# राष्ट्रीय खेल दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलि, देश के खिलाड़ियों का भी बढ़ाया हौसला

> राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद किया। साथ ही उन्होंने देश के तमाम खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना की।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-08-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/rashtriya-khela-divasa-para-raksha-mntri-rajanatha-sinha-ne-mejara-dhyanachnda-ko-di-shraddhanjali-desha-ke-khilariyon-ka-bhi-barh-24001 · **Language:** Hindi
**Tags:** rajnathsingh

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देश भर में खेल जगत के दिग्गजों और नायकों को याद किया जा रहा है। इसी कड़ी में रक्षा मंत्री **राजनाथ सिंह** ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा कर हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट करते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद की अद्वितीय खेल शैली, उनकी अटूट प्रतिबद्धता और हॉकी के प्रति उनका अगाध प्रेम आने वाली कई पीढ़ियों के भारतीयों को लगातार प्रेरित करता रहेगा। सरकार और देश के शीर्ष नेता हर साल इस खास दिन पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और महान खिलाड़ियों के योगदान को रेखांकित करने का काम करते हैं।

 

## मेजर ध्यानचंद कौन थे

मेजर ध्यानचंद भारतीय फील्ड हॉकी के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्हें उनकी असाधारण बॉल कंट्रोल और गोल करने की अचूक क्षमता के लिए दुनिया भर में हॉकी का जादूगर कहा जाता है। उनके नेतृत्व और खेल कौशल के दम पर भारत ने ओलंपिक खेलों में स्वर्णिम इतिहास रचा था। उन्होंने साल 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में भारत को तीन स्वर्ण पदक दिलाने में बेहद अहम भूमिका निभाई थी। उस दौर में भारतीय हॉकी का पूरी दुनिया में दबदबा था और साल 1928 से लेकर 1964 के बीच हुए आठ में से सात ओलंपिक मुकाबलों में भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उनका यह रिकॉर्ड आज भी खेल जगत में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है और उनकी विरासत देश के हर युवा खिलाड़ी के दिल में जीवित है।

 

## देश के खिलाड़ियों को किया नमन

अपने संदेश में देश के रक्षा मंत्री ने सिर्फ मेजर ध्यानचंद को ही याद नहीं किया, बल्कि वर्तमान समय में देश का नाम रोशन कर रहे सभी खिलाड़ियों के प्रति भी सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में हमारे खिलाड़ी अपनी कड़ी मेहनत, असाधारण कौशल और बेहतरीन उपलब्धियों के दम पर देश का तिरंगा पूरे विश्व में ऊंचा लहरा रहे हैं। भारत के तमाम एथलीट विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सरकार और खेल प्रेमी भी इन खिलाड़ियों के समर्पण को सलाम करते हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस के इस पावन अवसर पर देश भर में विभिन्न खेल आयोजनों और कार्यक्रमों के जरिए खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया जा रहा है।

 

## जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस संदेश के सामने आने के बाद खेल प्रेमियों और आम नागरिकों ने अपनी ओर से भी मेजर ध्यानचंद को याद किया और देश के खिलाड़ियों के प्रति अपना समर्थन जताया। लोगों ने कमेंट्स के जरिए हॉकी के इस महान लीजेंड को नमन करते हुए भारतीय खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने की बात कही।

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## सवाल-जवाब

### 1. राष्ट्रीय खेल दिवस पर किसने श्रद्धांजलि दी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

### 2. मेजर ध्यानचंद को किस खेल के लिए जाना जाता है?
मेजर ध्यानचंद को फील्ड हॉकी के इतिहास का सबसे महान खिलाड़ी माना जाता है।

### 3. भारत ने मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में कौन से ओलंपिक जीते?
भारत ने उनके दौर में 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीते।

### 4. संदेश में आधुनिक खिलाड़ियों के बारे में क्या कहा गया?
खिलाड़ियों के कौशल, कड़ी मेहनत और उपलब्धियों की सराहना की गई जो देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

## नेता परिचय: राजनाथ सिंह
- **पद:** केंद्रीय रक्षा मंत्री
- **जन्म:** 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** भौतिकी में एमएससी

2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002)
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14)
- केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019)
- केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से)
- लखनऊ से सांसद

### रोचक तथ्य
- राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे।
- 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे।


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