सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर राजनाथ सिंह ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, बताया संवेदनशील और ओजस्वी नेता पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें नमन करते हुए उनके प्रभावी व्यक्तित्व, ओजस्वी वक्ता शैली और संवेदनशील नेतृत्व को याद किया। भारत की पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि के अवसर पर देश भर में उन्हें याद किया जा रहा है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा करते हुए पूर्व विदेश मंत्री को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सुषमा स्वराज के साथ बिताए संस्मरणों और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का एक अद्वितीय व्यक्तित्व बताया। राजनाथ सिंह ने क्या कहा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में कहा कि सुषमा स्वराज एक अत्यंत प्रभावी वक्ता होने के साथ-साथ अपने सहज, सरल और सौम्य व्यवहार के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने आगे लिखा कि सुषमा जी ने अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व, संवेदनशील नेतृत्व और समर्पित जनसेवा के माध्यम से देशवासियों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। राजनाथ सिंह के अनुसार, सार्वजनिक जीवन में उनका आचरण और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। कौन थीं सुषमा स्वराज सुषमा स्वराज भारतीय राजनीति का एक प्रमुख चेहरा थीं, जिन्होंने कई ऐतिहासिक मुकाम हासिल किए। वे भारत की १५वीं लोकसभा में २००९ से २०१४ तक प्रतिपक्ष की नेता रहीं। इससे पूर्व वे केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कैबिनेट मंत्री के पद पर कार्यरत रहीं तथा उन्होंने दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में भी सेवा दी। वर्ष २००९ के आम चुनावों के दौरान वे भारतीय जनता पार्टी की १९ सदस्यीय राष्ट्रीय चुनाव प्रचार समिति की अध्यक्ष भी बनाई गई थीं। वर्ष २०१४ से २०१९ तक देश की विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने भारतीय कूटनीति को एक नई पहचान दी। ६ अगस्त २०१९ को ६७ वर्ष की आयु में नई दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। मानवीय कूटनीति और त्वरित मदद की मिसाल विदेश मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्रालय के कामकाज को आम जनता से सीधे जोड़ दिया था। सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में संकट में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए वे हमेशा तत्पर रहती थीं। उनकी इस मानवीय कार्यप्रणाली के कारण वे देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहद लोकप्रिय हुईं। राष्ट्र के प्रति उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान से भी अलंकृत किया गया। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आम नागरिकों और विभिन्न राजनीतिक हस्तियों ने भी सुषमा स्वराज को याद करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। लोगों ने उन्हें भारतीय राजनीति की अत्यंत ओजस्वी वक्ता, सादगी की प्रतीक और नारी शक्ति की मिसाल बताते हुए नमन किया। कई उपयोगकर्ताओं ने उनके ऐतिहासिक भाषणों के वीडियो साझा कर उनके प्रखर विचारों और सौम्य व्यवहार को श्रद्धांजलि दी। इसका आप पर असर भारत में: • राजनीतिक प्रेरणा: सुषमा स्वराज के जनसेवा और संवेदनशीलता के प्रति समर्पण से जन प्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने की प्रेरणा मिलती है। • कूटनीतिक मिसाल: विदेश मंत्रालय में उनके द्वारा स्थापित नागरिक सहायता की त्वरित प्रणाली का लाभ आज भी विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को मिल रहा है। सवाल-जवाब 1. सुषमा स्वराज कौन थीं? सुषमा स्वराज भारत की पूर्व विदेश मंत्री, १५वीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री थीं। 2. राजनाथ सिंह ने सुषमा स्वराज के बारे में क्या कहा? राजनाथ सिंह ने उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके ओजस्वी भाषण, सौम्य व्यवहार और संवेदनशील नेतृत्व को याद किया। 3. सुषमा स्वराज का निधन कब और कहां हुआ था? सुषमा स्वराज का निधन ६ अगस्त २०१९ को ६७ वर्ष की आयु में नई दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में हुआ था। 4. विदेश मंत्री के रूप में सुषमा स्वराज को किस बात के लिए विशेष रूप से जाना जाता है? उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश में फंसे भारतीयों की त्वरित मदद करने और मानवीय कूटनीति के लिए जाना जाता है। नेता परिचय: राजनाथ सिंह • पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री • जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: भौतिकी में एमएससी 2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002) • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14) • केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019) • केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से) • लखनऊ से सांसद रोचक तथ्य • राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे। • 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे। https://trendkia.com/neta-ji/sushama-svaraja-ki-punyatithi-para-rajanatha-sinha-ne-di-bhavabhini-shraddhanjali-bataya-snvedanashila-aura-ojasvi-neta-14216 TrendKia — Har trend, sabse pehle.