योगी आदित्यनाथ ने बाबू जगजीवन राम को दी श्रद्धांजलि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व उप-प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने बाबूजी के सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के लिए किए गए संघर्षों को नमन किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए महान स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व उप-प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम को उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री ने बाबू जगजीवन राम के जीवन को सामाजिक न्याय और समाज में समरसता स्थापित करने के लिए एक मिसाल बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए बाबूजी ने जो समर्पण दिखाया, वह आज की पीढ़ी के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है। कौन थे जगजीवन राम बाबू जगजीवन राम, जिन्हें आमजन और समर्थक प्यार से 'बाबूजी' कहकर पुकारते थे, भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बेहद प्रभावशाली नाम रहे हैं। वे भारत के प्रथम दलित उप-प्रधानमंत्री थे और देश के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते थे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही थी और वे संविधान सभा के उन चुनिंदा सदस्यों में शामिल थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत के संविधान के निर्माण में अपना योगदान दिया था। उन्हें विशेष रूप से समाज के दबे-कुचले और उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके अधिकारों के लिए निरंतर आवाज उठाने वाले नेता के रूप में याद किया जाता है। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में यह स्पष्ट किया कि बाबू जगजीवन राम के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति किए गए कार्य सदैव अनुकरणीय बने रहेंगे। उन्होंने न केवल सत्ता के गलियारों में रहकर बल्कि जमीन से जुड़कर आम आदमी की समस्याओं को समझा। उनका संपूर्ण जीवन सेवा भाव और समाज सुधार के प्रति समर्पित था। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाने वाला एक स्तंभ करार दिया है। जनता की प्रतिक्रिया इस पोस्ट पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने बाबू जगजीवन राम के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है, जबकि कुछ लोगों ने इसे सरकारी योजनाओं और मानदेय जैसे सामाजिक मुद्दों को उठाने का जरिया भी बनाया। अधिकांश लोगों ने बाबूजी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय का सच्चा योद्धा बताया। सवाल-जवाब 1. बाबू जगजीवन राम कौन थे? बाबू जगजीवन राम एक महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत के प्रथम दलित उप-प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने संविधान सभा के सदस्य के रूप में भी कार्य किया था। 2. योगी आदित्यनाथ ने क्या संदेश दिया? योगी आदित्यनाथ ने बाबू जगजीवन राम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए उनके सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के उत्थान में दिए गए योगदान को याद किया। 3. बाबू जगजीवन राम के मुख्य योगदान क्या थे? वे संविधान सभा का हिस्सा थे और उन्होंने आजीवन समाज के पिछड़े वर्गों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया। 4. बाबू जगजीवन राम का उपनाम क्या था? बाबू जगजीवन राम को प्यार से 'बाबूजी' के नाम से संबोधित किया जाता था। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/yogi-adityanatha-ne-babu-jagajivana-rama-ko-di-shraddhanjali-5070 TrendKia — Har trend, sabse pehle.