शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि, साहित्यकार मंगलसिं हाजवारि के योगदान को भी किया गया याद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती पर उन्हें नमन किया। साथ ही, बोडो साहित्यकार मंगलसिं हाजवारि के साहित्यिक योगदान और उनकी कृति को भी याद किया गया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन किया। देश भर में महान क्रांतिकारियों के बलिदान और उनके विचारों को याद करने के सिलसिले के बीच यह संदेश सामने आया है। भगत सिंह का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान रहा है और देशवासी हर साल उनकी जयंती और शहादत पर उन्हें याद करते हैं। कौन थे मंगलसिं हाजवारि मंगलसिं हाजवारि बोडो भाषा के एक अत्यंत विख्यात और प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। उन्होंने अपने साहित्य सृजन के माध्यम से बोडो भाषा और संस्कृति को समृद्ध करने में अहम भूमिका निभाई है। उनके लेखन ने समाज में साहित्य प्रेमियों के बीच एक खास पहचान बनाई है। प्रमुख कृतियां और साहित्यिक सम्मान उनके द्वारा रचित प्रसिद्ध कविता-संग्रह 'जिउनि मोगथां बिसम्बि आरो आरज' को पाठकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया। इसी उत्कृष्ट रचना के लिए उन्हें वर्ष 2005 में प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार उनकी साहित्यिक यात्रा का एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ। सवाल-जवाब 1. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया? अखिलेश यादव ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती पर उन्हें सोशल मीडिया पर शत-शत नमन किया। 2. मंगलसिं हाजवारि किस भाषा के साहित्यकार हैं? मंगलसिं हाजवारि बोडो भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। 3. मंगलसिं हाजवारि को कौन सा प्रमुख पुरस्कार मिला था? उन्हें वर्ष 2005 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 4. मंगलसिं हाजवारि की किस कृति को पुरस्कार मिला था? उन्हें उनके कविता-संग्रह 'जिउनि मोगथां बिसम्बि आरो आरज' के लिए यह सम्मान मिला था। नेता परिचय: अखिलेश यादव • पद: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष • जन्म: 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश • पार्टी: समाजवादी पार्टी • शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017) • समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से) • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई • कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा) रोचक तथ्य • 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। • पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि। https://trendkia.com/neta-ji/shahida-e-ajama-bhagata-sinha-ki-jaynti-para-akhilesha-yadava-ne-di-shraddhanjali-sahityakara-mngalasin-hajavari-ke-yogadana-ko-bh-39738 TrendKia — Har trend, sabse pehle.