उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव की सरगर्मी तेज, मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर को होने वाले शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल पर कड़ा प्रहार किया। उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। राज्य भर में चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और प्रमुख दल मतदाताओं को साधने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में रणनीति पर चर्चा हुई और विपक्षी दलों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया गया। योगी आदित्यनाथ ने साधा विपक्षी दल पर निशाना सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी शंखनाद करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य की स्थिति बेहद खराब थी और उपद्रव, दंगे तथा कर्फ्यू आम बात बन चुके थे। उनके मुताबिक उस दौर में प्रदेश को बीमारू बना दिया गया था, लेकिन अब राज्य में सुरक्षा और कानून का माहौल स्थापित हुआ है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि वे इस बार चुनावी प्रक्रिया में बैलेट पेपर के जरिए समाजवादी पार्टी को कड़ा जवाब दें। चुनावी समीकरण और जमीनी तैयारियां राज्य में आगामी 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। इस चुनावी दंगल से 7 प्रत्याशियों द्वारा नाम वापस लिए जाने के बाद अब 152 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें खण्ड शिक्षक से 16 और स्नातक क्षेत्र से 23 प्रत्याशी प्रमुख मुकाबले में शामिल हैं। लखीमपुर खीरी में मतदान के लिए 85 बूथ तैयार किए गए हैं, जबकि प्रतापगढ़ के कुंडा से लेकर छतोह तक प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक संगठन स्तर-स्तर पर समीक्षा कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने भी चुनावी शुचिता और सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपे हैं, जिसमें मतदान से मतगणना तक पुख्ता पहरे की मांग उठाई गई है। मतदाताओं पर पकड़ बनाने की होड़ लखनऊ स्नातक क्षेत्र में 1.71 लाख मतदाताओं की भागीदारी को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने सांसदों से लेकर बूथ प्रमुखों तक को सक्रिय कर दिया है। इधर शासन स्तर पर भी मतदाताओं की सहूलियत का ध्यान रखा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के आदेश के अनुसार, 23 अक्टूबर को मतदान के दिन पात्र कर्मचारियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है ताकि लोग बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। लखनऊ के बारे में लखनऊ भारत के उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी है। प्रशासनिक रूप से यह क्षेत्र लखनऊ जिले के अंतर्गत आता है और प्रदेश की नीति-निर्धारण तथा शासन व्यवस्था का सबसे प्रमुख केंद्र माना जाता है। जनता की प्रतिक्रिया इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ लोगों ने राज्य में सुरक्षा, विकास और शिक्षकों के सम्मान को समर्थन दिया, वहीं कई नागरिकों ने भर्ती प्रक्रियाओं, पारदर्शी कामकाज और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर सवाल भी उठाए। इसका आप पर असर शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव से संबंधित कर्मचारियों और मतदाताओं के लिए सीधे व्यावहारिक प्रभाव तय किए गए हैं। • उत्तर प्रदेश में: इस चुनाव के चलते 23 अक्टूबर को मतदान वाले क्षेत्रों के पात्र कर्मचारियों को अवकाश का लाभ मिलेगा। सरकारी आदेश के कारण शिक्षक और स्नातक वर्ग बिना कार्यालय की बाधा के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। • लखनऊ में: लखनऊ खंड के 1.71 लाख मतदाताओं के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक इंतजाम और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। शहर के चिन्हित बूथों पर मतदाताओं को पहचान पत्र और तय नियमों के साथ मतदान केंद्र पहुंचना होगा। • उम्मीदवारों के लिए: मैदान में डटे 152 प्रत्याशियों के लिए चुनावी अभियान की समयसीमा काफी कम रह गई है। हर उम्मीदवार को बचे हुए दिनों में घर-घर और संस्थानों में सघन जनसंपर्क साधना होगा। • शिक्षक वर्ग पर प्रभाव: चुनाव परिणाम सीधे विधान परिषद में शिक्षकों और युवाओं से जुड़ी नीतियों की आवाज को प्रभावित करेंगे। चुने गए प्रतिनिधि सेवा शर्तों, मानदेय और नीतिगत मसलों पर उच्च सदन में पक्ष रखेंगे। सवाल-जवाब 1. उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान कब होगा? उत्तर प्रदेश में इन चुनावों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। 2. इस चुनाव में कुल कितने उम्मीदवार मैदान में बचे हैं? नामांकन वापसी के बाद 7 प्रत्याशियों के हटने से अब कुल 152 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 3. लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल कितने मतदाता पंजीकृत हैं? लखनऊ स्नातक क्षेत्र में कुल 1.71 लाख पंजीकृत मतदाता हैं। 4. लखीमपुर खीरी में मतदान के लिए कितने बूथ बनाए गए हैं? लखीमपुर खीरी में मतदान संपन्न कराने के लिए 85 बूथ तैयार किए गए हैं। 5. मतदान के दिन कर्मचारियों को क्या सुविधा दी गई है? मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आदेश के अनुसार 23 अक्टूबर को पात्र कर्मचारियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/uttar-pradesh-men-shikshaka-aura-snataka-emaelasi-chunava-ki-saragarmi-teja-mukhyamntri-ne-vipaksha-para-sadha-nishana-48745 TrendKia — Har trend, sabse pehle.