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  "type": "article",
  "title": "संथाल क्रांति के शहीदों को हूल दिवस पर अमित शाह का नमन, सिदो-कान्हू और फूलो-झानो किए याद",
  "summary": "हूल दिवस के अवसर पर अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए संथाल क्रांति के बलिदानियों सिदो-कान्हू मुर्मु, चांद-भैरव और वीरांगनाओं फूलो-झानो को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि के लिए अंग्रेजी हुकूमत से लड़ने वाले इन महानायकों को भाव-विभोर होकर नमन किया।",
  "content": "हूल दिवस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह ने एक भावभीना पोस्ट साझा किया। उन्होंने संथाल क्रांति में अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले सभी बलिदानियों को इस विशेष अवसर पर श्रद्धापूर्वक याद किया और उन्हें नमन किया।\n\nबलिदानियों को श्रद्धांजलि\nअमित शाह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जिन वीरों ने जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि की रक्षा के लिए संथाल क्रांति में अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया, उन तमाम बलिदानियों को वे हूल दिवस के इस पावन मौके पर स्मरण करते हुए सादर नमन करते हैं। यह क्षण उन अनगिनत वीरों को याद करने का है जिन्होंने अपने समाज और जनजातीय पहचान की रक्षा के लिए सर्वोच्च कुर्बानी दी।\n\nक्रांति के महानायक\nअमित शाह ने जनजातीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम के उन नायकों का विशेष उल्लेख किया जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संथाल समाज का नेतृत्व किया। उन्होंने सिदो-कान्हू मुर्मु और चांद-भैरव को इस ऐतिहासिक संघर्ष के महानायक बताया, जिन्होंने जनजातीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए ब्रिटिश सत्ता को खुली चुनौती दी।\n\nवीरांगनाओं का अदम्य साहस\nअमित शाह ने केवल पुरुष नायकों को ही नहीं, बल्कि संथाल क्रांति में प्राण न्योछावर करने वाली वीरांगनाओं फूलो-झानो को भी बराबर का सम्मान दिया। उन्होंने इन वीरांगनाओं के अदम्य साहस को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके योगदान को इतिहास की एक अमूल्य विरासत बताया।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nअमित शाह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने भारी संख्या में प्रतिक्रिया दी और संथाल क्रांति के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। हूल दिवस के इस अवसर पर लोगों ने सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो की वीरगाथाएं साझा करते हुए इन अमर नायकों को भावपूर्वक याद किया।\n\nइसका आप पर असर\n• आदिवासी समुदाय के लिए: अमित शाह के इस संदेश से संथाल क्रांति के बलिदानियों को राष्ट्रीय पहचान और सम्मान मिलता है।\n• भारत भर में: हूल दिवस पर ऐसे संदेश जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के प्रति देशव्यापी जागरूकता बढ़ाते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हूल दिवस क्यों मनाया जाता है?\nहूल दिवस जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि की रक्षा के लिए संथाल क्रांति में बलिदान देने वाले शहीदों की याद में मनाया जाता है।\n\n2. अमित शाह ने इस पोस्ट में किन-किन नायकों का जिक्र किया?\nउन्होंने संथाल क्रांति के महानायक सिदो-कान्हू मुर्मु और चांद-भैरव, तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो का उल्लेख किया।\n\n3. संथाल क्रांति किसके खिलाफ लड़ी गई थी?\nसंथाल क्रांति अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध लड़ी गई थी।\n\n4. अमित शाह ने यह पोस्ट किस प्लेटफॉर्म पर किया?\nउन्होंने यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया।\n\n5. फूलो-झानो कौन थीं?\nफूलो-झानो संथाल क्रांति की वीरांगनाएं थीं जिन्होंने जनजातीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था।\n\n6. इस पोस्ट पर जनता की क्या प्रतिक्रिया रही?\nसोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और संथाल क्रांति के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।\n\nनेता परिचय: अमित शाह\n• पद: केंद्रीय गृह मंत्री\n• जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी\n\n2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020)\n• केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से)\n• केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से)\n• सांसद, गांधीनगर\n• 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व\n\nरोचक तथ्य\n• भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं।\n• 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-06-30",
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