ताजिकिस्तान के रक्षा प्रमुख से मिले राजनाथ सिंह, द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूत करने पर हुई अहम चर्चा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक के इतर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सार्थक चर्चा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक से इतर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने को लेकर एक अहम बैठक की। दुशांबे में हुई इस उच्चस्तरीय चर्चा का मुख्य फोकस आपसी हितों के क्षेत्रों में रक्षा सहयोग को गहरा करना और क्षमता निर्माण तथा सैन्य प्रशिक्षण जैसे अहम आयामों को आगे बढ़ाना था। दुशांबे में रणनीतिक संवाद भारत और ताजिकिस्तान के बीच रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में यह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित इस बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा साझीदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। भारत लगातार मध्य एशियाई देशों के साथ अपने सामरिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है, जिसके तहत एससीओ मंच का उपयोग क्षेत्रीय संपर्क और सहयोग बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर जोर दोनों पक्षों के बीच हुई इस बातचीत में मुख्य रूप से क्षमता निर्माण, सैन्य प्रशिक्षण और द्विपक्षीय रक्षा तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया। रक्षा मामलों में तकनीकी और व्यावहारिक साझेदारी बढ़ाने से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल बेहतर होगा। इस मुलाकात को क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद विरोधी प्रयासों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर इस उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद आम लोगों और समर्थकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कई लोगों ने भारत और ताजिकिस्तान के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों की सराहना की। इसका आप पर असर यह कूटनीतिक मुलाकात क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में भारत के रणनीतिक हितों को मजबूती प्रदान करती है। • भारत में: रक्षा सहयोग बढ़ने से देश के रणनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव में इजाफा होता है, जिसका असर मध्य एशिया के साथ व्यापार और सुरक्षा साझीदारियों पर भी पड़ता है। • दुशांबे में: इस उच्चस्तरीय बैठक से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा तंत्र और सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सवाल-जवाब 1. राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से कहाँ मुलाकात की? राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक के दौरान मुलाकात की। 2. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था? इस बैठक का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना और क्षमता निर्माण तथा प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करना था। 3. यह बैठक किस मंच के दौरान आयोजित की गई थी? यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक के इतर आयोजित की गई थी। 4. इस वार्ता से क्या लाभ मिलने की उम्मीद है? इससे दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों में प्रगाढ़ता आने और क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। नेता परिचय: राजनाथ सिंह • पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री • जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: भौतिकी में एमएससी 2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002) • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14) • केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019) • केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से) • लखनऊ से सांसद रोचक तथ्य • राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे। • 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे। https://trendkia.com/neta-ji/tajikistana-ke-raksha-pramukha-se-mile-rajanatha-sinha-dvipakshiya-sainya-snbndhon-ko-majabuta-karane-para-hui-ahama-charcha-49478 TrendKia — Har trend, sabse pehle.