# वंशवादी राजनीति पर योगी आदित्यनाथ का सीधा हमला, गरीबों के उत्थान को लेकर कही बड़ी बात

> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर परिवारवादी दलों पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि केवल अपने परिवार के बारे में सोचने वाले लोग कभी भी गरीबों और वंचितों की भलाई नहीं सोच सकते।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/vnshavadi-rajaniti-para-yogi-adityanatha-ka-sidha-hamala-garibon-ke-utthana-ko-lekara-kahi-bari-bata-58073 · **Language:** Hindi
**Tags:** myogiadityanath

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री **योगी आदित्यनाथ** ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखा बयान जारी करते हुए वंशवादी राजनीतिक दलों पर कड़ा प्रहार किया है। उनका कहना है कि जो लोग हमेशा सिर्फ अपने निजी और पारिवारिक हितों के दायरे में सोचते आए हैं, उनसे यह उम्मीद करना ही बेमानी है कि वे समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े गरीबों, दलितों और वंचित तबके के कल्याण के लिए कोई गंभीर प्रयास करेंगे। इस तरह की अपेक्षा रखना किसी दिवास्वप्न के समान है।

 

## 2017 से पहले के हालात और बदलाव

अपने आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए संदेश में **योगी आदित्यनाथ** ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की राजनीतिक व्यवस्था में यह उदासीन रवैया मुख्य रूप से वर्ष 2017 से पहले आम बात हुआ करती थी। उस दौर में वंचित समुदायों और उपेक्षित वर्गों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। सत्ता में बैठे लोग केवल अपने करीबियों और परिवार के विकास तक ही सीमित रहते थे, जिसके कारण समाज का एक बड़ा हिस्सा दशकों तक बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रखा गया।

 

## वनटांगिया समाज का उत्थान और संकल्प

बयान में आगे कहा गया कि वर्तमान सरकार ने दशकों से उपेक्षित रहे **वनटांगिया समाज** के उत्थान और उनके जीवन में वास्तविक खुशहाली लाने का दृढ़ संकल्प लिया है। इसी संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि समाज के इन अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाया जा सके। सरकार की प्राथमिकता में वे लोग हमेशा रहे हैं जिन्हें पिछली व्यवस्थाओं में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया था।

 

## जनता की प्रतिक्रिया

इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कई लोगों ने सरकार के विकास कार्यों और दीपावली की शुभकामनाओं का समर्थन किया, तो वहीं कुछ नागरिकों ने अपनी स्थानीय समस्याओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित कराया।

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## इसका आप पर असर
इस बयान का सीधा असर राजनीतिक बहसों और सामाजिक कल्याण की प्राथमिकताओं पर पड़ता है, जिससे आम जनता के बीच शासन की प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा तेज होती है।

- **उत्तर प्रदेश में:** स्थानीय नागरिकों और वंचित वर्गों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर सीधी चर्चा होती है।
- **आम जनता के लिए:** यह बयान नीतिगत प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर मतदाताओं की सोच को प्रभावित करता है।
- **राजनीतिक स्तर पर:** विभिन्न दलों के बीच परिवारवाद बनाम विकास के मुद्दों पर वैचारिक बहस तेज होती है।
- **समुदाय विशेष के लिए:** वनटांगिया जैसे हाशिए के समाजों को मिलने वाले प्रशासनिक ध्यान और योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद बंधती है।
- **दैनिक जीवन पर:** शासन की प्राथमिकताओं में बदलाव से जमीनी स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं और प्रशासनिक पहुंच पर असर पड़ता है।

## सवाल-जवाब

### 1. योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में किस मुख्य मुद्दे पर बात की है?
उन्होंने परिवारवादी राजनीति और गरीबों के प्रति दलों की उदासीनता पर निशाना साधा है।

### 2. किस वर्ष से पहले के दौर का जिक्र किया गया है?
बयान में वर्ष 2017 से पहले की राजनीतिक व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।

### 3. किन समुदायों के उत्थान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है?
वनटांगिया समाज, गरीबों, दलितों और वंचितों के उत्थान की बात कही गई है।

### 4. यह बयान किस प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया?
यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया गया है।

## नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ
- **पद:** उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
- **जन्म:** 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** गणित में बीएससी

2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार)
- गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से)
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से)
- लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री
- हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की

### रोचक तथ्य
- 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने।
- राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने।


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