# उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में भारी बढ़ोतरी

> उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय बढ़ाकर ₹18,000 और अनुदेशकों का मानदेय ₹17,000 करने का फैसला किया है।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-07-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/uttar-pradesh-men-shikshamitron-aura-anudeshakon-ke-manadeya-men-bhari-barhotari-3834 · **Language:** Hindi
**Tags:** myogiadityanath

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मासिक मानदेय में भारी वृद्धि करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले की जानकारी साझा की। सरकार के इस कदम से राज्य के संविदा शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। इस निर्णय से राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा।

 

## मानदेय में हुए बदलाव के आंकड़े

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर अब ₹18,000 कर दिया है। इसके साथ ही, अनुदेशकों के मानदेय में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। अनुदेशकों को पहले हर महीने ₹9,000 मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब ₹17,000 प्रति माह कर दिया गया है। इन दोनों ही श्रेणियों में मानदेय में ₹8,000 प्रति माह की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उनके वेतन में भारी अंतर देखने को मिलेगा।

 

## शिक्षकों और परिवारों पर प्रभाव

इस महत्वपूर्ण फैसले से उत्तर प्रदेश के लगभग 1.5 लाख परिवारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। मानदेय में की गई इस वृद्धि से संविदा पर काम कर रहे इन कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। लंबे समय से ये शिक्षक बढ़ती महंगाई के बीच अपने वेतन को सम्मानजनक स्तर पर ले जाने की मांग कर रहे थे, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इस फैसले ने राज्य भर में संविदा पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के बीच भी एक व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। प्राथमिक शिक्षा के ढांचे में शिक्षामित्रों की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है, जो कक्षाओं के संचालन से लेकर अन्य प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करते हैं। अनुदेशकों के वेतन को लगभग दोगुना करने और शिक्षामित्रों के मानदेय में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी करने के इस फैसले को प्रशासन द्वारा संविदा शिक्षकों की एक बड़ी और पुरानी मांग को पूरा करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

 

## जनता की प्रतिक्रिया

इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कई लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और इसे शिक्षकों के सम्मान में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया, वहीं दूसरी ओर आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत सहायकों ने भी अपने मानदेय को बढ़ाने की मांग तेज कर दी है।

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## इसका आप पर असर
- **उत्तर प्रदेश में:** इस फैसले से राज्य के लगभग 1.5 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के परिवारों को आर्थिक तंगी से राहत मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
- **भारत में:** यह कदम अन्य राज्यों में भी संविदा शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों के वेतन ढांचे में सुधार के लिए एक सकारात्मक उदाहरण पेश कर सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों का नया मासिक मानदेय कितना है?
शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर अब ₹18,000 कर दिया गया है।

### 2. अनुदेशकों के मानदेय में कितने रुपये की बढ़ोतरी की गई है?
अनुदेशकों का मानदेय ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 प्रति माह किया गया है, जिसमें ₹8,000 की बढ़ोतरी हुई है।

### 3. इस मानदेय वृद्धि से लगभग कितने परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है?
इस वेतन संशोधन से राज्य के लगभग 1.5 लाख संविदा शिक्षकों के परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

### 4. इस घोषणा के बाद अन्य किन संविदा कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग की है?
इस फैसले के बाद आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत सहायकों जैसे अन्य संविदा कर्मचारियों ने भी अपना मानदेय बढ़ाने की मांग की है।

## नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ
- **पद:** उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
- **जन्म:** 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** गणित में बीएससी

2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार)
- गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से)
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से)
- लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री
- हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की

### रोचक तथ्य
- 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने।
- राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने।


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