योगी आदित्यनाथ का बड़ा भरोसा: फसल सर्वे के बाद ही मिलेगी किसानों को राहत राशि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि खराब हुई फसलों का सर्वे कराया जाएगा और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों को राहत दी जाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए भरोसा दिलाया है कि खराब हुई फसलों का सर्वे कराया जाएगा और उसी सर्वे के आधार पर किसानों को राहत दी जाएगी। उन्होंने अपने एक्स हैंडल से लिखा कि सरकार फसल का सर्वे करवाएगी और उसके नतीजों के हिसाब से राहत उपलब्ध कराने का काम करेगी। यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बाढ़ की वजह से किसानों की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। पोस्ट में क्या कहा गया पोस्ट में सीधे तौर पर कहा गया है कि प्रशासन पहले फसल के नुकसान का आकलन कराएगा। इसके बाद सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों तक राहत राशि पहुंचाने का इंतजाम किया जाएगा। पोस्ट में यह भी साफ संकेत है कि सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राहत बांटने का काम शुरू होगा, ताकि असल में नुकसान झेलने वाले किसान तक सही मदद पहुंच सके और गलत दावों की गुंजाइश कम रहे। फसल नुकसान की पृष्ठभूमि यह बयान ऐसे वक्त आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की वजह से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। चंदौली में बाढ़ से हजारों हेक्टेयर खेती चौपट होने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद वहां के सांसद ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर राहत, मुआवजे और नदी की सफाई की मांग की थी। ऐसे हालात में किसान संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार सरकार से जल्द सर्वे और मुआवजे की मांग करते रहे हैं। मुआवजे को लेकर पहले से क्या व्यवस्था है देश में फसल खराब होने पर आमतौर पर राज्य सरकारें प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता राशि तय करती हैं, कई राज्यों में यह मदद 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक भी पहुंच चुकी है। हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री ने भी मौसम की मार से प्रभावित किसानों के लिए फसल नुकसान का तुरंत सर्वे कराने के निर्देश दिए थे। इससे साफ है कि प्राकृतिक आपदा के बाद पहले सर्वे और फिर उसी आधार पर मुआवजा तय करने का तरीका कई राज्यों में अपनाया जा रहा है। जनता की प्रतिक्रिया पोस्ट पर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ यूजर्स ने सर्वे और मुआवजे के फैसले का स्वागत किया और इसे किसानों के हित में जरूरी कदम बताया, वहीं कई लोगों ने पिछले बीमा दावों में देरी और सर्वे की धीमी रफ्तार को लेकर सवाल भी उठाए और सरकार से जल्द व पारदर्शी कार्रवाई की मांग की। इसका आप पर असर अगर आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं और आपकी फसल हाल में बाढ़ या खराब मौसम से प्रभावित हुई है, तो आपको आने वाले दिनों में सरकारी सर्वे टीम से संपर्क करना पड़ सकता है। • भारत में: कई राज्यों में फसल नुकसान पर प्रति हेक्टेयर सहायता राशि तय है, कहीं यह 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक जाती है, इसलिए किसानों को अपने नुकसान का रिकॉर्ड और फोटो जरूर रखने चाहिए ताकि सर्वे में दावा साबित करना आसान हो। • उत्तर प्रदेश में: चंदौली जैसे बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों को सर्वे पूरा होने तक इंतजार करना होगा, राहत राशि सीधे सर्वे रिपोर्ट पर निर्भर करेगी इसलिए स्थानीय लेखपाल और तहसील से संपर्क बनाए रखना जरूरी होगा। • किसान संगठनों के लिए: सर्वे में देरी को लेकर पहले भी शिकायतें रही हैं, इसलिए संगठनों को समयसीमा तय कराने और पारदर्शी सर्वे सुनिश्चित कराने पर जोर देना चाहिए। • स्थानीय प्रशासन के लिए: डीएम और तहसील स्तर के अधिकारियों पर सर्वे जल्द पूरा करने का दबाव बढ़ेगा क्योंकि मुख्यमंत्री ने खुद सार्वजनिक रूप से भरोसा दिलाया है। सवाल-जवाब 1. योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर क्या कहा? उन्होंने कहा कि फसल का सर्वे कराया जाएगा और सर्वे के आधार पर किसानों को राहत दी जाएगी। 2. यह बयान किस संदर्भ में आया? यह बयान राज्य में बाढ़ और खराब मौसम से फसलों को हुए नुकसान के बाद आया है। 3. चंदौली में क्या हुआ था? चंदौली में बाढ़ से हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई थी, जिसके बाद सांसद ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर राहत मांगी थी। 4. किसानों को राहत राशि कब मिलेगी? सर्वे पूरा होने के बाद उसकी रिपोर्ट के आधार पर राहत राशि तय होगी, अभी सटीक तारीख नहीं बताई गई है। 5. फसल नुकसान पर आमतौर पर कितनी सहायता मिलती है? कई राज्यों में यह सहायता प्रति हेक्टेयर 22,500 रुपये तक पहुंच चुकी है, हालांकि सटीक राशि राज्य और नुकसान पर निर्भर करती है। 6. क्या अन्य राज्यों में भी ऐसे कदम उठाए गए हैं? हां, बिहार के मुख्यमंत्री ने भी हाल में मौसम से प्रभावित किसानों के लिए फसल नुकसान का तुरंत सर्वे कराने के निर्देश दिए थे। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/yogi-adityanatha-ka-bara-bharosa-phasala-sarve-ke-bada-hi-milegi-kisanon-ko-rahata-rashi-28550 TrendKia — Har trend, sabse pehle.