शशि थरूर ने संयुक्त राष्ट्र के भविष्य और सुधारों पर रखी अपनी बात शशि थरूर ने अपने हालिया कॉलम में संयुक्त राष्ट्र की विफलताओं और उपलब्धियों पर चर्चा की है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपने नवीनतम कॉलम के जरिए वैश्विक संस्था संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर चर्चा की है। उन्होंने अपनी बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की, जिसमें उन्होंने संस्था की कमजोरियों के साथ-साथ उसकी अनदेखी सफलताओं का भी जिक्र किया। महासचिव के चुनाव में गतिरोध और शांति स्थापना की चुनौतियां अपने विचार रखते हुए शशि थरूर ने बताया कि अपने 81वें जन्मदिन के मुहाने पर खड़ी यह संस्था आज कई मोर्चों पर घिरी हुई है। एक तरफ जहां महासचिव के चुनाव को लेकर गतिरोध बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ शांति और सुरक्षा बनाए रखने में इसकी विफलता को लेकर इस पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। सुधार की जरूरत और वास्तविक उपलब्धियां इसके बावजूद, उनका मानना है कि इस वैश्विक संगठन के पास कई ऐसे ठोस काम और उपलब्धियां हैं, जिन्हें पर्याप्त सराहना नहीं मिलती है। संस्था के कामकाज में बड़े सुधार लाने की बात पर जोर देते हुए उन्होंने इस संबंध में इंडियन एक्सप्रेस में अपना लेख प्रकाशित किया है, जिसे इस लिंक के जरिए पूरा पढ़ा जा सकता है। सवाल-जवाब 1. शशि थरूर ने संयुक्त राष्ट्र के बारे में क्या लिखा? उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के 81वें जन्मदिन के अवसर पर महासचिव के चुनाव में गतिरोध और शांति व सुरक्षा बनाए रखने में उसकी विफलताओं के साथ-साथ उसकी उपलब्धियों पर चर्चा की है। 2. यह लेख कहां प्रकाशित हुआ है? यह लेख इंडियन एक्सप्रेस में उनके थारूर थिंक कॉलम में प्रकाशित हुआ है। 3. संयुक्त राष्ट्र किस बात को लेकर गतिरोध में है? संयुक्त राष्ट्र अपने अगले महासचिव के चुनाव को लेकर गतिरोध का सामना कर रहा है। नेता परिचय: शशि थरूर • पद: सांसद, तिरुवनंतपुरम • जन्म: 9 मार्च 1956, लंदन, यूके • पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस • शिक्षा: फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी 2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007) • सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से) • विदेश राज्य मंत्री (2009–2010) • विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष • 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रोचक तथ्य • 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे। • 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में। https://trendkia.com/neta-ji/shashi-tharura-ne-snyukta-rashtra-ke-bhavishya-aura-sudharon-para-rakhi-apani-bata-50607 TrendKia — Har trend, sabse pehle.