वाराणसी में गुरु रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर 7 महीने के समरसता संकल्प अभियान का आगाज संत रविदास महाराज के 650वें प्रकटोत्सव पर वाराणसी से 7 महीने लंबे राष्ट्रव्यापी समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत हुई है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर राष्ट्रव्यापी समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत हो चुकी है। गुरु पूर्णिमा के दिन से शुरू हुआ यह अभियान समाज में सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत देश भर में कई सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। अभियान का खाका और मुख्य बिंदु भारतीय जनता पार्टी की ओर से संचालित यह राष्ट्रव्यापी अभियान 29 जुलाई 2026 से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 तक कुल 7 महीनों तक चलेगा। वाराणसी में इस भव्य आयोजन का शुभारंभ 131 पवित्र कलशों की स्थापना और पूजन के साथ किया गया। इस समरसता संकल्प अभियान के दौरान देश भर के 51 हजार से अधिक स्थानों पर समरसता के दीप जलाए जाएंगे, ताकि गुरु रविदास जी के विचारों को हर घर तक पहुंचाया जा सके। योगी आदित्यनाथ का संदेश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पहुंचकर गुरु रविदास जी महाराज के चरणों में मत्था टेका और कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस आयोजन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि सद्गुरु रविदास जी महाराज के 650वें जयंती वर्ष के पावन अवसर पर वाराणसी में आयोजित समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने संत रविदास जी के संदेश को पूरे राष्ट्र की साझी विरासत बताया। वाराणसी के बारे में वाराणसी, जिसे काशी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में गंगा नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन और पवित्र नगर है। यह शहर सनातन धर्म का एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है, जिसे धार्मिक मान्यताओं में अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है। इसके अलावा वाराणसी बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। जनता की प्रतिक्रिया इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास जी के प्रति नमन व्यक्त किया और इस राष्ट्रव्यापी अभियान को सामाजिक एकता की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। इसका आप पर असर • भारत में: यह 7 महीने लंबा अभियान देश भर के 51 हजार स्थानों पर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश फैलाएगा। • उत्तर प्रदेश और वाराणसी में: धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों से वाराणसी और राज्य भर में सामाजिक एकता के आयोजनों को प्रोत्साहन मिलेगा। सवाल-जवाब 1. समरसता संकल्प अभियान किस अवसर पर शुरू किया गया है? यह अभियान संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष (प्रकटोत्सव) के अवसर पर शुरू किया गया है। 2. यह राष्ट्रव्यापी अभियान कब से कब तक चलेगा? यह अभियान 29 जुलाई 2026 से लेकर 20 फरवरी 2027 तक कुल 7 महीनों तक चलेगा। 3. अभियान के तहत कितने स्थानों पर समरसता के दीप जलाए जाएंगे? देश भर के 51,000 से अधिक स्थानों पर समरसता के दीप जलाए जाएंगे और 131 कलशों की स्थापना के साथ इसकी शुरुआत हुई है। 4. वाराणसी का धार्मिक महत्व क्या है? गंगा तट पर बसा वाराणसी सनातन धर्म का प्रमुख तीर्थ है, जिसे अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है, साथ ही यह बौद्ध और जैन धर्म का भी तीर्थ स्थल है। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/varanasi-men-guru-ravidasa-ke-650ven-jaynti-varsha-para-7-mahine-ke-samarasata-snkalpa-abhiyana-ka-agaja-11871 TrendKia — Har trend, sabse pehle.