सिलीगुड़ी की सीमा चौकी पर पहुंचे अमित शाह, बीएसएफ को बताया देश की शान की ढाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में बीएसएफ की जुमागाछ सीमा चौकी पहुंचे और सोशल मीडिया पर दौरे की तस्वीरें साझा करते हुए बल को देश की शान की ढाल बताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हाल ही में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित जुमागाछ सीमा चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के जवानों से मुलाकात की। इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा कीं। पोस्ट में उन्होंने बीएसएफ को देश की शान और सम्मान की ढाल बताया। सिलीगुड़ी कॉरिडोर की अहमियत सिलीगुड़ी इलाके को रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यही वह संकरा गलियारा है जो पूर्वोत्तर भारत को बाकी देश से जोड़ता है और नेपाल, भूटान तथा बांग्लादेश की सीमाओं के करीब है। जुमागाछ चौकी, जहां अमित शाह पहुंचे, इसी संवेदनशील इलाके में बीएसएफ की निगरानी और तैनाती व्यवस्था का हिस्सा है। इस क्षेत्र में सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता नई नहीं है, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने हाल ही में कहा था कि भारत-बांग्लादेश सीमा के कई हिस्सों में अब तक बाड़ नहीं लगी है, जिससे इलाके की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। बीएसएफ की हालिया कार्रवाइयां बीएसएफ इस साल अब तक भारत-पाकिस्तान सीमा पर करीब 200 ड्रोन और 287 किलोग्राम हेरोइन जब्त कर चुका है। ये आंकड़े बताते हैं कि सीमा पार से तस्करी और घुसपैठ की कोशिशें कितने बड़े पैमाने पर हो रही हैं और बल इन्हें रोकने के लिए किस तरह लगातार सक्रिय है। इसके अलावा मणिपुर में हाल की हिंसा के दौरान बीएसएफ के परिवारों को भी भारी कीमत चुकानी पड़ी, जहां जवान देश की सीमा पर डटे रहे और इसी दौरान उनके बच्चों की जान चली गई। यह घटनाक्रम याद दिलाता है कि सीमा पर तैनात जवान और उनके परिवार किन हालात में देश की सेवा करते हैं। अमित शाह के पहले के बयान यह पहला मौका नहीं है जब अमित शाह ने बीएसएफ की इस अंदाज में तारीफ की हो। गुजरात के भुज में हुए बीएसएफ के हीरक जयंती समारोह में उन्होंने बल की दशकों पुरानी सेवा की सराहना की थी, वहीं एक अन्य मौके पर उन्होंने कहा था कि बीएसएफ जवानों ने भारत के सम्मान और आकांक्षाओं की रक्षा की है। यही सोच उनकी ताजा पोस्ट में भी झलकती है, जिसमें उन्होंने सिलीगुड़ी के दौरे की तस्वीरों के साथ बीएसएफ को फिर से देश की शान की ढाल बताया। जनता की प्रतिक्रिया अमित शाह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने बीएसएफ जवानों की बहादुरी और देशसेवा की तारीफ की, तो कुछ ने सीमा पार से घुसपैठ रोकने और निगरानी को और मजबूत करने को लेकर सवाल भी खड़े किए। इसका आप पर असर • भारत में: बीएसएफ की इस साल हुई ड्रोन और हेरोइन जब्ती बताती है कि सीमाओं पर तस्करी और घुसपैठ रोकने के प्रयास तेज हो रहे हैं, जिसका असर पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है। • सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल में: अमित शाह का जुमागाछ चौकी दौरा और राज्यपाल की बिना बाड़ वाली सीमा को लेकर टिप्पणी, दोनों इस इलाके में सीमा सुरक्षा पर ध्यान बढ़ने का संकेत देते हैं, जिससे स्थानीय सीमावर्ती निवासियों के लिए निगरानी और तैनाती बढ़ सकती है। सवाल-जवाब 1. अमित शाह ने हाल ही में किस जगह का दौरा किया? वे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में बीएसएफ की जुमागाछ सीमा चौकी पहुंचे थे। 2. अमित शाह ने अपनी पोस्ट में बीएसएफ के बारे में क्या कहा? उन्होंने बीएसएफ को देश की शान और सम्मान की ढाल बताया और दौरे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। 3. बीएसएफ ने इस साल अब तक क्या-क्या जब्त किया है? बीएसएफ भारत-पाकिस्तान सीमा पर करीब 200 ड्रोन और 287 किलोग्राम हेरोइन जब्त कर चुका है। 4. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने सीमा को लेकर क्या चिंता जताई थी? उन्होंने कहा था कि भारत-बांग्लादेश सीमा के कई हिस्सों में बाड़ न होने से वहां सुरक्षा प्रभावित हो रही है। 5. मणिपुर में हाल की हिंसा के दौरान बीएसएफ परिवारों के साथ क्या हुआ? हिंसा में बीएसएफ जवानों के बच्चों की जान चली गई, जबकि जवान इस दौरान भी सीमा पर तैनात रहे। 6. अमित शाह पहले भी बीएसएफ को लेकर क्या कह चुके हैं? उन्होंने भुज में बीएसएफ की हीरक जयंती समारोह में और अन्य मौकों पर बल की भूमिका और उसकी सेवा की सराहना की थी। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/siliguri-ki-sima-chauki-para-pahunche-amita-shaha-biesaepha-ko-bataya-desha-ki-shana-ki-dhala-9007 TrendKia — Har trend, sabse pehle.