# उत्तर प्रदेश टीजीटी भर्ती में आरक्षण विसंगति पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

> सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश टीजीटी शिक्षक भर्ती में ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटें तय सीमा से डेढ़ गुना अधिक होने और आरक्षित वर्गों के पद घटाने का गंभीर आरोप लगाया है।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-10-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/uttar-pradesh-tijiti-bharti-men-arakshana-visngati-para-akhilesha-yadava-ne-uthae-savala-51618 · **Language:** Hindi
**Tags:** yadavakhilesh

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत आरक्षण के नियमों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) चयन प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों के लिए निर्धारित सीटों के बंटवारे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि भर्ती में आरक्षण के संवैधानिक और विधिक नियमों की अनदेखी करते हुए पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों में कटौती की गई है।

## सीटों के बंटवारे में नियमों के उल्लंघन का आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया है कि इस भर्ती प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए निर्धारित दस प्रतिशत की सीमा का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। उनके अनुसार, ईडब्ल्यूएस वर्ग को दी गई सीटें निर्धारित 10% कोटे की सीमा से डेढ़ गुनी से भी अधिक हैं। वहीं दूसरी ओर, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अभ्यर्थियों के लिए तय सीटों की संख्या उनके वैधानिक कोटे से काफी कम रखी गई है।

## अखिलेश यादव का बयान और तर्क
सोशल मीडिया मंच पर अपनी बात रखते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भर्ती में पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के साथ सीधा अन्याय देखने को मिल रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि सीटों के आवंटन में आई इस तार्किक विसंगति को समझने के लिए किसी जटिल कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI तकनीक की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसके लिए केवल एक पारदर्शी और ईमानदार नीयत की जरूरत है। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि आंकड़ों की निष्पक्ष जांच की जाए, तो आरक्षण में हुआ यह असंतुलन साफ नजर आ जाएगा।

## आरक्षण व्यवस्था पर उठते सवाल
उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों के दौरान आरक्षण के रोस्टर और सीट निर्धारण को लेकर पहले भी कई बार विवाद उठ चुके हैं। सामान्य नियम के अनुसार किसी भी श्रेणी के तहत मिलने वाला आरक्षण उसकी विधिक सीमा के भीतर ही लागू होना चाहिए। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए अधिकतम सीमा दस प्रतिशत तय की गई है। ऐसे में यदि विज्ञापित पदों में इस सीमा से अधिक हिस्सेदारी दर्ज होती है, तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच असंतोष गहराना स्वाभाविक हो जाता है।

## जनता की प्रतिक्रिया
इस बयान के सामने आने के बाद प्रतियोगी छात्रों और आम नागरिकों के बीच मिली-जुली राय देखने को मिली। कुछ लोगों ने भर्ती आंकड़ों की स्वतंत्र जांच और पारदर्शी रोस्टर लागू करने की मांग का समर्थन किया, जबकि अन्य का कहना था कि राजनीतिक दलों को चयन प्रक्रियाओं के आंकड़ों को लेकर बिना आधिकारिक स्पष्टीकरण के बयानबाजी से बचना चाहिए।

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## इसका आप पर असर
यह विवाद उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के सीधे चयन और कट-ऑफ को प्रभावित करता है।

- **उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों पर:** टीजीटी शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों की कट-ऑफ और अंतिम मेरिट लिस्ट सीधे तौर पर इस बात पर निर्भर करेगी कि सीटों का रोस्टर विधिक सीमा के अनुसार सही है या नहीं। यदि विभाग द्वारा आंकड़ों की पुनर्गणना की जाती है, तो विभिन्न वर्गों की उपलब्ध सीटों में बदलाव हो सकता है।
- **देश भर के प्रतिस्पर्धियों पर:** ईडब्ल्यूएस और सामाजिक आरक्षण के बीच संतुलन का यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण नियमों के सटीक क्रियान्वयन पर बहस को तेज करता है। इससे अन्य राज्यों में भी विज्ञापनों में रोस्टर सत्यापन की मांग उठ सकती है।
- **विधिक और चयन प्रक्रिया पर:** यदि इस विसंगति को लेकर कानूनी अपील दर्ज होती है, तो भर्ती प्रक्रिया और परिणाम घोषित होने की समयसीमा प्रभावित हो सकती है। अभ्यर्थियों को चयन बोर्ड के आधिकारिक स्पष्टीकरण और अगली अधिसूचना पर सतर्कता से नजर रखनी चाहिए।
- **पारदर्शिता की मांग पर:** प्रतियोगी छात्र अब भर्ती बोर्ड से वर्गवार सीटों का विस्तृत रोस्टर सार्वजनिक करने की मांग तेज कर सकते हैं। इससे आने वाली अन्य भर्तियों में भी सीटों के निर्धारण को लेकर अधिक निगरानी देखने को मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. अखिलेश यादव ने किस भर्ती को लेकर सवाल उठाए हैं?
उन्होंने उत्तर प्रदेश की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण और सीट आवंटन पर सवाल उठाए हैं।

### 2. ईडब्ल्यूएस कोटे को लेकर क्या आरोप लगाया गया है?
आरोप है कि भर्ती में ईडब्ल्यूएस वर्ग की सीटें तय 10 प्रतिशत आरक्षण सीमा से डेढ़ गुना से भी अधिक कर दी गई हैं।

### 3. आरक्षित वर्गों की सीटों के संबंध में क्या दावा किया गया है?
दावा किया गया है कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों के लिए तय सीटों की संख्या उनके निर्धारित कोटे से काफी कम रखी गई है।

### 4. सपा प्रमुख ने इस विसंगति को पकड़ने के लिए किस बात पर जोर दिया?
उन्होंने कहा कि इस तार्किक विसंगति को पकड़ने के लिए किसी एआई की जरूरत नहीं है, बल्कि इसके लिए केवल ईमानदार नीयत की आवश्यकता है।

## नेता परिचय: अखिलेश यादव
- **पद:** समाजवादी पार्टी अध्यक्ष
- **जन्म:** 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश
- **पार्टी:** समाजवादी पार्टी
- **शिक्षा:** मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित)
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017)
- समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से)
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई
- कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा)

### रोचक तथ्य
- 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
- पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि।


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