वायंग कुलित की छाया में जीवंत हुई रामायण, पीएम मोदी ने इंडोनेशिया यात्रा का अनुभव साझा किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इंडोनेशिया की पारंपरिक छाया कठपुतली कला वायंग कुलित की प्रस्तुति देखने का अनुभव साझा किया, जिसमें रामायण की कहानी दिखाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट से एक पोस्ट करते हुए इंडोनेशिया की प्रसिद्ध छाया कठपुतली कला वायंग कुलित की एक प्रस्तुति देखने का अपना अनुभव साझा किया। इस प्रस्तुति में रामायण की सदियों पुरानी कहानी को जीवंत रूप में पेश किया गया। वायंग कुलित में दिखी रामायण की झलक नरेंद्र मोदी ने लिखा कि उन्होंने वायंग कुलित की एक बेहद आकर्षक प्रस्तुति देखी, जिसे उन्होंने इंडोनेशिया की एक संजोई हुई परंपरा बताया। इस पारंपरिक कला रूप के जरिए कलाकारों ने रामायण की कालजयी गाथा को मंच पर उतारा। उन्होंने इसे एक भावुक कर देने वाला अनुभव बताया। सदियों और समंदर पार करती साझा विरासत अपनी पोस्ट में नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह प्रस्तुति इस बात की याद दिलाती है कि किस तरह भारत और इंडोनेशिया की साझा सभ्यतागत विरासत ने समंदर और पीढ़ियों की दूरी तय की है। उनके मुताबिक, यह विरासत यात्रा करते हुए अलग अलग रूप और रंग अपनाती गई, लेकिन इसकी जड़ें एक ही रहीं। नरेंद्र मोदी ने इसे भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव की एक मिसाल के तौर पर पेश किया। जनता की प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा एक गर्व का पल बताया। ज्यादातर यूजर्स ने पोस्ट की सराहना की, हालांकि किसी खास आलोचना या विवाद वाली प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई। इसका आप पर असर सांस्कृतिक जुड़ाव: यह घटना भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्तों को उजागर करती है, जो दोनों देशों के बीच पर्यटन, कूटनीतिक संबंधों और आपसी समझ को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। सवाल-जवाब 1. नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया? उन्होंने इंडोनेशिया की पारंपरिक छाया कठपुतली कला वायंग कुलित की एक प्रस्तुति देखने का अपना अनुभव साझा किया, जिसमें रामायण की कहानी दिखाई गई थी। 2. वायंग कुलित क्या है? वायंग कुलित इंडोनेशिया की एक संजोई हुई परंपरागत छाया कठपुतली कला है, जिसके जरिए पौराणिक कहानियां मंच पर प्रस्तुत की जाती हैं। 3. इस प्रस्तुति में कौन सी कहानी दिखाई गई? इस प्रस्तुति में रामायण की कालजयी गाथा को जीवंत रूप में दिखाया गया। 4. नरेंद्र मोदी ने इस अनुभव को कैसा बताया? उन्होंने इसे एक भावुक कर देने वाला और यह याद दिलाने वाला अनुभव बताया कि भारत और इंडोनेशिया की साझा सभ्यतागत विरासत समंदर और पीढ़ियों की दूरी तय करती आई है। 5. इस पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही? पोस्ट पर सोशल मीडिया पर ज्यादातर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और लोगों ने इसे सांस्कृतिक गर्व का पल बताया। नेता परिचय: नरेंद्र मोदी • पद: भारत के प्रधानमंत्री • जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: राजनीति विज्ञान में एमए 2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक • गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014) • भारत के प्रधानमंत्री (2014 से) • 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया • स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया रोचक तथ्य • चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने। • 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया। https://trendkia.com/neta-ji/vaynga-kulita-ki-chhaya-men-jivnta-hui-ramayana-piema-modi-ne-indoneshiya-yatra-ka-anubhava-sajha-kiya-5225 TrendKia — Har trend, sabse pehle.