उत्तर प्रदेश में एक ही छत के नीचे बैठेंगे सभी जज, योगी आदित्यनाथ ने दिए एकीकृत कोर्ट परिसर के निर्देश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला स्तर पर सभी अदालतों और न्यायिक अधिकारियों के आवासों को एक ही एकीकृत परिसर में स्थापित करने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश के न्यायिक ढांचे को अत्याधुनिक और सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण का विजन प्रस्तुत किया है। इस योजना का मुख्य ध्येय जिला स्तर पर संचालित विभिन्न अदालतों, न्यायाधिकरणों और प्रशासनिक पीठों को एक ही परिसर में स्थापित करना है, ताकि आम नागरिकों, वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही, इन परिसरों में न्यायिक अधिकारियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। अदालती व्यवस्था को आधुनिक बनाने की पहल वर्तमान समय में कई जिलों में दीवानी, आपराधिक, पारिवारिक और श्रम अदालतें अलग-अलग भवनों या दूर-दराज के इलाकों में संचालित होती हैं। इससे न केवल मुकदमों से जुड़े कागजात के हस्तांतरण में देरी होती है, बल्कि आम जनता और वकीलों का काफी समय भी नष्ट होता है। योगी आदित्यनाथ के अनुसार, सभी अदालतों को एक छत के नीचे लाने से न्यायिक कार्यप्रणाली अधिक सुसंगत और प्रभावी बनेगी। इन नए परिसरों में आधुनिक तकनीक से लैस कोर्टरूम, डिजिटल केस प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षित रिकॉर्ड रूम और वादकारियों के लिए विश्राम गृह जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल होंगी। एक ही छत के नीचे प्रशासनिक व्यवस्था का मॉडल एकीकृत व्यवस्था का यह मॉडल केवल न्यायपालिका तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक सुधारों के तहत भी इसे तेजी से लागू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में राजस्व प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए कलेक्ट्रेट और तहसील भवनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कर सभी राजस्व कार्यों को एक ही छत के नीचे लाया जा रहा है। इसी तर्ज पर, देश के विभिन्न हिस्सों में एकीकृत सचिवालय और पंचायत स्तर पर पंचायत सरकार भवनों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को जाति प्रमाण पत्र, भूमि रिकॉर्ड और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और बेहतर सुरक्षा न्यायिक अधिकारियों के लिए अदालत परिसर के भीतर ही आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और अधिकारियों के आवागमन में लगने वाले समय की बचत होगी। एकीकृत परिसर से मुकदमों की सुनवाई की गति बढ़ेगी और पुलिस प्रशासन को भी कैदियों की पेशी में आसानी होगी। इसके अलावा, एक ही जगह पर सभी सुविधाएं मिलने से कानूनी प्रक्रियाओं की लागत और समय दोनों में कमी आने की संभावना है। जनता की प्रतिक्रिया योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। एक ओर जहां कई लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे समय की बचत और अदालती व्यवस्था में सुधार का बड़ा कदम बताया, वहीं दूसरी ओर कुछ नागरिकों ने मुकदमों के त्वरित निस्तारण, झूठे मामलों पर नकेल कसने और अदालती शुल्कों व पारदर्शिता में सुधार की मांग भी उठाई। इसका आप पर असर • भारत में: एकीकृत अदालती परिसरों का यह मॉडल देश भर में न्यायिक बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और केस पेंडेंसी को कम करने के लिए एक मानक स्थापित कर सकता है। • उत्तर प्रदेश में: राज्य भर के वादकारियों, वकीलों और अदालत कर्मचारियों को सभी अदालती सेवाएं एक ही जगह पर मिलेंगी, जिससे कानूनी प्रक्रियाओं में लगने वाला समय और खर्च कम होगा। सवाल-जवाब 1. योगी आदित्यनाथ ने किस नई योजना का निर्देश दिया है? उन्होंने जिला स्तर पर सभी अदालतों और न्यायिक अधिकारियों के आवासों को एक ही एकीकृत कोर्ट परिसर में लाने का निर्देश दिया है। 2. एकीकृत कोर्ट परिसर बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाना, वकीलों व वादकारियों की भागदौड़ कम करना और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। 3. क्या इस परिसर में न्यायिक अधिकारियों के रहने की व्यवस्था भी होगी? हां, प्रस्ताव के अनुसार परिसर के भीतर ही न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 4. उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर और कौन से कार्य एक छत के नीचे लाए जा रहे हैं? उत्तर प्रदेश में कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर राजस्व से जुड़े सभी कार्यों को आधुनिक सुविधाओं वाले भवनों में एक ही छत के नीचे लाया जा रहा है। 5. इस घोषणा पर जनता की क्या प्रतिक्रिया रही है? नागरिकों ने बुनियादी ढांचे में सुधार का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही मुकदमों के त्वरित निस्तारण और झूठे मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी रखी है। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/uttar-pradesh-men-eka-hi-chhata-ke-niche-baithenge-sabhi-jaja-yogi-adityanatha-ne-die-ekikrita-korta-parisara-ke-nirdesha-11663 TrendKia — Har trend, sabse pehle.