तीजन बाई के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, बताया कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति पंडवानी लोक गायिका पद्मविभूषण तीजन बाई का रायपुर स्थित एम्स में निधन हो गया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए इसे कला व संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। छत्तीसगढ़ की मशहूर पंडवानी लोक गायिका तीजन बाई का निधन हो गया है। इस खबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट लिखकर गहरा दुख जताया और उनके निधन को कला व संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया। मोदी ने क्या लिखा अपने पोस्ट में नरेंद्र मोदी ने लिखा कि सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने याद दिलाया कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की इस पारंपरिक लोक कला को अपनी शानदार प्रस्तुतियों के जरिए पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। मोदी ने इसे कला एवं संस्कृति की दुनिया के लिए एक ऐसी क्षति बताया, जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं। पोस्ट के अंत में उन्होंने दुख की इस घड़ी में तीजन बाई के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कौन थीं तीजन बाई तीजन बाई छत्तीसगढ़ की पंडवानी लोक गीत-नाट्य शैली की पहली महिला कलाकार मानी जाती हैं। बचपन में वे अपने नाना से महाभारत की कथाएं सुना करती थीं, और यहीं से पंडवानी के प्रति उनका लगाव पैदा हुआ, जो आगे चलकर उन्हें इस विधा की पुरोधा बना गया। देश ही नहीं विदेशों में भी मंच पर पंडवानी प्रस्तुत करने वाली तीजन बाई को बिलासपुर विश्वविद्यालय ने डी लिट की मानद उपाधि से नवाजा था। उन्हें 1988 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया, इसके बाद 2003 में कला के क्षेत्र में पद्मभूषण दिया गया और आगे चलकर उन्हें देश का पद्मविभूषण सम्मान भी मिला, यानी उनके नाम तीनों पद्म अवॉर्ड दर्ज हैं। इसके अलावा 1995 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और 2007 में नृत्य शिरोमणि सम्मान से भी नवाजा गया था। खबरों के मुताबिक, इतने सम्मान और विदेशों में पहचान मिलने के बावजूद तीजन बाई हाल के वर्षों में आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। तबीयत बिगड़ने से निधन तक तीजन बाई की सेहत को लेकर चिंता काफी समय से बनी हुई थी। खबरों के मुताबिक 2023 में भी एक बार उनकी तबीयत बिगड़ने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डॉक्टरों की टीम उनके घर भेजी थी। नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद फोन कर तीजन बाई के परिजनों से उनका हालचाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था, जिसके बाद प्रशासन भी हरकत में आया और जिला कलेक्टर समेत डॉक्टरों की टीम उनके घर पहुंची थी। इसके बाद मार्च 2026 और फिर मई 2026 में उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ी, जिसके चलते उन्हें रायपुर स्थित एम्स के आईसीयू में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 5 जुलाई 2026 को तीजन बाई ने रायपुर एम्स में आखिरी सांस ली। जनता की प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री के इस शोक संदेश पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिलीजुली रहीं। बड़ी संख्या में यूजर्स ने तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और पंडवानी व भारतीय संस्कृति में उनके योगदान को याद किया, वहीं कुछ यूजर्स ने इसी पोस्ट के जरिए सरकार की अलग-अलग नीतियों को लेकर सवाल भी उठाए। इसका आप पर असर • भारत में: तीजन बाई के निधन के बाद देशभर में पंडवानी जैसी लोक कलाओं के संरक्षण और लोक कलाकारों की आर्थिक स्थिति को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ सकती है। • छत्तीसगढ़ में: राज्य में तीजन बाई को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम आयोजित हो सकते हैं, क्योंकि वे छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की सबसे बड़ी पहचानों में से एक रही हैं। सवाल-जवाब 1. तीजन बाई का निधन कब और कहां हुआ? उनका निधन 5 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित एम्स में हुआ। 2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा? उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए तीजन बाई के निधन को कला व संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। 3. तीजन बाई किस कला विधा से जुड़ी थीं? वे छत्तीसगढ़ की पंडवानी लोक गीत-नाट्य शैली की पहली महिला कलाकार थीं। 4. उन्हें कौन-कौन से बड़े सम्मान मिले थे? उन्हें पद्मश्री (1988), पद्मभूषण (2003) और पद्मविभूषण के अलावा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995) व नृत्य शिरोमणि (2007) सम्मान मिल चुके थे। 5. निधन से पहले उनकी तबीयत कब-कब बिगड़ी थी? खबरों के मुताबिक 2023 में, फिर मार्च 2026 और मई 2026 में उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें एम्स रायपुर के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। 6. प्रधानमंत्री ने पहले भी उनका हाल जाना था? हां, नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उनके परिजनों से हालचाल लिया था और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। 7. सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही? ज्यादातर यूजर्स ने तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी, जबकि कुछ यूजर्स ने इसी पोस्ट पर अलग मुद्दों को लेकर सवाल भी उठाए। नेता परिचय: नरेंद्र मोदी • पद: भारत के प्रधानमंत्री • जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: राजनीति विज्ञान में एमए 2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक • गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014) • भारत के प्रधानमंत्री (2014 से) • 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया • स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया रोचक तथ्य • चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने। • 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया। https://trendkia.com/neta-ji/tijana-bai-ke-nidhana-para-piema-modi-ne-jataya-shoka-bataya-kala-jagata-ke-lie-apuraniya-kshati-4838 TrendKia — Har trend, sabse pehle.