# संसद के ठप्प कामकाज पर शशि थरूर ने उठाए सवाल, सरकारी समिति की विफलता को किया उजागर

> संसद में बिना बहस विधेयक पारित होने और कामकाज प्रभावित रहने पर शशि थरूर ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार के लिखित जवाब के हवाले से एक उच्च स्तरीय समिति के निष्प्रभावी होने का दावा किया है।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-08-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/snsada-ke-thappa-kamakaja-para-shashi-tharura-ne-uthae-savala-sarakari-samiti-ki-viphalata-ko-kiya-ujagara-13869 · **Language:** Hindi
**Tags:** ShashiTharoor

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान जारी करते हुए शशि थरूर ने संसद की वर्तमान कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि देश की शीर्ष विधायी संस्था में कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है और महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना किसी सार्थक चर्चा या बहस के ही पारित कराया जा रहा है।

## बिना चर्चा विधेयकों के पारित होने पर उठाए सवाल
शशि थरूर ने अपनी टिप्पणी में यह स्पष्ट किया कि संसद सत्र के दौरान विधायी चर्चाएं बाधित रहने के बावजूद सांसदों को उनके अतारांकित प्रश्नों के लिखित जवाब प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने अपने एक सवाल पर सरकार से मिले लिखित उत्तर को साझा करते हुए कहा कि यह जवाब मौजूदा सरकारी व्यवस्था की कमियों को स्पष्ट रूप से सामने लाता है।

## उच्च स्तरीय समिति की नाकामी पर टिप्पणी
सरकार द्वारा दिए गए आधिकारिक लिखित जवाब का हवाला देते हुए शशि थरूर ने कहा कि गठित की गई उच्च स्तरीय समिति अपने तय लक्ष्यों को हासिल करने में पूरी तरह विफल रही है। उनके अनुसार, इस उत्तर से यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि सरकार द्वारा बनाई गई उच्चाधिकार प्राप्त समिति का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।

## जनता की प्रतिक्रिया
शशि थरूर की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आम जनता की तरफ से विविध प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कुछ लोगों ने संसदीय कार्यवाही में हो रहे व्यवधान के लिए जवाबदेही पर सवाल उठाए, जबकि अन्य उपयोगकर्ताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और विधायी संस्थाओं के कामकाज में सुधार की आवश्यकता पर चर्चा की।

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## इसका आप पर असर
**भारत भर में:** संसद में बिना विस्तृत बहस के कानून बनने से देश के नागरिकों पर पड़ने वाले कानूनों की गुणवत्ता और पारदर्शिता प्रभावित होती है। इसके अलावा, संसदीय समितियों की विफलता सरकारी योजनाओं और नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन में बाधा डालती है।

## सवाल-जवाब

### 1. शशि थरूर ने संसद की कार्यप्रणाली के बारे में क्या कहा?
शशि थरूर ने कहा कि संसद का कामकाज प्रभावित हो रहा है और विधेयकों को बिना किसी सार्थक चर्चा या बहस के पारित किया जा रहा है।

### 2. अतारांकित प्रश्नों के बारे में क्या जानकारी दी गई?
उन्होंने बताया कि संसद में व्यवधान के बावजूद सांसदों को उनके अतारांकित सवालों के लिखित उत्तर मिल रहे हैं।

### 3. उच्च स्तरीय समिति के संबंध में शशि थरूर का क्या दावा है?
शशि थरूर का दावा है कि सरकार द्वारा दिया गया लिखित जवाब गठित की गई उच्च स्तरीय समिति की नाकामी को उजागर करता है।

### 4. शशि थरूर की पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी, जिसमें संसदीय रुकावटों के लिए जवाबदेही तय करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सुधार की बात शामिल थी।

## नेता परिचय: शशि थरूर
- **पद:** सांसद, तिरुवनंतपुरम
- **जन्म:** 9 मार्च 1956, लंदन, यूके
- **पार्टी:** भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- **शिक्षा:** फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी

2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007)
- सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से)
- विदेश राज्य मंत्री (2009–2010)
- विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष
- 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता

### रोचक तथ्य
- 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे।
- 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में।


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