सहारनपुर से शुरू होगा 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण, बच्चों को मिलेंगी किताबें और स्टेशनरी उत्तर प्रदेश में राज्यव्यापी 'स्कूल चलो अभियान-2026' के दूसरे चरण की शुरुआत आज सहारनपुर जनपद से होगी, जहाँ नन्हें विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की जाएंगी। उत्तर प्रदेश में शिक्षा और विकास को नई रफ्तार देने की कोशिश के तहत राज्यव्यापी 'स्कूल चलो अभियान-2026' के दूसरे चरण का शुभारंभ आज सहारनपुर जनपद से होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि आदिशक्ति माँ शाकुम्भरी देवी की कृपा से अभिसिंचित यह जनपद आज शिक्षा, संस्कार और विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत का गवाह बनेगा। छात्रों को मिलेगा पढ़ाई का पूरा सामान आज के कार्यक्रम में नन्हें विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी का वितरण किया जाएगा। इस पहल का मकसद यह है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा की बुनियादी सामग्री आसानी से मिल सके और आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की पढ़ाई के रास्ते में रुकावट न बने। 'स्कूल चलो अभियान' क्या है 'स्कूल चलो अभियान' उत्तर प्रदेश सरकार की एक राज्यव्यापी मुहिम है जिसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाना और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। साल 2026 के इस अभियान का दूसरा चरण सहारनपुर से प्रारंभ किया जा रहा है, जो यह बताता है कि सरकार इस मुहिम को पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। सहारनपुर का विशेष महत्व योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर को आदिशक्ति माँ शाकुम्भरी देवी की कृपा से जुड़ा जनपद बताया। यह जिला धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और यहाँ से इस शैक्षिक अभियान की शुरुआत करना सरकार के लिए प्रतीकात्मक रूप से भी अहम माना जा रहा है। जनता की प्रतिक्रिया इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। बड़ी संख्या में लोगों ने इस शैक्षिक पहल की तारीफ की और इसे 'विकसित उत्तर प्रदेश' की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ नागरिकों ने इस मंच का उपयोग अपने-अपने इलाकों में वर्षों से अटकी सड़क और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी समस्याओं की ओर ध्यान खींचने के लिए भी किया। इसका आप पर असर • उत्तर प्रदेश में: राज्यव्यापी अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त शिक्षण सामग्री मिलने से नामांकन दर और नियमित उपस्थिति में सुधार की उम्मीद है। • सहारनपुर में: आज के कार्यक्रम में सहारनपुर जनपद के नन्हें विद्यार्थियों को सीधे पाठ्य-पुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी मिलेगी, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उनके लिए आसान होगी। सवाल-जवाब 1. 'स्कूल चलो अभियान-2026' का दूसरा चरण कहाँ से शुरू हो रहा है? यह दूसरा चरण सहारनपुर जनपद से शुरू हो रहा है। 2. इस अभियान में बच्चों को क्या-क्या दिया जाएगा? नन्हें विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की जाएंगी। 3. इस अभियान की घोषणा किसने की? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह घोषणा की। 4. सहारनपुर को इस अभियान के लिए क्यों चुना गया? योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर को आदिशक्ति माँ शाकुम्भरी देवी की कृपा से अभिसिंचित जनपद बताया और इसे शिक्षा, संस्कार और विकास के नए अध्याय की शुरुआत के लिए उचित स्थान माना। 5. 'स्कूल चलो अभियान' का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाना और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। 6. सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पोस्ट पर कैसी प्रतिक्रिया दी? प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं, कुछ लोगों ने इस पहल की सराहना की, जबकि कुछ ने अपने इलाकों की लंबित विकास परियोजनाओं की ओर ध्यान दिलाया। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/saharanapura-se-shuru-hoga-skula-chalo-abhiyana-ka-dusara-charana-bachchon-ko-milengi-kitaben-aura-steshanari-3770 TrendKia — Har trend, sabse pehle.