# आत्मसमर्पित माओवादियों के इनपुट पर ओडिशा पुलिस का बड़ा एक्शन, मथिली में हथियार और आईईडी का जखीरा जब्त

> ओडिशा के मलकानगिरी जिले में मथिली थाना क्षेत्र से पुलिस ने हथियारों, आईईडी और दस्तावेजों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों की जानकारी पर यह कार्रवाई की गई।

**Type:** article · **Category:** ओडिशा · **Published:** 2026-08-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/odisha/atmasamarpita-maovadiyon-ke-inaputa-para-odisha-pulisa-ka-bara-ekshana-mathili-men-hathiyara-aura-aiidi-ka-jakhira-jabta-22389 · **Language:** Hindi
**Tags:** ओडिशा पुलिस, मलकानगिरी, माओवादी हथियार डंप, मथिली, विनोद पाटिल एच, भाकपा माओवादी, आईईडी बरामदगी

ओडिशा के मलकानगिरी जिले में सुरक्षा बलों को माओवाद विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बुधवार को छत्तीसगढ़ सीमा के पास स्थित मथिली थाना क्षेत्र में एक गुप्त माओवादी ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा जब्त किया। यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चलाई गई एक विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई।

## बरामदगी और संदिग्ध संगठन की जानकारी
मलकानगिरी के पुलिस अधीक्षक विनोद पाटिल एच ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, आईईडी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। पुलिस को अंदेशा है कि यह पूरा जखीरा प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष जोनल कमेटी (एओबीएसजेडसी) के कैडरों द्वारा छिपाकर रखा गया था।

## मलकानगिरी में माओवाद विरोधी अभियानों का असर
जिले की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनवरी 2025 से इस साल 31 मार्च के बीच 2 कैडरों की गिरफ्तारी और 23 अन्य माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद मलकानगिरी माओवादी मुक्त हो गया है। इलाके में नक्सलियों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है।

## लगातार जारी हैं तलाशी अभियान
इससे पहले इसी साल जून के महीने में भी मलकानगिरी में तीन बड़े माओवादी ठिकानों की खोज की गई थी, जहां से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए थे। ओडिशा पुलिस का कहना है कि जंगलों में छिपे अन्य संभावित हथियारों के डंप और ठिकानों को तलाशने के लिए नियमित रूप से कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रखे जाएंगे।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** नक्सल विरोधी अभियानों में मिल रही इस तरह की सफलताओं से देश के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य में सुधार आता है और वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव तेजी से घटता है।
- **ओडिशा और मलकानगिरी में:** पुलिस द्वारा हथियार डंप और माओवादी ठिकानों को लगातार नष्ट किए जाने से स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों के लिए सुरक्षा का माहौल मजबूत होता है।

## सवाल-जवाब

### 1. ओडिशा पुलिस ने मलकानगिरी में क्या बरामद किया है?
पुलिस ने मथिली थाना क्षेत्र के एक गुप्त माओवादी ठिकाने से हथियार, गोला-बारूद, आईईडी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।

### 2. यह माओवादी हथियार डंप किस संगठन से जुड़ा बताया जा रहा है?
अधिकारियों के अनुसार, यह हथियार डंप प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष जोनल कमेटी (एओबीएसजेडसी) के कैडर का होने की आशंका है।

### 3. पुलिस को इस गुप्त ठिकाने की जानकारी कैसे मिली?
आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से पूछताछ में मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ सीमा के पास तलाशी अभियान चलाया था।

### 4. मलकानगिरी जिला माओवादी मुक्त कब घोषित हुआ?
एसपी विनोद पाटिल एच के मुताबिक, जनवरी 2025 से 31 मार्च के बीच 2 कैडरों की गिरफ्तारी और 23 माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद मलकानगिरी माओवादी मुक्त हो गया है।

### 5. क्या मलकानगिरी में पहले भी ऐसे हथियार डंप मिले हैं?
हां, इसी साल जून में पुलिस ने मलकानगिरी में माओवादियों के तीन बड़े ठिकानों की पहचान की थी, जहां से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए थे।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._