# सोशल मीडिया पोस्ट में पश्चिमी प्रभाव वाली युवा महिलाओं पर भड़कीं बीजेपी सांसद कंगना रनौत, जनरेशन गटर बताकर खड़ा किया नया विवाद

> बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर युवा महिलाओं के एक वर्ग के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'जनरेशन गटर' करार दिया है। उनके इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-07-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/soshala-midiya-posta-men-pashchimi-prabhava-vali-yuva-mahilaon-para-bharakin-bjp-mp-kangana-ranaut-janareshana-gatara-batakara-kha-11634 · **Language:** Hindi
**Tags:** कंगना रनौत, बीजेपी, जनरेशन गटर, सोशल मीडिया विवाद, सुखदेव भगत, उदयवीर सिंह, नीट विरोध प्रदर्शन

भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयानों के कारण सार्वजनिक बहस के केंद्र में आ गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक लंबे संदेश में उन्होंने युवा महिलाओं के एक वर्ग के व्यवहार और जीवनशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। अपने संदेश में उन्होंने आरोप लगाया कि कई युवतियां जिम्मेदारी उठाए बिना ही स्वतंत्रता की मांग कर रही हैं। आधुनिक पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित इस वर्ग के लिए उन्होंने विशेष रूप से **"जनरेशन गटर"** शब्द का प्रयोग किया, जिसके बाद इंटरनेट पर पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस छिड़ गई है।

## आत्मनिर्भरता और आधुनिक जीवनशैली पर उठे सवाल
संसद सदस्य कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में युवा हिंदू महिलाओं के आचरण की कड़ी आलोचना की। उन्होंने उल्लेख किया कि आधुनिक समय में कई युवा महिलाएं एक सफल और आत्मनिर्भर कामकाजी महिला के जीवन का अनुसरण करना चाहती हैं, लेकिन उस मुकाम तक पहुंचने के लिए आवश्यक कड़ी मेहनत करने से कतराती हैं। उनके अनुसार, वास्तविक अर्थों में स्वतंत्र महिलाएं जीवन में कठिन और साहसिक फैसले लेती हैं, अपने मजबूत विचार रखती हैं और लीक से हटकर करियर का चुनाव करती हैं। इसके साथ ही वे अपने निर्णयों का पूरा उत्तरदायित्व स्वयं संभालती हैं और अपने परिवार या माता-पिता पर बोझ नहीं बनतीं।

अपनी पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी प्रभाव में आई महिलाओं की यह नई पीढ़ी समाज या व्यवस्था के विकास में कोई सकारात्मक योगदान नहीं दे पा रही है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे कई लोग न तो पढ़ाई लिखाई में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं और न ही घरेलू उत्तरदायित्व निभा पाते हैं, फिर भी नशे और अनियंत्रित जीवनशैली का प्रदर्शन करने में गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने आगे लिखा कि ये युवतियां अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहते हुए भी स्वयं को आजाद दिखाने के लिए संघर्ष करती हैं। अपने संदेश के अंत में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, **"यदि आप बिना किसी उत्तरदायित्व के आजाद रहने की कोशिश करेंगे, तो आप केवल एक गटर छाप बनकर रह जाएंगे।"**

## नीट परीक्षा प्रदर्शन और पुरानी विवादित टिप्पणियां
युवाओं और नई पीढ़ी के आचरण पर टिप्पणी करने का यह कंगना रनौत का पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में हुए छात्र आंदोलनों पर भी उन्होंने अपनी राय व्यक्त की थी। दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी रील्स और वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा था कि ऐसे कंटेंट को देखकर उन्हें **"डिजिटल डिटॉक्स"** और **"हीलिंग"** की आवश्यकता महसूस होती है। उनके इस बयान पर भी युवा वर्ग और विभिन्न छात्र संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई थी।

## राजनीतिक गलियारों से आई तीखी प्रतिक्रियाएं
कंगना रनौत के ताजा बयान के सामने आते ही राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी के सांसद सुखदेव भगत ने उनके वक्तव्य पर टिप्पणी करते हुए कहा, **"जब उनकी अपनी पार्टी भी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती, तो आम जनता उन्हें कैसे गंभीरता से लेगी।"** उन्होंने कहा कि कंगना एक सफल अभिनेत्री हो सकती हैं, लेकिन एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनके राजनीतिक बयान हमेशा विवादग्रस्त रहे हैं। सुखदेव भगत ने उनके पुराने बयानों का स्मरण कराते हुए याद दिलाया कि वे स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत का पहला प्रधानमंत्री बता चुकी हैं और यह दावा भी कर चुकी हैं कि देश को वास्तविक स्वतंत्रता वर्ष 2014 में प्राप्त हुई थी।

समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने भी कंगना रनौत के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिनेमा जगत में सफलता प्राप्त करना और राजनीति की गहरी समझ होना दो पूर्णतः भिन्न विषय हैं। उन्होंने कहा, **"फिल्मों में सफल होना और राजनीति की गहरी समझ होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।"** उदयवीर सिंह का मानना है कि राजनीतिक दल अक्सर चुनाव जीतने के उद्देश्य से लोकप्रिय हस्तियों को उम्मीदवार बनाते हैं, परंतु इसका अर्थ यह नहीं होता कि उनके पास नीतिगत परिपक्वता भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में ऐसे हस्तियों को केवल प्रतीकात्मक पद दिए जाते हैं जबकि प्रशासनिक कार्य पार्टी का संगठन संभालता है। इसलिए उनके बयानों को उनके सीमित राजनीतिक अनुभव के दायरे में ही देखा जाना चाहिए।

## इसका आप पर असर
इस राजनीतिक और सामाजिक बहस का आम पाठकों पर प्रभाव:

- **भारत में:** जनप्रतिनिधियों द्वारा युवाओं और महिलाओं पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर जवाबदेही की मांग तेज हो सकती है।
- **युवाओं के लिए:** करियर, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारियों के संतुलन को लेकर नई पीढ़ी और पुरानी सोच के बीच बहस गहरा सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या कहा?
कंगना रनौत ने लिखा कि कुछ युवा महिलाएं आत्मनिर्भर करियर की नकल करना चाहती हैं लेकिन मेहनत नहीं करना चाहतीं, और उन्हें 'जनरेशन गटर' कहा।

### 2. कंगना रनौत ने वास्तविक रूप से स्वतंत्र महिलाओं की क्या परिभाषा दी?
उनके अनुसार, आत्मनिर्भर महिलाएं कड़े विचार रखती हैं, लीक से हटकर करियर चुनती हैं और परिवार पर बोझ बने बिना अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद लेती हैं।

### 3. विपक्षी नेताओं ने कंगना के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत और सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि कंगना की राजनीतिक समझ सीमित है और उनकी अपनी पार्टी भी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती।

### 4. जंतर मंतर पर नीट परीक्षा विरोध से जुड़ी कंगना की पुरानी टिप्पणी क्या थी?
नीट पेपर लीक मामले के विरोध प्रदर्शन के वायरल वीडियो देखकर कंगना ने कहा था कि उन्हें 'डिजिटल डिटॉक्स' और 'हीलिंग' की जरूरत महसूस हुई।

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