की हैं, जिससे पारंपरिक वस्त्रों को वैश्विक पहचान मिल रही है।

## जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया और अपने हथकरघा परिधानों की तस्वीरें साझा कीं। कई लोगों ने यह सुझाव भी दिया कि बुनकरों को वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए बड़े शहरी शोरूम के बजाय सीधे बुनकर गांवों जैसे कैथून से कोटा डोरिया उत्पाद खरीदे जाने चाहिए। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने महिला बुनकरों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल और सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

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## इसका आप पर असर
**भारत में:** राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अभियान से स्थानीय बुनकरों और ग्रामीण कारीगरों को सीधा आर्थिक प्रोत्साहन मिलता है। स्वदेशी उत्पाद खरीदने से देश के पारंपरिक कपड़ा उद्योग और स्वरोजगार को मजबूती मिलती है।

## सवाल-जवाब

### 1. राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कब मनाया जाता है?
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर साल 7 अगस्त को मनाया जाता है।

### 2. 7 अगस्त की तिथि का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
7 अगस्त 1905 को बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसने स्वदेशी उत्पादों और हथकरघा वस्त्रों को बढ़ावा दिया।

### 3. पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कब मनाया गया था?
पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस वर्ष 2015 में 7 अगस्त को मनाया गया था।

### 4. राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री ने क्या अपील की?
नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से स्वदेशी हथकरघा उत्पाद खरीदने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें व वीडियो साझा कर बुनकरों का समर्थन करने की अपील की।

## नेता परिचय: नरेंद्र मोदी
- **पद:** भारत के प्रधानमंत्री
- **जन्म:** 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** राजनीति विज्ञान में एमए

2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक
- गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014)
- भारत के प्रधानमंत्री (2014 से)
- 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया
- स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया

### रोचक तथ्य
- चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने।
- 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया।


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