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  "type": "article",
  "title": "सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत के बीच अखिलेश यादव ने की अनशन तोड़ने की अपील",
  "summary": "जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर अपील की, वहीं सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च का ऐलान किया है।",
  "content": "अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स (@yadavakhilesh) पर एक पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन तोड़ने की विनम्र अपील की है। उन्होंने लिखा कि वांगचुक का जीवन पूरी दुनिया के लिए अनमोल है, क्योंकि इसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता झलकती है जितनी लोकतंत्र के लिए। यह अपील ऐसे वक्त पर आई है जब दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।\n\nजंतर मंतर पर कब से जारी है प्रदर्शन\nसोनम वांगचुक बीते कई दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक जून के आखिरी हफ्ते में ही यह प्रदर्शन अपने 10वें दिन में पहुंच चुका था, जब जंतर मंतर पर एक प्रेस वार्ता भी आयोजित की गई थी। इसके बाद प्रदर्शन आमरण अनशन के रूप में और उग्र होता गया, और जुलाई की शुरुआत तक यह अनशन 11वें दिन तक पहुंच गया।\n\n15 दिन में साढ़े सात किलो से ज्यादा वजन घटा\nताजा जानकारी के मुताबिक सोनम वांगचुक करीब 15 दिनों से आमरण अनशन पर हैं और इस दौरान उनका करीब 7.8 किलो वजन कम हो चुका है। उनकी सेहत में लगातार गिरावट आ रही है, जिसे लेकर परिवार, समर्थकों और विपक्षी दलों में चिंता बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर आ रहे वीडियो और ग्राउंड रिपोर्ट्स में प्रदर्शन में शामिल छात्र भी अपनी बात रखते नजर आए हैं।\n\nधर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सवाल\nप्रदर्शन के दौरान एक इंटरव्यू में सोनम वांगचुक से यह भी पूछा गया कि क्या वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने अपनी बात रखी। वहीं आम आदमी पार्टी ने अनशन के 11वें दिन केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के पास सोनम वांगचुक की बात सुनने तक की फुर्सत नहीं है।\n\n20 जुलाई को संसद तक मार्च का ऐलान\nसीजेपी ने ऐलान किया है कि 20 जुलाई को जंतर मंतर से संसद तक एक मार्च निकाला जाएगा, जिसकी अगुवाई सोनम वांगचुक खुद करेंगे। संगठन ने लोगों से घर के सोफे पर बैठने के बजाय जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है, और विपक्षी दलों ने भी इस मार्च में साथ आने का ऐलान किया है।\n\nपहले भी हो चुकी है रिहाई की चर्चा\nयह पहला मौका नहीं है जब सोनम वांगचुक चर्चा में हैं। इससे पहले मार्च में सरकार ने उन्हें बिना किसी शर्त के जेल से रिहा किया था, जिस पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी।\n\nअखिलेश यादव ने और क्या लिखा\nअपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हैं, उसका जिक्र करते हुए उन्होंने एक लिंक भी साझा किया। उनकी पूरी पोस्ट में सोनम वांगचुक के प्रति सम्मान और उनकी सेहत को लेकर चिंता साफ झलकती है।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nअखिलेश यादव की इस अपील पर सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने पर्यावरण और लोकतंत्र के लिए सोनम वांगचुक के समर्पण की सराहना करते हुए शांतिपूर्ण संवाद और उनके जीवन की रक्षा की बात कही, जबकि कई यूजर्स ने अखिलेश यादव की मंशा और अपील की ईमानदारी पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से जोड़कर देखा।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा रही है और विपक्षी दल इसे लेकर आमने-सामने आ गए हैं, जिसका असर 20 जुलाई के प्रस्तावित मार्च और आगामी संसद सत्र पर दिख सकता है।\n• दिल्ली में: 20 जुलाई को जंतर मंतर से संसद तक होने वाले मार्च को देखते हुए दिल्लीवासियों को उस दिन इलाके में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर क्या अपील की?\nउन्होंने सोनम वांगचुक से अपना अनशन तोड़ने का विनम्र अनुरोध किया और कहा कि उनका जीवन मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के लिए अनमोल है।\n\n2. सोनम वांगचुक कितने दिनों से भूख हड़ताल पर हैं?\nताजा जानकारी के मुताबिक वे करीब 15 दिनों से आमरण अनशन पर हैं और इस दौरान उनका करीब 7.8 किलो वजन घट चुका है।\n\n3. सोनम वांगचुक कहां प्रदर्शन कर रहे हैं?\nवे दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के बैनर तले भूख हड़ताल पर बैठे हैं।\n\n4. 20 जुलाई को क्या होने वाला है?\nसीजेपी ने 20 जुलाई को जंतर मंतर से संसद तक मार्च की घोषणा की है, जिसकी अगुवाई सोनम वांगचुक करेंगे और विपक्षी दलों ने साथ आने का ऐलान किया है।\n\n5. आम आदमी पार्टी ने क्या कहा?\nआप ने अनशन के 11वें दिन केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के पास सोनम वांगचुक की बात सुनने की फुर्सत नहीं है।\n\n6. क्या सोनम वांगचुक पहले भी जेल जा चुके हैं?\nहां, इससे पहले मार्च में सरकार ने उन्हें बिना किसी शर्त के जेल से रिहा किया था।\n\n7. अखिलेश यादव की अपील पर लोगों ने कैसी प्रतिक्रिया दी?\nसोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली, कुछ ने पर्यावरण और लोकतंत्र के लिए समर्थन जताया तो कुछ ने अपील की मंशा पर सवाल उठाए और इसे राजनीति से जोड़ा।\n\nनेता परिचय: अखिलेश यादव\n• पद: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष\n• जन्म: 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश\n• पार्टी: समाजवादी पार्टी\n• शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग\n\nसमाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित)\n• उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017)\n• समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से)\n• आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई\n• कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा)\n\nरोचक तथ्य\n• 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।\n• पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-07-14",
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