{
  "type": "article",
  "title": "वायनाड के धान संरक्षक और पद्म श्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की उम्र में निधन, राहुल गांधी ने जताया दुख",
  "summary": "पारंपरिक धान की किस्मों और आदिवासी ज्ञान के संरक्षण के लिए पहचाने जाने वाले पद्म श्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। राहुल गांधी समेत तमाम लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।",
  "content": "केरल के वायनाड में देशी धान की किस्मों को सहेजने वाले और वहां की पारंपरिक कृषि विरासत के रक्षक माने जाने वाले पद्म श्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें स्थानीय स्तर पर आदर के साथ 'रामेत्तन' पुकारा जाता था। उन्होंने अपना पूरा जीवन प्राचीन आदिवासी कृषि पद्धतियों और बीजों की अनूठी संपदा को बचाने में समर्पित कर दिया था।\n\nराहुल गांधी ने जताया गहरा शोक\nइस दुखद समाचार पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त की। राहुल गांधी ने लिखा कि हमारे प्रिय रामेत्तन के निधन से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने आगे कहा कि चेरुवयल रमन ने वायनाड के स्थानीय धान बीजों के संरक्षण और पीढ़ियों पुराने आदिवासी ज्ञान को सुरक्षित रखने में अपनी जिंदगी लगा दी। इसके साथ ही उन्होंने वायनाड के लोगों के साथ शोक साझा करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।\n\nकौन थे चेरुवयल रमन और उनका योगदान\nचेरुवयल रमन को केरल में कृषि जगत का एक स्तंभ माना जाता था। वे पीढ़ियों से चले आ रहे दुर्लभ देशी बीजों की सुरक्षा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने आधुनिक रसायनों और हाइब्रिड बीजों के दौर में भी अपनी मिट्टी से जुड़ी पारंपरिक किस्मों को जीवित रखा। उनके इस असाधारण और निस्वार्थ प्रयास के कारण ही उन्हें वर्ष 2023 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया था। उनका काम केवल बीज संवारने तक सीमित नहीं था, बल्कि वे नई पीढ़ी को पर्यावरण और प्रकृति-सम्मत खेती का महत्व भी सिखाते रहे।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nउनकी विदाई पर आम नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। कई लोगों ने पारंपरिक बीजों के संरक्षण में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें देश का सच्चा नायक बताया, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने चर्चा की कि ऐसे गुमनाम नायकों के जीवन और ज्ञान का दस्तावेजीकरण पहले ही बड़े स्तर पर किया जाना चाहिए था।\n\nइसका आप पर असर\nपारंपरिक खेती और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में यह एक अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।\n\n• किसानों और शोधकर्ताओं के लिए: देशी धान की दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को अब संस्थागत सहयोग की अधिक आवश्यकता होगी। उनके द्वारा विकसित बीज संग्रह को आगे बढ़ाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों और स्थानीय समूहों को जिम्मेदारी उठानी होगी।\n• केरल और वायनाड में: क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी खेती का प्रमुख संरक्षक और मार्गदर्शक छिन गया है। स्थानीय कृषि समुदाय को उनकी विरासत और ज्ञान परंपरा को सहेजने के लिए नई पहल करनी होगी।\n• पर्यावरण और जैव विविधता: प्राचीन बीजों की सुरक्षा की दिशा में जागरूकता बढ़ेगी। इससे आधुनिक कृषि में देशी किस्मों के महत्व पर पुनः विमर्श शुरू होने की संभावना है।\n• आम नागरिकों के लिए: पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती के महत्व को समझने की प्रेरणा मिलेगी। यह संदेश व्यापक स्तर पर जाएगा कि पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण खाद्य सुरक्षा के लिए कितना आवश्यक है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चेरुवयल रमन कौन थे?\nचेरुवयल रमन केरल के वायनाड के एक प्रमुख किसान और पारंपरिक धान संरक्षक थे, जिन्हें प्यार से 'रामेत्तन' कहा जाता था।\n\n2. उनका निधन किस उम्र में हुआ?\nउनका निधन 74 वर्ष की आयु में 14 अक्टूबर 2026 को हुआ।\n\n3. उन्हें पद्म श्री सम्मान कब मिला था?\nउन्हें पारंपरिक धान बीजों के संरक्षण और आदिवासी ज्ञान को बचाने के लिए जनवरी 2023 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।\n\n4. राहुल गांधी ने उनके निधन पर क्या कहा?\nराहुल गांधी ने दुख जताते हुए कहा कि चेरुवयल रमन ने अपना जीवन देशी धान और आदिवासी ज्ञान को सुरक्षित रखने में समर्पित कर दिया।\n\nनेता परिचय: राहुल गांधी\n• पद: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष\n• जन्म: 19 जून 1970, नई दिल्ली\n• पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस\n• शिक्षा: ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज से एमफिल\n\n2024 से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष (2017–19)। नेहरू-गांधी परिवार से; रायबरेली से सांसद।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• महासचिव, कांग्रेस (2007–2013)\n• उपाध्यक्ष, कांग्रेस (2013–2016)\n• अध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (2017–2019)\n• भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व (2022–2023)\n• लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (2024 से)\n\nरोचक तथ्य\n• राजनीति से पहले लंदन में मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में काम किया।\n• मार्शल आर्ट्स का अभ्यास करते हैं और विपश्यना ध्यान करते हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/neta-ji/vayanada-ke-dhana-snrakshaka-aura-padma-shri-cheruvayala-ramana-ka-74-varsha-ki-umra-men-nidhana-rahula-gandhi-ne-jataya-dukha-47392",
  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-10-14",
  "tags": [
    "RahulGandhi"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}