उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन विक्रेताओं को राहत, योगी सरकार ने लाभांश बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल किया उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सरकारी राशन विक्रेताओं के हित में बड़ा फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) का लाभांश 90 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य में लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सुगम क्रियान्वयन और विक्रेताओं को उचित प्रोत्साहन प्रदान करना है। राशन विक्रेताओं के लाभांश में इजाफा और आपूर्ति व्यवस्था राजधानी लखनऊ से की गई इस घोषणा के अंतर्गत राशन विक्रेताओं के प्रति कुंतल लाभांश में 35 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास और विरासत के सशक्त समन्वय का साक्षी बन रहा है। लाभांश बढ़ाने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। इस प्रक्रिया से खाद्यान्न सीधे गोदामों से राशन दुकानों तक पहुंचेगा, जिससे आपूर्ति में पारदर्शिता बनी रहेगी और वितरण प्रक्रिया समयबद्ध होगी। उत्तर प्रदेश के बारे में उत्तर प्रदेश जनसंख्या के दृष्टिकोण से भारत का सबसे बड़ा राज्य है और क्षेत्रफल के आधार पर देश में चौथे स्थान पर आता है। राज्य की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी लखनऊ है, जबकि न्यायिक राजधानी प्रयागराज में स्थित है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर प्रदेश के अन्य प्रमुख व्यावसायिक और सांस्कृतिक शहर हैं। भौगोलिक रूप से राज्य के उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ और पूर्व में बिहार व झारखंड स्थित हैं। उत्तर प्रदेश की उत्तरी सीमा पड़ोसी देश नेपाल से भी जुड़ी हुई है। जनता की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर सोशल मीडिया पर आम जनता और कोटेदारों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने उचित दर विक्रेताओं के कमीशन में वृद्धि और पारदर्शी वितरण प्रणाली के प्रयासों का स्वागत किया। दूसरी ओर, कुछ उपयोगकर्ताओं ने मांग की कि कोटेदारों का कमीशन अन्य राज्यों की तर्ज पर 200 रुपये प्रति कुंतल किया जाना चाहिए, जबकि कुछ नागरिकों ने राशन दुकानों पर खाद्यान्न चोरी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आयु सीमा में छूट देने जैसे सुझाव भी रखे। इसका आप पर असर • भारत में: राज्य स्तरीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और कोटेदारों के लाभांश को बढ़ाने का यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक बेहतर प्रशासनिक उदाहरण प्रस्तुत करता है। • उत्तर प्रदेश में: राज्य के 78 हजार से अधिक राशन विक्रेताओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और सिंगल स्टेज डिलीवरी से लाखों राशन कार्डधारकों को समय पर खाद्यान्न प्राप्त करने में मदद मिलेगी। सवाल-जवाब 1. योगी आदित्यनाथ ने राशन विक्रेताओं के लिए क्या घोषणा की है? मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) के लाभांश को 90 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल करने का निर्णय लिया है। 2. इस फैसले का लाभ कितने राशन विक्रेताओं को मिलेगा? उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन विक्रेताओं को इस बढ़ी हुई दर का सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा। 3. सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस व्यवस्था का उद्देश्य गोदामों से सीधे राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाना है ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और आपूर्ति पारदर्शी बने। 4. उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक और न्यायिक राजधानी कहां स्थित है? उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी लखनऊ में है, जबकि न्यायिक राजधानी प्रयागराज में स्थित है। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/uttar-pradesh-ke-78-hajara-se-adhika-rashana-vikretaon-ko-rahata-yogi-sarakara-ne-labhansha-barhakara-125-rupaye-prati-kuntala-kiy-17515 TrendKia — Har trend, sabse pehle.