सिख धर्म के तीसरे गुरु अमरदास जी को अमित शाह और अन्य नेताओं ने किया नमन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई नेताओं ने सिख पंथ के तीसरे गुरु अमरदास जी के पावन दिवस पर उनके दिखाए समानता और सेवा के मार्ग को याद किया। सिख पंथ के तीसरे गुरु, श्री गुरु अमरदास जी के पावन स्मृति दिवस पर देश भर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जा रहा है। गुरु अमरदास जी ने समाज से भेदभाव मिटाने, समानता स्थापित करने और निस्वार्थ सेवा का संदेश दिया था, जिसकी प्रासंगिकता आज भी समाज में गहराई से महसूस की जाती है। अमित शाह ने गुरु अमरदास जी के योगदान को किया याद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच पर सिख धर्म के तीसरे गुरु के प्रति अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गुरु अमरदास जी ने प्रेम, बराबरी और विनम्र स्वभाव को ही ईश्वर की सच्ची भक्ति का जरिया बताया था। गृह मंत्री के अनुसार, गुरु साहिब ने समूची मानवता को अपने अहंकार को त्यागकर समर्पण और जनसेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इसके साथ ही उन्होंने समाज को एकजुटता के सूत्र में पिरोने का सशक्त संदेश दिया था। अन्य प्रमुख नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने भी गुरु साहिब की शिक्षाओं को नमन किया। नेताओं ने उल्लेख किया कि गुरु अमरदास जी का जीवन मानवीय मूल्यों की रक्षा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर गृह मंत्री के इस संदेश पर आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कई नागरिकों ने गुरु अमरदास जी के विचारों का समर्थन करते हुए अपनी श्रद्धांजलि दी, वहीं कुछ अन्य उपयोगकर्ताओं ने राजनीतिक मुद्दों और जनहित के कार्यों को लेकर अपनी राय व्यक्त की। इसका आप पर असर गुरु अमरदास जी के सिद्धांतों और उनके संदेशों का समाज और नागरिकों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। • सामाजिक समरसता: गुरु साहिब के उपदेश समाज में जाति और वर्ग के भेद को समाप्त करने का संदेश देते हैं। इससे नागरिकों में आपसी भाईचारा और एकता की भावना मजबूत होती है। • निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा: अहंकार त्यागकर जनसेवा करने की सीख लोगों को सामाजिक कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित करती है। समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए यह दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है। • सांस्कृतिक जुड़ाव: राष्ट्रीय नेताओं द्वारा ऐतिहासिक और धार्मिक गुरुओं के योगदान को रेखांकित करने से युवा पीढ़ी अपने समृद्ध इतिहास और नैतिक मूल्यों से जुड़ती है। यह भावी पीढ़ी के चरित्र निर्माण में सहायक बनता है। • सार्वजनिक संवाद: प्रमुख नेताओं के ऐसे संदेश सोशल मीडिया पर सामाजिक मूल्यों और समकालीन जनमुद्दों पर नागरिकों के बीच संवाद का अवसर प्रदान करते हैं। इससे लोकतांत्रिक विमर्श को भी नया मंच मिलता है। सवाल-जवाब 1. अमित शाह ने किस अवसर पर गुरु अमरदास जी को नमन किया? अमित शाह ने सिख धर्म के तीसरे गुरु, श्री गुरु अमरदास जी के पावन स्मृति दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 2. गृह मंत्री के अनुसार गुरु अमरदास जी ने क्या संदेश दिया था? उन्होंने बताया कि गुरु साहिब ने प्रेम, समानता और विनम्रता को भक्ति का सच्चा मार्ग बताया और अहंकार त्यागकर सेवा करने की प्रेरणा दी। 3. किन अन्य प्रमुख नेताओं ने गुरु साहिब को श्रद्धांजलि दी? लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी गुरु अमरदास जी को नमन किया। 4. सोशल मीडिया पर जनता की क्या प्रतिक्रिया रही? नागरिकों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी, जिसमें कई लोगों ने गुरु साहिब को नमन किया जबकि कुछ ने अन्य जनमुद्दों पर टिप्पणियां कीं। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/sikha-dharma-ke-tisare-guru-amaradasa-ji-ko-amita-shaha-aura-anya-netaon-ne-kiya-namana-38831 TrendKia — Har trend, sabse pehle.