विकसित भारत का निर्माण मजबूत वैज्ञानिक नींव और नवाचार पर होगा: नई दिल्ली में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि देश का भविष्य वैज्ञानिक अनुसंधान, नई खोजों और नवाचार की भावना पर टिका होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए देश के तकनीकी और वैज्ञानिक भविष्य को लेकर अपनी विजन रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मजबूत और विकसित भारत की परिकल्पना केवल तभी साकार हो सकती है जब वैज्ञानिक अनुसंधान, नई खोजों और नवाचार के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस आयोजन के दौरान देश की शोध क्षमताओं को विस्तार देने और युवाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। विज्ञान और नवाचार से तय होगी देश की दिशा आयोजन के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई कि भारत को वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए विज्ञान और तकनीक का सही तालमेल जरूरी है। अंतरिक्ष तकनीक, डिजिटल पब्लिक गुड्स और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में देश ने जो प्रगति हासिल की है, वह वैज्ञानिक संस्कृति और दूरदर्शी सोच का परिणाम है। विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का मानना है कि इस तरह के सम्मेलनों से कृषि, शिक्षा और विनिर्माण जैसे अहम क्षेत्रों को नई दिशा मिलती है। सरकार का यह प्रयास है कि प्रयोगशालाओं में होने वाले हर शोध का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे और देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़े। अनुसंधान और विकास पर बढ़ते निवेश की जरूरत वैज्ञानिक प्रगति और नवाचार को गति देने के लिए अनुसंधान एवं विकास यानी R&D पर निवेश बढ़ाने को लेकर देश में लगातार चर्चा हो रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP का लगभग 0.8 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र पर खर्च करता है, जो पिछले वर्षों में सुधार के बाद इस स्तर तक पहुंचा है। हालांकि वैश्विक स्तर पर चीन, अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे देश इस मोर्चे पर अपनी जीडीपी का बड़ा हिस्सा खर्च कर रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि देश में शोध कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों और बुनियादी ढांचा को और मजबूत करने की गुंजाइश अभी बनी हुई है। जनता की प्रतिक्रिया इस सम्मेलन और प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। जहां कई नागरिकों ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने अनुसंधान बजट और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को लेकर भी चर्चा की। इसका आप पर असर इस पहल से देश भर में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी शिक्षा और आधुनिक विनिर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। • देशभर में: छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए प्रयोगशालाओं में नए अवसर खुलेंगे, जिससे उच्च शिक्षा और नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर गति मिलेगी। • नई दिल्ली में: राजधानी और आसपास के शैक्षणिक संस्थानों में विज्ञान आधारित आयोजनों और तकनीकी मेलों का दायरा बढ़ेगा। सवाल-जवाब 1. यह सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था? यह सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। 2. सम्मेलन का मुख्य विषय क्या था? सम्मेलन का मुख्य विषय वैज्ञानिक अनुसंधान, नई खोजों और नवाचार की भावना के जरिए विकसित भारत का निर्माण करना था। 3. भारत अनुसंधान और विकास पर अपनी जीडीपी का कितना हिस्सा खर्च करता है? आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी जीडीपी का लगभग 0.8 प्रतिशत हिस्सा अनुसंधान और विकास पर खर्च करता है। 4. इस पहल से किन क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है? इससे कृषि, शिक्षा और विनिर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। नेता परिचय: नरेंद्र मोदी • पद: भारत के प्रधानमंत्री • जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: राजनीति विज्ञान में एमए 2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक • गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014) • भारत के प्रधानमंत्री (2014 से) • 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया • स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया रोचक तथ्य • चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने। • 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया। https://trendkia.com/neta-ji/vikasita-bharata-ka-nirmana-majabuta-vaijnanika-ninva-aura-navachara-para-hoga-new-delhi-men-bole-pradhanamntri-narendra-modi-52229 TrendKia — Har trend, sabse pehle.